7 करोड़ में बनी इस हॉरर फिल्म ने 10 दिनों में कमा डाले 750cr रुपये, प्यार और जुनून की खौफनाक कहानी है 'Obsession'
Horror Film Obsession: बॉलीवुड इंडस्ट्री में जहां 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. वहीं, हॉलीवुड में 'माइकल', 'प्रोजेक्ट हेल मेरी' जैसी फिल्मों ने धमाकेदार कमाई की थी. लेकिन अब हाल ही में रिलीज हुई हॉलीवुड हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' ने तो कमाई के मामले में इतिहास रच दिया है. 7 करोड़ के बजट में बनी की फिल्म ने सिर्फ 10 दिनों में 750 करोड़ रुपये का कलेक्शन पार कर लिया है. चलिए जानते हैं, क्या है फिल्म की कहानी है.
'ऑब्सेशन' ने रच डाला इतिहास
हॉलीवुड फिल्म 'ऑब्सेशन' (Hollywood Film Obsession) का प्रीमियर पिछले साल 05 सितंबर 2025 को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था. वहीं, अब 15 मई 2026 को ये फिल्म थिएटर्स में रिलीज हुई है. दिलचस्प बात है कि इस फिल्म का बजट सिर्फ $750K यानी करीब 7 करोड़ रुपये है और 10 दिनों में इस फिल्म को 10666% से मुनाफा हुआ. इतना ही नहीं, IMDb पर इसे 8.2 रेटिंग दी गई है. ये बहुत कम लोग जानते हैं, कि फिल्म के राइटर, डायरेक्टर और एडिटर YouTuber से फिल्ममेकर बने करी बार्कर हैं.
800 करोड़ कमाने की ओर फिल्म
वहीं, अब 'ऑब्सेशन' धीरे-धीरे $100 मिलियन यानि 830 करोड़ के आंकड़े की ओर बढ़ रही है. इस फिल्म ने कमाई के मामले में 'माइकल', 'प्रोजेक्ट हेल मैरी' जैसी फिल्मों को पछाड़ दिया है. 'ऑब्सेशन' की ने 10 दिनों में ही अपने बजट से 106 गुना अधिक की कमाई कर ली है. बल्कि माइकल जैक्सन की ब्लॉकबस्टर बायोपिक 'माइकल' ने अब तक 6,540 करोड़ कमाए हैं, जो उसके बजट का 5 गुना है. वहीं, 'प्रोजेक्ट हेल मैरी' ने 5,600 करोड़ कमाए हैं, जो उसके बजट का लगभग 3 गुना है.
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क्या है हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' की कहानी?
'ऑब्सेशन' की कहानी की बात करे तो ये एक हॉरर फिल्म है, जिसमें माइकल जॉनस्टन (Michael Johnston) लीड रोल प्ले करते नजर आए हैं. उन्होंने 'बेयर' का रोल प्ले किया है, जो एक म्यूजिक स्टोर में काम करता है और बेहद शर्मिला है. माइकल अपनी पुरानी दोस्त निक्की से प्यार करता है, लेकिन कभी कह नहीं पाता, ऐसे में वो एक दिन 'One Wish Willow' नाम का खिलौना खरीदता है, जो सबकी इच्छी पूरी करता है. बेयर उससे मांगता है कि निक्की उससे प्यार करने लग जाए और यही से कहानी का टर्निंग पॉइंट शुरू होता है.
प्यार में जुनूनी बन जाती है निक्की
फिल्म की कहानी में अब निक्की को बेयर से प्यार होने लगता है. लेकिन टर्निंग पॉइंट तब आता है, जब निक्की एक खतरनाक, हद से ज्यादा चिपकी रहने वाली, अस्थिर और जुनूनी इंसान बन जाती है. बेयर को लेकर निक्की का जुनून बढ़ता है और ये प्यार की कहानी जरावना रूप ले लेती है. निक्की साइको, खोखली इंसान बन जाती है जिससे बेयर डरने लगात है और छुटकारा पाना चाहता है. फिल्म का क्लाइमेंक्स में तो ऐसा सस्पेंस हैं कि दर्शकों के रोंगटे ही खड़े हो गए.
