Restaurant Fire Safety Tips: रेस्टोरेंट में आग लग जाए तो क्या करें और कैसे करें बचाव? जानें जान बचाने के ये 10 जरूरी नियम
Restaurant Fire Safety Tips: रेस्टोरेंट, कैफे और फूड कोर्ट जैसी जगहों पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं. यहां खाना पकाने के लिए गैस, बिजली और कई तरह के उपकरणों का इस्तेमाल होता है. ऐसे में आग लगने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता. हालांकि सही जानकारी और सतर्कता से किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता है. अगर आप कभी ऐसे रेस्टोरेंट में मौजूद हों जहां अचानक आग लग जाए, तो घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी होता है. सही समय पर उठाया गया एक कदम आपकी और दूसरों की जान बचा सकता है.
आग लगने पर सबसे पहले क्या करें?
फायर एक्सटिंग्विशर की लें मदद
आग दिखते ही सबसे पहले स्थिति को समझें. कई लोग घबराकर भागने लगते हैं, जिससे भगदड़ मच सकती है. ऐसी स्थिति में शांत रहना और आसपास के लोगों को भी संयम रखने के लिए कहना जरूरी है. यदि आग छोटी है और प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद हैं, तो वे फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से उसे नियंत्रित कर सकते हैं. लेकिन यदि आग तेजी से फैल रही हो, तो तुरंत बाहर निकलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.
घबराएं नहीं
आग लगने पर घबराहट सबसे बड़ा खतरा बन जाती है. जल्दबाजी में लोग गलत फैसले ले लेते हैं. शांत रहें और सुरक्षित रास्ता तलाशें.
निकास द्वार की ओर बढ़ें
रेस्टोरेंट में प्रवेश करते समय हमेशा इमरजेंसी एग्जिट पर ध्यान दें. आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करें. केवल सीढ़ियों और निकास मार्ग का इस्तेमाल करें.
धुएं से खुद को बचाएं
अधिकांश मामलों में आग से ज्यादा नुकसान धुएं से होता है. यदि कमरे में धुआं भर रहा हो तो झुककर या रेंगते हुए आगे बढ़ें. जमीन के पास हवा अपेक्षाकृत साफ रहती है.
मुंह और नाक को ढकें
धुएं से बचने के लिए रूमाल, कपड़ा या टिश्यू का उपयोग करें. यदि संभव हो तो कपड़े को थोड़ा गीला कर लें. इससे जहरीले धुएं का असर कुछ हद तक कम हो सकता है.
भीड़ का हिस्सा न बनें
सभी लोग एक ही रास्ते की ओर दौड़ें तो भगदड़ मच सकती है. वैकल्पिक निकास मार्ग दिखाई दे तो उसका उपयोग करें. धक्का-मुक्की बिल्कुल न करें.
सामान छोड़ दें
मोबाइल, बैग या अन्य सामान लेने के लिए वापस न जाएं. ऐसी स्थिति में आपकी जान सबसे कीमती है. सामान बाद में भी मिल सकता है.
बच्चों और बुजुर्गों की मदद करें
यदि आपके साथ बच्चे, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति हों तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने को प्राथमिकता दें. जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों की मदद लें.
बंद कमरे में फंस जाएं तो क्या करें?
आग लगने पर वापस अंदर न जाएं
एक बार सुरक्षित बाहर निकलने के बाद किसी भी स्थिति में दोबारा अंदर जाने की कोशिश न करें. यह काम केवल प्रशिक्षित बचाव दल को करने दें.
फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दें
आग लगते ही आपातकालीन सेवाओं को सूचना देना जरूरी है. जितनी जल्दी राहत दल पहुंचेगा, नुकसान उतना कम होगा.
रेस्टोरेंट में जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- इमरजेंसी एग्जिट कहां है, यह देख लें.
- भीड़भाड़ वाली जगहों में सतर्क रहें.
- सुरक्षा निर्देशों पर ध्यान दें.
