प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। यह मुलाकात 14 से 15 मई तक राजधानी में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की दो दिवसीय बैठक के दौरान हुई। प्रधानमंत्री ने सदस्य और सहयोगी देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ आधिकारिक ब्रिक्स पारिवारिक तस्वीर में भी भाग लिया।
जयशंकर ने विदेश मंत्रियों का स्वागत किया
इससे पहले दिन में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शिखर सम्मेलन स्थल भारत मंडपम में कई विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ राजनयिकों का स्वागत किया। औपचारिक चर्चा से पहले जयशंकर द्वारा स्वागत किए गए पहले नेताओं में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी शामिल थे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी उच्च स्तरीय बैठक के लिए स्थल पर पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग में ही रहे चीनी विदेश मंत्री वांग यी की जगह भारत में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने बीजिंग का प्रतिनिधित्व किया।
ब्रिक्स और सहयोगी देशों की भागीदारी
जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियन तिमोथियोस हेसेबोन का भी स्वागत किया। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार भी शिखर सम्मेलन में उपस्थित थे। बैठक से पहले, जयशंकर ने नई दिल्ली में इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से बातचीत की। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए एक साथ आए हैं।
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भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है और इस कड़ी में सबसे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कई कदम उठाये जाएंगे। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न निगमों और आयोगों में खाली पड़ी राजनीतिक नियुक्तियां जल्द ही की जाएंगी। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने के बाद यह योगी की पहली दिल्ली यात्रा थी। बताया जा रहा है कि योगी और शाह की मुलाकात आधे घंटे से ज्यादा समय तक चली। माना जा रहा है कि इस दौरान नये बनाये गये मंत्रियों के विभागों को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा पार्टी संगठन की सारी कमजोरियों को दूर कर लेना चाहती है और पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी दूर करना चाहती है जिसके लिए आने वाले दिनों में तमाम कदम उठाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि जल्द ही पार्टी संगठन, निगमों और आयोगों में जो नियुक्तियां होने जा रही हैं उनमें सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सहयोगी दलों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जायेगा।
हम आपको यह भी बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के साथ पूर्वी भारत में अपना वर्चस्व स्थापित करने के बाद भाजपा की नजर अब 2027 में होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों पर है, जिनमें गुजरात, गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश प्रमुख हैं। पार्टी ने इन राज्यों में चुनाव की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अगले वर्ष के चुनावी अभियान के लिए जमीनी स्तर पर काम प्रारंभ कर दिया है। भाजपा के एक सूत्र ने कहा, “पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब पार्टी का ध्यान अगले वर्ष सात राज्यों में होने वाले चुनावों पर केंद्रित हो गया है। कुछ स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिन्हें अब और तेज किया जाएगा।” पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश का दौरा कर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं और इस दौरान उन्होंने पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों व नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की है। वह जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेंगे, जहां अगले वर्ष गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के साथ चुनाव होने हैं। हम आपको बता दें कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भाजपा की सरकार है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में है।
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश भाजपा की गतिविधियों का केंद्र रहने वाला है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, तमाम केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अब लगातार यूपी के दौरे होते रहेंगे जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश बना रहे। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को उत्तर प्रदेश में खासा नुकसान उठाना पड़ा था इसलिए भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को लेकर खासा सतर्क है। माना जा रहा है कि यूपी के मामलों को सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देखेंगे ताकि राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा की हैट्रिक में कोई कमी नहीं रह जाये।
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