Variable Cycle Engine तकनीक छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के लिए अहम, General Electric का प्रयास
वेरिएबल साइकिल इंजन (Variable Cycle Engines) भविष्य के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में उभर रहे हैं। ये इंजन युद्धक विमानों को अभूतपूर्व प्रदर्शन, बढ़ी हुई थ्रस्ट (धक्का) और बेहतर ईंधन दक्षता प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।
जनरल इलेक्ट्रिक का XA100 इंजन
अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (General Electric) इस क्षेत्र में अग्रणी है और उसने अपने XA100 इंजन का सफलतापूर्वक विकास किया है। यह इंजन न केवल बेहतर प्रदर्शन प्रदान करता है, बल्कि इसका थर्मल सिग्नेचर (ऊष्मीय हस्ताक्षर) भी काफी कम है, जो लड़ाकू विमानों की स्टील्थ (रडार से बचने की क्षमता) क्षमताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यूरोपीय देशों की पहल
केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोपीय देश भी भविष्य के लड़ाकू विमानों के लिए इसी तरह की एडप्टिव प्रोपल्शन (अनुकूली प्रणोदन) प्रणालियों के विकास में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। यह वैश्विक स्तर पर वायु सेनाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वायु श्रेष्ठता बनाए रखने में भूमिका
यह उन्नत प्रणोदन तकनीक आने वाले वर्षों में वैश्विक हवाई श्रेष्ठता (air superiority) बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन इंजनों की क्षमताएं भविष्य के हवाई युद्ध के परिदृश्य को नया आकार देने का वादा करती हैं।
OpenAI और Anthropic AI आउटपुट का चीनी सेना ने रक्षा प्रणालियों के लिए किया उपयोग
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन की सेना और उससे जुड़े संस्थानों ने अपनी रक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आउटपुट का इस्तेमाल किया है। रॉयटर्स की एक विस्तृत समीक्षा में 80 से अधिक चीनी शोध पत्रों और पेटेंटों का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चलता है कि चीन की सैन्य-संबंधित संस्थाएं घरेलू AI सिस्टम विकसित करने के लिए इन बाहरी AI मॉडलों से प्राप्त जानकारी का उपयोग कर रही हैं।
AI का रक्षा क्षेत्र में बढ़ता उपयोग
यह तकनीक, जिसे 'मॉडल डिस्टिलेशन' के नाम से जाना जाता है, चीन को निगरानी, साइबर युद्ध और युद्धक्षेत्र अनुप्रयोगों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी AI क्षमताओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तकनीकी तनाव के इस दौर में, यह खुलासा दोनों देशों के बीच AI के विकास और सैन्य अनुप्रयोगों को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा को और उजागर करता है।
घरेलू AI सिस्टम का निर्माण
रिपोर्टों से यह भी संकेत मिलता है कि चीन अपनी प्रमुख AI प्रौद्योगिकियों के विकास में आत्मनिर्भरता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। OpenAI और Anthropic जैसे पश्चिमी AI मॉडलों से प्राप्त आउटपुट का उपयोग करके, चीनी शोधकर्ता और सैन्य डेवलपर्स अपने स्वयं के AI सिस्टम को प्रशिक्षित और परिष्कृत कर रहे हैं। यह प्रक्रिया उन्हें विदेशी निर्भरता को कम करने और अपनी विशेष सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में सक्षम बनाती है।
तकनीकी प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा
यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर AI के सैन्यीकरण और संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करता है। जैसे-जैसे AI तकनीकें अधिक उन्नत होती जा रही हैं, वैसे-वैसे विभिन्न देश अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इनका लाभ उठाने के तरीके खोज रहे हैं। इस संदर्भ में, चीन द्वारा OpenAI और Anthropic के AI आउटपुट का उपयोग एक महत्वपूर्ण विकास है जो भविष्य की तकनीकी और सैन्य प्रतिस्पर्धा की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की चिंताएं
यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे वैश्विक AI विकास का उपयोग विभिन्न देशों द्वारा अपनी रणनीतिक और रक्षात्मक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी प्रतिद्वंद्विता के इस माहौल में, AI का सैन्य अनुप्रयोग एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है, और इस तरह के खुलासे भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रतिस्पर्धा के परिदृश्य को और जटिल बना सकते हैं।
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