जब लाल बहादुर शास्त्री ने उपवास की अपील की थी, खुद PM हाउस में शुरु कर दी थी खेती
पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से वाहनों के ईंधन बचाने और मितव्ययिता के लिए देशवासियों से अपील की है, उससे लाल बहादुर शास्त्री का दौर याद आ जाता है. वो समय युद्ध का था. उस समय देश में अनाज की भी कमी थी. तब देश के दूसरे प्रधानमंत्री शास्त्री ने लोगों से सप्ताह में एक दिन व्रत करने की अपील की थी. अपील के साथ ही उन्होंने अपने भारी भरकम बंगले में हल चला कर अनाज उपजाना शुरु कर दिया था. उनकी पत्नी ललिता शास्त्री ने उस दौर के बारे में लेखक विवेक शुक्ला को खुद बताया था. पत्रकार के तौर विवेक शुक्ला ने उनका इंटरव्यू किया था. विवेक शुक्ला अपनी उन्हीं यादों को इस मौके पर आपसे साझा कर रहे हैं, पढ़िए-
‘वंदे मातरम्’ पर तमिलनाडु में सियासी संग्राम, विजय के शपथ ग्रहण समारोह में गीतों के क्रम पर बढ़ा विवाद
तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान गीतों को बजाने के क्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आमतौर पर राज्य के सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत तमिलनाडु के राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज्थु’ से होती है और अंत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ किया जाता है. लेकिन इस बार समारोह में सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान और आखिर में तमिल प्रार्थना गीत गाया गया. इसी बात पर कई राजनीतिक दलों और लोगों ने आपत्ति जताई.
केंद्र सरकार के प्रस्ताव से बढ़ा विवाद
हाल ही में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ में बदलाव का प्रस्ताव मंजूर किया था. इसके तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान देने की बात कही गई है. प्रस्ताव के अनुसार अगर कोई ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा डालता है, तो उसे वही सजा मिल सकती है जो राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज या संविधान के अपमान पर दी जाती है. इसी फैसले के बाद तमिलनाडु में हुए इस कार्यक्रम को लेकर बहस और तेज हो गई.
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