स्वपन दास को वित्त, शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्रालय... पश्चिम बंगाल में मंत्रियों को मिले विभाग, जानें किसे क्या मिला
West Bengal ministers portfolios: पश्चिम बंगाल में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हो गया है। स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग और तापस रॉय को उद्योग विभाग का पोर्टफोलियो मिला है। वहीं शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहला मंत्रिमंडल विस्तार गत 1 जून को किया था। तब 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो गई है। बुधवार को सभी मंत्रियों को विभाग बांटे गए।
विभागों का वितरण 13 कैबिनेट मंत्रियों और 22 राज्य मंत्रियों के बीच किया गया, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया गया था। बिधाननगर से भाजपा विधायक शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, दूध कुमार मंडल को कृषि विभाग का प्रभार दिया गया, पत्रकार से राजनेता बने जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया और दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा विभाग सौंपा गया।
सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष को पर्यटन और संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अर्जुन सिंह को श्रम और परिवहन विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
स्वतंत्र मंत्रियों की जिम्मेदारी
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों में, इंद्रनील खान को खेल एवं युवा एवं उपभोक्ता मामलों के पोर्टफोलियो दिए गए हैं, जबकि मालती रावा रॉय को महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभार मिला है।
"मेरी मां का अफेयर..." एक्ट्रेस पर पति ने कैरक्टर खराब होने का लगाया आरोप, छीन लिए बच्चे, बयां किया दर्द
Alefia Kapadia Revealed Husband Accused Her Characterless: 'जस्ट मोहब्बत', 'सीआईडी' और 'बड़े अच्छे लगते हैं 2' जैसे मशहूर टीवी सीरियलों में काम कर चुकीं फेमस एक्ट्रेस अलेफिया कपाड़िया की निजी जिंदगी किसी भयानक सपने जैसी रही है. महज 21 साल की उम्र में दुबई के एक शख्स से हुआ उनका निकाह खुशियों के बजाय जीवन भर का एक गहरा ट्रॉमा बन गया.
अलेफिया के पति ने न सिर्फ उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि अंत में उनके दोनों बच्चों को भी उनसे हमेशा के लिए छीन लिया. एक्ट्रेस ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी पर्सनल लाइफ का दर्द साझा किया है.
बच्चा पैदा करने के लिए बनाया दबाब
अलेफिया का पति उनसे उम्र में करीब 11 साल बड़ा था. सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में अपनी आपबीती सुनाते हुए एक्ट्रेस ने बताया कि शादी के बाद उनका ससुराल दुबई में था, जहां सुख-सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं था. घर में कोई मेड नहीं थी, जिसके कारण उन्हें झाड़ू-पोछा, बर्तन और खाना बनाने सहित घर का सारा काम अकेले ही करना पड़ता था. ससुराल वालों के भारी दबाव के कारण उन्हें जल्द ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी उनके हालात नहीं सुधरे.
पति करता था मार-पीट
ससुराल में अलेफिया को हर दिन तीखे ताने सुनने पड़ते थे. उनका पति उनके साथ बेहद भद्दी भाषा का इस्तेमाल करता था, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था और बात-बात पर चीजें उठाकर उन पर फेंक देता था. जुल्म की हद तब पार हो गई जब अलेफिया ने अपनी आत्मनिर्भरता के लिए एक पार्ट-टाइम नौकरी करने की इच्छा जताई. यह सुनते ही उनके पति ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी. इसी प्रताड़ना के बाद अलेफिया ने तय कर लिया कि वह अब इस रिश्ते में और नहीं रह सकतीं.
पति ने छीन लिया था पासपोर्ट
जब अलेफिया ने भारत लौटने की कोशिश की, तो उनके पति ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया और बच्चों को उनसे अलग करने की धमकी दी. हिम्मत जुटाकर वह किसी तरह इंडियन एंबेसी पहुंचीं, अपना मेडिकल कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके जवाब में उनके पति ने उन पर चरित्रहीन होने का झूठा आरोप लगा दिया. आखिरकार, एंबेसी की काउंसिलिंग के बाद उन्हें भारत आने की अनुमति मिली, लेकिन पति ने केवल 15 दिनों में वापस लौटने की शर्त पर ही उनका पासपोर्ट लौटाया.
7 साल की बेटी को लेकर भाग रहा था पिता
करीब 10 साल बाद अलेफिया अपने दोनों बच्चों को लेकर भारत वापस लौटीं, लेकिन छह महीने बाद ही उनका पति भी वहां आ धमका. शुरुआत में उसने माफी मांगी और रोज बच्चों से मिलने आने लगा. लेकिन एक दिन अचानक वह बच्चों को लेकर भागने की कोशिश करने लगा. अलेफिया ने बताया, "वह मेरी सात साल की बेटी को लेकर भाग रहा था, मैंने किसी तरह अपने बेटे को खींचकर बचाया." इस घटना के बाद पुलिस केस हुआ, तो उनके पति ने उनकी बेटी को भड़काकर मां के खिलाफ एक झूठा पत्र लिखवाया, जिसमें अलेफिया पर शराब पिलाने, जलाने और अफेयर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.
मजबूरी में पति को दे दी बच्चों की कस्टडी
टना से टूट चुकीं अलेफिया ने तुरंत तलाक की अर्जी दी, जिसके बाद यह कानूनी लड़ाई पूरे 12 साल तक खिंची. अदालत से उन्हें अपनी बेटी की कस्टडी नहीं मिली, जिससे वह गहरे डिप्रेशन में चली गईं. इस दौरान वह गंभीर आर्थिक तंगी से भी जूझ रही थीं. दूसरी ओर, उनका बेटा अपने पिता की आलीशान और लैविश लाइफस्टाइल देखकर उनकी तरफ आकर्षित होने लगा. इस मानसिक और आर्थिक थकावट के कारण अलेफिया को मजबूरन अपने बेटे की कस्टडी भी पति को सौंपनी पड़ी.
कई सालों से नहीं देखा बच्चों का चेहरा
आज अलेफिया और उनके पति का तलाक हो चुका है, लेकिन एक मां के रूप में उनका दर्द खत्म नहीं हुआ है. उनके दोनों बच्चे अब उनसे कोई बात नहीं करते. अलेफिया को यह भी नहीं पता कि उनके बच्चे दुनिया के किस कोने में और किस हाल में हैं, क्योंकि सालों से उन्होंने अपने बच्चों का चेहरा तक नहीं देखा है. एक बेबस मां आज भी अपने बच्चों से दोबारा मिलने की आस में दिन-रात तड़प रही है.
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