‘वंदे मातरम्’ पर तमिलनाडु में सियासी संग्राम, विजय के शपथ ग्रहण समारोह में गीतों के क्रम पर बढ़ा विवाद
तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान गीतों को बजाने के क्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आमतौर पर राज्य के सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत तमिलनाडु के राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज्थु’ से होती है और अंत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ किया जाता है. लेकिन इस बार समारोह में सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान और आखिर में तमिल प्रार्थना गीत गाया गया. इसी बात पर कई राजनीतिक दलों और लोगों ने आपत्ति जताई.
केंद्र सरकार के प्रस्ताव से बढ़ा विवाद
हाल ही में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ में बदलाव का प्रस्ताव मंजूर किया था. इसके तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान देने की बात कही गई है. प्रस्ताव के अनुसार अगर कोई ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा डालता है, तो उसे वही सजा मिल सकती है जो राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज या संविधान के अपमान पर दी जाती है. इसी फैसले के बाद तमिलनाडु में हुए इस कार्यक्रम को लेकर बहस और तेज हो गई.
ऊपर लाल सूर्ख तीखें मसाले, नीचे मुलायम पोहा, इंदौरिया के इस झन्नाटेदार डिश के लिए है अलग लेवल की दीवानगी!
उसल बनाने के लिए रात भर भीगी हुई मटर या मोठ को उबाला जाता है. फिर एक कड़ाही में तेल गरम कर राई, जीरा, हींग और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाया जाता है. इसमें पिसा हुआ प्याज-लहसुन का पेस्ट और सूखे मसाले हल्दी, धनिया, मिर्च डाले जाते हैं. जब मसाला तेल छोड़ दे, तो उबली हुई दाल और पानी डालकर इसे तब तक पकाया जाता है
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