Quad Joint Statement: आतंकवाद और क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म पर कड़ा रुख, व्यापारिक रूट्स पर चीन की मनमानी का विरोध
Quad Joint Statement: भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित क्वाड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सदस्य देशों ने एक बेहद कड़ा और साझा बयान (Joint Statement) जारी किया है। मंगलवार (26 मई) को जारी इस संयुक्त बयान में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य दादागिरी या जबरदस्ती के खिलाफ खुली चेतावनी दी है।
चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों में किसी भी तरह की बाधा डालने का कड़ा विरोध किया है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जबरन टोल टैक्स वसूलने जैसे कदमों का विरोध भी शामिल है।
साझा बयान में गूंजा कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा
आतंकवाद के मुद्दे पर क्वाड देशों ने बिना किसी लाग-लपेट के सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) समेत इसके सभी रूपों की कड़ी निंदा की। इस बयान में विशेष रूप से भारत के कश्मीर में हुए 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और ऑस्ट्रेलिया में हुए 14 दिसंबर 2025 के बोंडी बीच (Bondi Beach) हमले का जिक्र करते हुए इनकी तीखी भर्त्सना की गई।
Just completed a productive QUAD FMM with colleagues @SecRubio of the US, @SenatorWong of Australia, and FM @moteging of Japan.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 26, 2026
Three major takeaways:
➡️ Agreed on Indo-Pacific Maritime Surveillance Initiative and on a Common Operating Picture in the maritime domain. Will… pic.twitter.com/4b0dFtiAHC
क्वाड ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकियों, आतंकी संगठनों, उनके आकाओं और उन्हें पैसा सप्लाई करने वालों (Financiers) के खिलाफ तुरंत निर्णायक और सख्त कार्रवाई की जाए।
साउथ चाइना सी में चीनी हरकतों पर जताई 'गंभीर चिंता'
क्वाड समूह ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर (East and South China Sea) में चीन की आक्रामक और खतरनाक गतिविधियों पर "गंभीर चिंता" व्यक्त की है। बयान में साफ तौर पर कहा गया कि समंदर में वाटर कैनन (पानी की बौछार), फ्लेयर्स का असुरक्षित इस्तेमाल और दूसरे जहाजों को जानबूझकर टक्कर मारना या उनका रास्ता रोकना बेहद खतरनाक है।
क्वाड ने स्पष्ट किया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता तभी बनी रह सकती है जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन हो। किसी भी विवाद का निपटारा बल प्रयोग या दबाव के बजाय 'UNCLOS' (संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि) के तहत शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
पश्चिम एशिया संकट और समुद्री रूट्स पर मनमानी का विरोध
पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा हालातों पर चर्चा करते हुए क्वाड देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर (Red Sea) से होकर गुजरने वाले वैश्विक व्यापार के सुरक्षित और निर्बाध प्रवाह का पुरजोर समर्थन किया।
बयान में कमर्शियल जहाजों पर होने वाले हमलों की निंदा की गई। साथ ही साफ कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ जाकर व्यापारिक मार्गों पर किसी भी तरह का नया टैक्स या टोल लगाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन स्कैम सेंटर और मानव तस्करी पर कसेगा शिकंजा
इस बैठक में क्वाड ने दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन स्कैम सेंटर्स (Online Scam Centres) पर भी गहरी चिंता जताई। बयान में कहा गया कि ये स्कैम सेंटर मानव तस्करी (Trafficking), अवैध फंडिंग, साइबर क्राइम और जबरन वसूली (Sexual Extortion) से जुड़े हुए हैं। इनसे निपटने के लिए चारों देश मिलकर अपनी कानूनी और नियामक एजेंसियों के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे।
समुद्री निगरानी के लिए भारत ने संभाली कमान
हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्वाड ने 'मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस' (IPMDA) के तहत भारत द्वारा गुरुग्राम में स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) के माध्यम से शुरू किए गए प्रोग्राम का स्वागत किया। इसके जरिए पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रियल-टाइम जानकारी साझा की जाएगी, जिससे समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सके।
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