Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में किस दिशा में आगे बढ़ सकती है CBI की जांच? जानें सभी संभावित एंगल्स
Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है. इस बीच, सीबीआई की टीम भोपाल पहुंच गई है. टीम शुरुआती चरणों में ग्राउंड जीरो रिकंस्ट्रक्शन यानी घटनास्थल की परिस्थितियों को दोबारा समझने और वैज्ञानिक तरीके से घटनाक्रम को जोड़ने पर फोकस कर रही है.
बता दें, देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दोबारा मामले में सुनवाई होगी. सीबीआई सुनवाई से पहले, इस रुख पर काम कर सकती है. आइये जानते हैं…
1. क्राइम सीन रीक्रिएशन: सीबीआई टीम कटारा हिल्स स्थित घर में फिर से घटनास्थल को रीक्रिएट कर सकती है. महिला की कथित फांसी की स्थिति, कमरे की बनावट, फंदे की स्थिति, ऊंचाई और मौके पर मौजूद वस्तुओं का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा. इससे ये पता लगाने की कोशिश होगी कि मामला आत्महत्या, उकसाकर आत्महत्या या फिर हत्या तो आत्महत्या दिखाने का प्रयास तो नहीं है.
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2. फॉरेंसिक और मेडिकल एंगल: पहली और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की तुलना की जाएगी. जिन डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया, उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी. चोटों के निशान, गर्दन के मार्क, शरीर पर बाहरी चोट, मौके के वक्त मेडिकल बोर्ड से राय ली जा सकती है. CFSL और AIIMS जैसी केंद्रीय फॉरेंसिक संस्थानों से भी जरूरत पड़ने पर राय ली जा सकती है.
3. मनोवैज्ञानिक और बिहेवियरल एनालिसिस: सीबीआई एक्सपर्ट्स साइक्लोजिस्ट की मदद से मृतका की मानसिक स्थिति का आंकलन कर सकती है. डायरी, मोबाइल चैट, ईमेल, सोशल मीडिया गतिविधियां और कॉल रिकॉर्ड का अध्ययन किया जाएगा. इससे देखा जा रहा है कि मृतका लगातार दबाव, प्रताड़ना या धमकी में थी या फिर नहीं.
4. डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस: लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड जब्त किए जा सकते हैं. सीबीआई ये भी जांचने की कोशिश करेगी कि घटना वाली रात को घर में कौन-कौन था. किससे बातचीत हुई, इसका टाइमलाइन एनालिसिस भी किया जाएगा. डिलीटेड चैट और डेटा रिकवरी भी जांच का हिस्सा बन सकती है.
5. ससुराल पक्ष से लंबी पूछताछ: पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह से अलग-अलग पूछताछ की जा सकती है. विरोधाभास होने पर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सकती है. सीबीआई यह भी चेक कर सकती है कि घटना के बाद किसी सबूत से छेड़छाड़ हुई या फिर नहीं.
6. दहेज मांग के आर्थिक सबूत: कथित 2 लाख रुपये की मांग से जुड़े बैंक ट्रांजैक्शन, गिफ्ट, शादी खर्च और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा सकती है. दोनों परिवारों के बीच हुए मैसेज और बातचीत को भी साक्ष्य बनाया जा सकता है.
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7. पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान: पड़ोसियों, घरेलू सहायकों, रिश्तेदारों और दोस्तों के बयान इसमें अहम होंगे. सीबीआई ये जानने की कोशिश करेगी कि क्या पहले भी झगड़े, मारपीट या दहेज विवाद की घटनाएं सामने आई थीं.
8. पुलिस जांच की समीक्षा: स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में क्या कार्रवाई की, इसकी भी समीक्षा हो सकती है. मौके की वीडियोग्राफी, पंचनामा, जब्ती और शुरुआती मेडिकल राय को दोबारा परखा जाएगा. अगर जांच में लापरवाही या सबूत छिपाने के संकेत मिले तो उस एंगल पर भी कार्रवाई संभव है.
शुक्रवार की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले क्या हो सकता है
- सीबीआई प्रारंभिक स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर सकती है.
- कोर्ट में एजेंसी जांच की मौजूदा स्थिति और आगे की कार्ययोजना बता सकती है.
- जांच एजेंसी यह संकेत दे सकती है कि मामला “साधारण आत्महत्या” से कहीं अधिक गंभीर परिस्थितियों वाला है.
- यदि शुरुआती सबूत मजबूत मिले तो आरोपियों से विस्तृत हिरासत पूछताछ की मांग भी संभव है.
- संभावित कानूनी धाराएं का विस्तार हो सकता है.
- जांच के दौरान एंगल मजबूत होने पर धाराएं और बढ़ सकती हैं.
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भारत और कनाडा ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत 2026 के अंत तक पूरी करने पर प्रतिबद्धता जताई
नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के इंटरनेशनल ट्रेड के मंत्री मनिंदर सिद्धू ने दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) पर बातचीत 2026 के अंत तक पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है।
मौजूदा समय में गोयल तीन दिनों के कनाडा के दौरे पर गए हैं। 25-27 मई तक चलने वाले इस दौरे का उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और भारत-कनाडा सीईपीए पर बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाना है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओटावा में अपने पहले दिन की यात्रा के दौरान, गोयल ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए वरिष्ठ कनाडाई नेताओं और मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की।
मंत्रालय ने आगे कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्र मार्क कार्नी से मुलाकात करते हुए गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के लिए दूरदर्शी चर्चा की और भारत-कनाडा सीईपीए के शीघ्र संपन्न होने की आशा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और एक विशाल नए बाजार के द्वार खोलेगा। दोनों पक्षों ने संतुलित, व्यावसायिक रूप से सार्थक और महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और अपनी-अपनी टीमों को ऐसे समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया जो आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करे और दोनों देशों के व्यवसायों और नागरिकों को ठोस लाभ पहुंचाए।
इसके अलावा, गोयल ने भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा के इंटरनेशनल ट्रेड मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी की। दोनों मंत्रियों ने अब तक संपन्न हुई वार्ताओं के परिणामों की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश प्रवाह को बढ़ाने के भविष्य के अवसरों की पहचान की। दोनों पक्षों ने 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
--आईएएनएस
एबीएस/
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