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RCB vs GT: Patidar का ऐलान, 'हम Final की जंग में सिर्फ Attack करने आए हैं'

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार का मानना ​​है कि मंगलवार रात क्वालीफायर 1 में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ होने वाले मैच में दबाव में बेहतर प्रदर्शन और टीम की ताकत पर टिके रहना ही निर्णायक साबित होगा। इस सीजन में लीग चरण के दोनों मुकाबलों में दोनों टीमों ने एक-एक अंक साझा किया था। आरसीबी ने घरेलू मैदान पर खेले गए पहले मैच में पांच विकेट से जीत हासिल की थी, जबकि गुजरात टाइटन्स ने दूसरे मैच में चार विकेट से जीत दर्ज की थी।
 

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फाइनल में सीधे प्रवेश के इस मौके को देखते हुए पाटीदार का मानना ​​है कि संयम ही दोनों टीमों के बीच अंतर पैदा कर सकता है। आरसीबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पाटीदार ने कहा कि दोनों टीमों ने पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। उस दिन जो भी टीम अपनी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करेगी, बेहतर क्रिकेट खेलेगी और दबाव में शांत रहेगी, मुझे लगता है वही टीम मैच जीतेगी।  उन्होंने आगे कहा कि यह एक बड़ा मंच है, क्वालीफायर 1। हमें धैर्य बनाए रखना होगा और जो भी हम कर रहे हैं, उस पर भरोसा रखना होगा। पाटीदार ने आरसीबी के गेंदबाजी समूह को इस सीजन में टीम की प्रमुख ताकत बताया और उस आक्रामक मानसिकता को दोहराया जिसने उनके अभियान को आकार दिया है।

उन्होंने कहा कि हमारी ताकत गेंदबाजी है, और पावर प्ले में हमारी गेंदबाजी बहुत महत्वपूर्ण होगी। टीम में हर कोई जानता है कि हम यहां बचाव करने नहीं आए हैं, हम आक्रामक मानसिकता के साथ आए हैं और हम शुरुआती विकेट लेने की कोशिश करेंगे। भुवी, हेज़लवुड और रसिक यही करते आ रहे हैं और हम इसी प्रक्रिया को जारी रखने की उम्मीद करते हैं। पाटीदार ने वेंकटेश अय्यर की विशेष रूप से प्रशंसा की, जिन्होंने पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ अपने पिछले दो मैचों में क्रमशः 73* और 44 रन बनाए हैं, एक बार मध्य क्रम में और एक बार एसआरएच के खिलाफ सलामी बल्लेबाज के रूप में।

 

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पूरे सीज़न के दौरान वेंकी की लचीलता और रवैये की सराहना करते हुए पाटीदार ने कहा कि मैं वेंकी को बचपन से जानता हूं, और जिस तरह से वह खुद को पेश करता है, वह असाधारण है। किसी भी परिस्थिति में खेलने का उसका तरीका और बल्लेबाजी क्रम में उसकी लचीलता, मुझे उसका रवैया बहुत पसंद है। जब उसे मौके नहीं मिल रहे थे, तब भी वह खुद को तैयार कर रहा था। नेट प्रैक्टिस के दौरान उसने जो मेहनत की और जिस तरह से उसने संवाद किया, उससे पता चलता है कि वह तैयार था, और जैसे ही उसे मौका मिला, उसने उसका पूरा फायदा उठाया। अपनी कप्तानी के सफर पर विचार करते हुए, पाटीदार ने अपने आसपास के सहयोग और टीम के अनुभवी खिलाड़ियों को श्रेय दिया। 
 
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धर्मेंद्र वहां मौजूद थे, हाथ थामे हुए थे:पद्म पुरस्कार लेकर हेमा मालिनी हुईं भावुक, कहा- बहुत ख्याल रखने वाले पति थे, यादों से आंखें नम हो गईं

सोमवार को भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानिक किया। हेमा मालिनी ये सम्मान लेने पहुंचीं, जिस समय वो बेहद भावुक हो गईं, जबकि बेटी अहाना फूट-फूटकर रोती दिखीं। अब हेमा मालिनी ने एक भावुक पोस्ट कर कहा है कि सम्मान लेते हुए उन्हें धर्मेंद्र की मौजूदगी महसूस हुई। उन्हें ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र ने उनका हाथ थाम लिया है। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, 'मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।

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क्यों कर रहे हो देरी... जिस सेलेक्टर ने रोहित शर्मा को बनाया ओपनर, उसने की वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट खिलाने की मांग

भारत के लिए टेस्ट और वनडे की जर्सी पहनने वाले सबा करीम ने न्यूज18 हिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि  है कि अब वैभव को भारतीय टीम की जर्सी देने में देर नहीं करनी चाहिए और उनकी बल्लेबाजी को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर फलने फूलने का मौका तुरंत देना चाहिए. वैभव पर बात करते हुए सबा करीम ने कहा कि वैभव की ताकत उनका वी शेप में बल्लेबाजी करना है जो उनको ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी बनाता है. Tue, 26 May 2026 15:06:04 +0530

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