- बच्चों को अपने पास रखें.
- किसी भी संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज न करें.
आग लगने पर कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
- लिफ्ट का उपयोग न करें.
- धुएं में सीधे खड़े होकर न चलें.
- आग देखने के लिए भीड़ न लगाएं.
- घबराकर दौड़ना शुरू न करें.
- सामान बचाने के लिए जोखिम न लें.
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Delhi Fire Tragedy: इन 5 बड़ी लापरवाहियों ने ली 20 लोगों की जान, हर जांच में सामने आती हैं यही वजहें
Hauz Rani Fire Incident: दिल्ली में आज सुबह हौजरानी के 'लेमन ग्रीन' रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई. आग सुबह करीब 8 बजे लगी और देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. फिलहाल मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है, बचाव कार्य जारी है. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस हादसे में दुख जताया गया है और सरकार ने मरने वालों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है.
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पहली बार नहीं है जब राजधानी में पहले ऐसा हादसा हुआ हो. दिल्ली के अनाज मंडी में दिसंबर 2019 में एक फैक्ट्री-कम-रिहाइशी इमारत में आग लगने से 43 से ज्यादा मजदूरों की मौत हुई थी. वे सब सोते हुए जल गए थे. यह दिल्ली के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी अग्नि त्रासदियों में से एक थी. इसी तरह मुंडका में मई 2022 में पश्चिमी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत में आग लगी जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई. इमारत में फायर एग्जिट तक नहीं था. आंकड़ों पर जाएंगें तो ये लिस्ट लंबी है.
Malviya Nagar fire | We received 13 patients, including 3 patients who fell from a height and are in a critical condition, and 10 persons who were rescued by Delhi Police: AIIMS officials
— ANI (@ANI) June 3, 2026
फायर सेफ्टी नॉर्म्स की अनदेखी बनी हादसे का बड़ा कारण
पूर्व पुलिस अधिकारी बताते हैं कि हर बार आग लगती है और हर बार जांच होती है और हर बार एक ही नतीजा निकलता है लापरवाही और फायर सेफ्टी नॉर्म्स की अनदेखी. मालवीय नगर के ताजा मामले में भी प्रारंभिक जांच में पांच बड़ी वजहें सामने आई हैं. आइए आपको एक-एक इन कारणों के बारे में बताते हैं.
1. फायर एनओसी का चक्कर: दिल्ली में सैकड़ों रेस्टोरेंट और कमर्शियल बिल्डिंग बिना वैध फायर NOC के चल रहे हैं. इन रेस्टोरें में कागजों में तो सब ठीक होता है लेकिन मीन पर कोई नियम फॉलो नहीं किए जाते हैं.
2. बेसमेंट का गलत इस्तेमाल: बेसमेंट को स्टोर, किचन या रेस्टोरेंट के तौर पर इस्तेमाल करना खतरनाक है. आग लगने पर धुआं बाहर नहीं निकल पाता और लोग दम घुटकर मरते हैं.
3. एग्जिट नहीं, खिड़कियां बंद: ज्यादातर मामलों में इमारतों में या तो एक ही एग्जिट होता है या वह भी बंद होता है. आग लगने पर भागने का रास्ता नहीं मिलता.
4. ओवरलोडिंग और पुरानी वायरिंग: पुरानी इमारतों में बिजली की तारें बदली नहीं जातीं. जिससे शॉर्ट सर्किट होने के चांस बढ़ जाते हैं.
5. भ्रष्टाचार: फायर ऑडिट और इंस्पेक्शन टीमें अधिकांश मामलों में "सेटलमेंट" पर रुक जाती हैं. पुलिस, नगर निगम कर्मचारियों के भ्रष्टाचार से ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
#WATCH | Delhi | On the death of 21 people in the Malviya Nagar fire, JCP-South Vijay Kumar says, "We are probing about the building owner." pic.twitter.com/hJyMkGLqCb
— ANI (@ANI) June 3, 2026
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