Gayatri Jayanti 2026: 24 या 25 जून, गायत्री जयंती कब मनाई जाएगी? नोट कर लें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Gayatri Jayanti 2026: हिंदू धर्म में माता गायत्री को ब्रह्मा जी की पत्नी और जगत जननी माना जाता है. गायत्री मंत्र का महामंत्र और सबसे शक्तिशाली मंत्र बताया गया है. वेदमाता गायत्री को ब्रह्मा, सरस्वती और माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. इनकी पूजा करने से विद्या, बुद्धि और सुख-समृद्धि प्राप्त होते हैं. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हर साल माता गायत्री का जयंती पर्व मनाया जाता है. इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत भी रखा जाता है. गायत्री माता में ब्रह्मा जी के सभी गुए हैं. इनके जयंती पर्व पर इनकी पूजा करने और गायत्री मंत्र का जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है. आइए जानते हैं गायत्री जयंती के दिन किस मुहूर्त में पूजा करना चाहिए.
कब है गायत्री जयंती पर्व? (Gayatri Jayanti Kab Hai)
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर शुरु होगी. तिथि का समापन 25 जून को रात 08 बजकर 09 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस साल 25 जून 2026 को गायत्री जयंती पर्व मनाना बेहद शुभ होगा, क्योंकि इस दिन निर्जला एकादशी व्रत भी है.
गायत्री जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त (Gayatri Jayanti Puja Shubh Muhurat)
25 जून 2026, गुरुवार के दिन शुभ मुहूर्त में माता गायत्री की पूजा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा. सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी. 25 जून को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.11 मिनट से 04.59 मिनट तक रहेगा, इसमें स्नान कर व्रत कर पूजा और व्रत का संकल्प लें.इसके बाद अमृत काल सुबह 06.46बजे से सुबह 08.32 मिनट तक. और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.02 बजे से दोपहर 12.56 मिनट तक रहेगा. इन दो मुहूर्त में पूजा करना बेहद शुभ होगा.
गायत्री जयंती पूजा विधि ( Gayatri Jayanti 2026 Puja Vidhi)
25 जून को सूर्योदय से पहले स्नान कर पूजा और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद उत्तर-पूर्व दिशा में एक चौकी बिछाकर, उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. चौकी पर माता गायत्री के श्रीविग्रह या चित्र की स्थापना करें. माता गायत्री के सामने घी का दीपक जलाएं और धूपबत्ती जलाएं. इसके बाद गंगाजल से उनका अभिषेक करें. रोली से टीका कर अक्षत लगाएं. सुगंधित फूलों की माला से श्रंगार करें. मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाएं. श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें. आरती करने के बाद गायत्री मंत्र की कम से कम एक माला का जाप जरूर करें. गायत्री चालीसा का पाठ करें. अपनी इच्छा के अनुसार ब्राह्मण और गरीबों को दान दें.
गायत्री मंत्र
ऊं भूर्भूवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहिधियो यो नः प्रचोदयात्
गायत्री जयंती पर्व का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, माता गायत्री जगतजननी हैं. सृष्टि का पालन करने वाली हैं. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को माता गायत्री का शास्त्र विधि से पूजन करने से साधक को गायत्री माता की दिव्य कृपा मिलती है. इनके महामंत्र का जाप करने से मंत्र सिद्धियां प्राप्त होती हैं. जीवन की सभी मनोकामनाएं इनकी पूजा से पूरी हो जाती हैं. इनकी कृपा से जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है. विद्यार्थियों को विद्या-बुद्धि की प्राप्ति होती है. जिस घर में रोज गायत्री मंत्र का जाप होता है, उस घर में कभी नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती है. घर में सुख-समृद्धि आती है. घर के सभी सदस्यों को उन्नति प्राप्त होती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Bottle Baba Controversy: चमत्कारी पानी से कैंसर ठीक करने का दावा करने वाले बोतल बाबा क्यों हुए गिरफ्तार? लगे कई गंभीर आरोप
Bottle Baba Controversy: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव एक बार फिर चर्चाओं में हैं. मगर इस बार वजह उनके चमत्कार नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक आरोप हैं. दावा किया जाता है कि बाबा साधारण पानी की बोतल में फूंक मारकर उसे चमत्कारी पानी बताते हैं और उससे कैंसर ठीक हो जाता है. इस बार बोतल बाबा पर दुष्कर्म की कोशिश, छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे संगीन आरोप लगे हैं. एक पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बाबा समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
कैंसर-टीबी जैसी बीमारियों का करते थे इलाज
हरिओम यादव, जिन्हें लोग 'बोतल बाबा' के नाम से जानते हैं, दावा करते थे कि उनके द्वारा अभिमंत्रित किया गए पानी से कैंसर, टीबी, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती है. इतना ही नहीं, वह भूत-प्रेत बाधा दूर करने और गंजे सिर पर बाल उगाने जैसे दावे भी करते रहे हैं. उनके आश्रम में रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे.
पीड़ित महिला ने लगाएं गंभीर आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि बाबा ने उसके परिवार पर काली शक्तियों और भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर तंत्र-मंत्र और पूजा के नाम पर मोटी रकम वसूली थी. इसके बाद आश्रम बुलाकर उसके साथ बाबा ने दुष्कर्म की कोशिश की. विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.
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