15 साल के वैभव सूर्यवंशी की उप कप्तानी में खेलेंगे 35 साल के मोहम्मद शमी, 23 अगस्त को मुकाबला
Shami plays under Vaibhav sooryavanshi vice captaincy: दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन की टीम घोषित हो गई है. चयनकर्ताओं ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उप-कप्तान बनाकर हर किसी को हैरान कर दिया है. ईशान किशन की अगुआई वाली इस टीम में 35 वर्षीय दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं, जो अब वैभव की उप कप्तानी में मैदान पर उतरेंगे. आगामी 23 अगस्त को नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ होने वाले मुकाबले से ईस्ट जोन अपने अभियान की शुरुआत करेगी.
Sawan 2026: सावन में कैसे करें भोलेनाथ की सच्ची पूजा? जानें भगवान शिव को कौन सी चीजें हैं सबसे ज्यादा प्रिय
Sawan 2026: पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ ही चारों तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। सनातन धर्म में सावन के महीने को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दौरान की गई थोड़ी सी भी पूजा से भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव दुनिया के सबसे भोले देवता हैं और वे सच्चे मन से अर्पित की गई एक लोटा जल से ही अपने भक्तों पर कृपा बरसा देते हैं।
शिवजी को बेहद प्रिय हैं ये चीजें
यदि आप सावन के सोमवार या इस पूरे महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा कर रहे हैं, तो इन चीजों को पूजा में जरूर शामिल करें:
- बेलपत्र (Bilva Patra): शिव पुराण के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय है। तीन पत्तियों वाला साफ और बिना कटा-फटा बेलपत्र अर्पित करने से महादेव बेहद प्रसन्न होते हैं।
- धतूरा और आक के फूल: भोलेनाथ को धतूरा और मदार (आक) के फूल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। यह प्रतीक है कि भगवान हर तरह की वस्तु को सहर्ष स्वीकार करते हैं।
- भस्म और चंदन: पूजा के दौरान शिवलिंग पर भस्म और सफेद चंदन का त्रिपुंड लगाना चाहिए। इससे मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- कच्चा दूध और गंगाजल: शिवलिंग का अभिषेक हमेशा साफ जल, गंगाजल और कच्चे दूध से करना चाहिए। इसके साथ ही शहद, दही और घी से पंचामृत स्नान कराना भी उत्तम फल देता है।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
शिवलिंग पर पूजा करते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, कुमकुम या सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है, क्योंकि यह माता पार्वती को अर्पित किया जाता है। इसके अलावा, पूजा के दौरान केतकी के फूल का इस्तेमाल वर्जित माना गया है। सच्चे मन, साफ नीयत और सात्विक भाव के साथ की गई शिव आराधना जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। कोई भी उपाय या पूजा-पाठ करने से पहले संबंधित क्षेत्र के किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
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