ओटीटी पर कहां रिलीज होगी फिल्म?
ये फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और फिलहाल थिएटर्स में ही चल रही है. बॉक्स ऑफिस पर मिल रही बड़ी सफलता की वजह से मेकर्स इसे लंबे समय तक सिनेमाघरों में ही रखना चाहते हैं. फिल्म के निर्माता जेसन ब्लम ने एक इंटरव्यू में साफ किया था कि फिल्म को तुरंत ओटीटी पर नहीं लाया जाएगा. वहीं, ये किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आएगी, इसे लेकर बताया जा रहा है कि ये नेटफ्लिक्स या प्राइम वीडियो पर जून के अंत तक स्ट्रीम की जा सकती है.
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इबोला की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है केंद्र सरकार, भारत में अब तक कोई पुष्ट मामला नहीं
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दक्षिण अफ्रीका में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा समय में वह पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सरकार ने बयान में कहा कि इबोला वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए सभी प्रकार के एहतियात बरते जा रहे हैं। हाल ही में एक व्यक्ति युगांडा से आया था, जिसमें इस वायरस को लेकर कुछ लक्षण देखे गए थे, जिसके बाद उसे फौरन बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि ये लक्षण हल्के थे। जैसे शरीर में खुजली होना लेकिन उसे उसे एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, ताकि आगे स्थिति चुनौतीपूर्ण न हो जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, मामूली लक्षण के बावजूद भी वो शख्स स्वस्थ्य है, उसे किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। टेस्ट के बाद उसके सैंपल को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान जांच के लिए भेज दिया गया है। हालांकि, अब इबोला वायरस को लेकर उस व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राज्य के संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक की जांच में भारत में इबोला वायरस के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार के मुताबिक, सभी प्रवेश द्वारों पर जांच पड़ताल तेज कर दी गई है। खासकर, उन जगहों से जहां से लोगों का सीधा आगमन भारत में होता है। जैसे, एयरपोर्ट और सीमा क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच तेज कर दी गई है, ताकि निगरानी के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। वहीं, सरकार की ओर से अधिकारियों को सलाह दी गई है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इसके इतर, इबोला वायरस के संबंध में किसी भी प्रकार की झूठी अफवाह नहीं फैलाई जाए। सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हम पूरी तरह से चौकस हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस वायरस के प्रकोप की वजह से किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो। इसके इतर, वायरस के प्रकोप के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ प्रतिक्रिया तंत्र को भी सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला बुंडीबुग्यो का प्रकोप वर्तमान में पुष्टि किए गए आंकड़ों से कहीं अधिक बड़ा होने की संभावना है और चेतावनी दी गई है कि प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय संक्रमण का विस्तार जारी है।
टेड्रोस ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर बताया कि अब तक 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 10 मृतकों की भी संख्या है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि महामारी का वास्तविक पैमाना काफी अधिक है, जिसमें 900 से अधिक संदिग्ध मामले और 220 संदिग्ध मौतें जांच के दायरे में हैं।
उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश युगांडा में भी नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें स्वास्थ्यकर्मियों के बीच दो अतिरिक्त पुष्ट मामले शामिल हैं, जिससे देश में पुष्ट मामलों की कुल संख्या सात हो गई है, जिसमें एक मौत भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ और सहयोगी एजेंसियां प्रतिक्रिया उपायों को बढ़ा रही हैं और वैश्विक स्वास्थ्य टीमें संक्रमित व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान करने और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए संपर्क ट्रेसिंग और निगरानी को तेज करने के लिए काम कर रही हैं।
--आईएएनएस
एसएचके/पीएम
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