तमिलनाडु सरकार में ज्योतिषी की एंट्री, सीएम विजय ने जीत की भविष्यवाणी करने वाले राधन पंडित को दी बड़ी जिम्मेदारी
तमिलनाडु की राजनीति में एक नया और दिलचस्प मोड़ सामने आया है. राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने अपने करीबी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को सरकारी पद पर नियुक्त किया है. तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार राधन पंडित को मुख्यमंत्री का ओएस (राजनीतिक) नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.
कौन हैं राधन पंडित वेट्रिवेल?
राधन पंडित वेट्रिवल ज्योतिष और अंकशास्त्र की दुनिया का जाना-माना नाम माने जाते हैं. बताया जाता है कि उन्हें इस क्षेत्र में करीब 40 वर्षों का अनुभव है. वे लंबे समय से विजय के करीबी माने जाते हैं और चुनावों के दौरान भी लगातार चर्चा में रहे थे.
राधन पंडित ने चुनाव से पहले भविष्यवाणी की थी कि अभिनेता से नेता बने विजय राजनीति में बड़ी सफलता हासिल करेंगे. उन्होंने यहां तक कहा था कि “विजय के नाम की सुनामी आने वाली है.” चुनाव परिणाम आने के बाद उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे.
विजय की जीत के बाद बढ़ी चर्चा
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके को बड़ी सफलता मिलने के बाद राधन पंडित फिर सुर्खियों में आ गए. जैसे ही चुनावी रुझान विजय के पक्ष में आने लगे, राधन पंडित व्यक्तिगत रूप से विजय के घर पहुंचे और उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी.
तिरुचेंदूर मंदिर यात्रा के दौरान भी विजय और राधन पंडित की एक साथ कार यात्रा काफी चर्चा में रही थी. उस दौरान सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे.
जयललिता से भी जुड़ चुका है नाम
रिपोर्ट्स के मुताबिक राधन पंडित का नाम पहले भी तमिलनाडु की राजनीति में चर्चित रहा है. कहा जाता है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के भी ज्योतिषी रह चुके हैं. राजनीतिक हलकों में उनकी पहचान ऐसे ज्योतिषी के रूप में रही है जो नेताओं के भविष्य को लेकर खुलकर बयान देते रहे हैं.
उन्होंने चुनाव से पहले एम के स्टालिन के बारे में कहा था कि उनके ग्रह अनुकूल नहीं चल रहे हैं और उन्हें कठिन दौर का सामना करना पड़ सकता है. वहीं उदयनिधि स्टालिन को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि उनके राजनीतिक करियर में तेजी से ग्रोथ होगी. चुनाव परिणामों के बाद उनके कई बयान फिर चर्चा में आ गए.
राजनीति और ज्योतिष पर फिर शुरू हुई बहस
राधन पंडित की सरकारी नियुक्ति के बाद राजनीति और ज्योतिष के संबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है. कुछ लोग इसे मुख्यमंत्री का निजी भरोसा बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इस फैसले पर सवाल उठा रहा है.
तमिलनाडु की राजनीति में यह पहला मौका नहीं है जब किसी ज्योतिषी का नाम सत्ता के केंद्र तक पहुंचा हो, लेकिन इस बार नियुक्ति को लेकर सार्वजनिक चर्चा काफी तेज दिखाई दे रही है. आने वाले दिनों में यह फैसला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है.
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क्या आने वाले दिनों में गाड़ी में तेल भरवाने पर लिमिट लगेगी? जानें पीएम मोदी के ऐलान क्या बदला
क्या आने वाले दिनों में गाड़ी में तेल भरवाने पर लिमिट लग जाएगी? क्या सरकार कोटा सिस्टम लागू करने जा रही है? यह सवाल इस वक्त हर आदमी के दिमाग में घूम रहे हैं। वजह है। पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील और वैश्विक हालात। लेकिन अब सरकार ने इन तमाम आशंकाओं पर बड़ा साफ जवाब दे दिया है। दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कई देशों में हालात ऐसे बने हैं कि वहां फ्यूल राशनिंग लागू करनी पड़ी। यानी पेट्रोल डीजल तय मात्रा में ही मिल रहा है। इस बीच भारत में भी चर्चाएं तेज हो गई।
60 दिन का पेट्रोल और डीजल स्टॉक मौजूद
क्या यहां भी कोटा सिस्टम लागू होगा? लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने साफ कहा है कि भारत में ऐसी कोई योजना नहीं है। सरकार के मुताबिक देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। सरकार ने यह भी बताया है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने अपनी तैयारी मजबूत रखी है। देश के पास करीब 60 दिन का पेट्रोल और डीजल स्टॉक मौजूद है। जबकि एलपीजी का भंडार लगभग 45 दिन का है यानी अगर सप्लाई कुछ समय के लिए प्रभावित भी होती है तो आम लोगों पर तुरंत इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही सरकार लगातार नए स्रोतों से तेल खरीद रही है और पुराने सप्लायर से भी आयात बढ़ाया जा रहा है।
बांग्लादेश जैसे देशों में पेट्रोल पर लिमिट तय कर दी
यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रखी गई है। हालांकि इसके चलते तेल कंपनियों को रोजाना भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। अगर दुनिया के हालात देखें तो कई देशों में स्थिति काफी अलग है। श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों में पेट्रोल पर लिमिट तय कर दी गई है। कहीं 5 लीटर तो कहीं 20 लीटर प्रति हफ्ता तक की सीमा लागू है। कुछ देशों में तो क्यूआर कोड सिस्टम से पेट्रोल दिया जा रहा है। यानी बिना सिस्टम के एक बूंद भी ईंधन नहीं मिल सकता। लेकिन भारत में हालात फिलहाल नियंत्रण में है।
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