Sawan 2026: सावन में कैसे करें भोलेनाथ की सच्ची पूजा? जानें भगवान शिव को कौन सी चीजें हैं सबसे ज्यादा प्रिय
Sawan 2026: पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ ही चारों तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। सनातन धर्म में सावन के महीने को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दौरान की गई थोड़ी सी भी पूजा से भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव दुनिया के सबसे भोले देवता हैं और वे सच्चे मन से अर्पित की गई एक लोटा जल से ही अपने भक्तों पर कृपा बरसा देते हैं।
शिवजी को बेहद प्रिय हैं ये चीजें
यदि आप सावन के सोमवार या इस पूरे महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा कर रहे हैं, तो इन चीजों को पूजा में जरूर शामिल करें:
- बेलपत्र (Bilva Patra): शिव पुराण के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय है। तीन पत्तियों वाला साफ और बिना कटा-फटा बेलपत्र अर्पित करने से महादेव बेहद प्रसन्न होते हैं।
- धतूरा और आक के फूल: भोलेनाथ को धतूरा और मदार (आक) के फूल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। यह प्रतीक है कि भगवान हर तरह की वस्तु को सहर्ष स्वीकार करते हैं।
- भस्म और चंदन: पूजा के दौरान शिवलिंग पर भस्म और सफेद चंदन का त्रिपुंड लगाना चाहिए। इससे मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- कच्चा दूध और गंगाजल: शिवलिंग का अभिषेक हमेशा साफ जल, गंगाजल और कच्चे दूध से करना चाहिए। इसके साथ ही शहद, दही और घी से पंचामृत स्नान कराना भी उत्तम फल देता है।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
शिवलिंग पर पूजा करते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, कुमकुम या सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है, क्योंकि यह माता पार्वती को अर्पित किया जाता है। इसके अलावा, पूजा के दौरान केतकी के फूल का इस्तेमाल वर्जित माना गया है। सच्चे मन, साफ नीयत और सात्विक भाव के साथ की गई शिव आराधना जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। कोई भी उपाय या पूजा-पाठ करने से पहले संबंधित क्षेत्र के किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
Shravani Mela 2026: श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के लिए सरकार का खास इंतजाम, सुरक्षा से सुविधा तक पूरी तैयारी
Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले के दौरान देवघर के बाबा वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) ने इस बार कई नई और बेहतर व्यवस्थाएं की हैं. देवघर के कोठिया और बासुकीनाथ में टेंट सिटी बनाई गई है, जहां करीब 5,000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है.
टेंट सिटी में मिल रही जरूरी सुविधाएं
टेंट सिटी में साफ-सफाई, शौचालय, पीने का पानी, बिजली, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और साफ बिस्तरों की सुविधा दी गई है. इससे कांवड़िए आराम कर सकेंगे और अपनी थकान दूर कर पाएंगे. इस बार पहली बार श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा के लिए क्लॉक रूम भी बनाया गया है, ताकि उन्हें अपना सामान लेकर चिंता न करनी पड़े.
मनोरंजन और सुरक्षा पर भी जोर
श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए शिवलोक में झारखंड की संस्कृति और पर्यटन स्थलों की झलक दिखाई जा रही है. पूरे मेले के दौरान स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं. पहली बार चार ड्रोन शो का भी आयोजन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगा.
सफाई और निगरानी की मजबूत व्यवस्था
निगम ने बाथरूम और आसपास की लगातार सफाई के लिए विशेष व्यवस्था की है. सभी प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे जिला कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हर साल मिले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर माहौल मिल सके.
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