दिल्ली शराब नीति मामले में पर्नोड रिकार्ड के खिलाफ जांच के आदेश, बिक्री बढ़ाने के लिए रिटेलर्स को 200 करोड़ रुपए की मदद देने का आरोप
नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। निष्पक्ष व्यापार नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने नई दिल्ली में अपने ब्रांड की बिक्री बढ़ाने के लिए खुदरा विक्रेताओं को करीब 200 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी।
सीसीआई के आदेश के अनुसार, यह मामला 2021 में लागू दिल्ली आबकारी नीति के तहत शराब विक्रेताओं को बैंक ऋण दिलाने के लिए पर्नोड रिकार्ड द्वारा दिए गए कॉरपोरेट गारंटी से जुड़ा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने शराब लाइसेंस के लिए बोली लगाने वाले रिटेलर्स की मदद के लिए लगभग 2.3 करोड़ यूरो यानी करीब 200 करोड़ रुपए की गारंटी दी। बदले में रिटेलर्स ने पर्नोड रिकार्ड के उत्पादों को दुकानों में ज्यादा जगह और प्राथमिकता दी।
सीसीआई ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और विस्तृत जांच की जरूरत है। आयोग के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था बाजार में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती है और दूसरे ब्रांड्स को नुकसान पहुंचाकर ग्राहकों के विकल्प सीमित कर सकती है।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों के उत्पादों को जगह न देने से बाजार की मांग प्रभावित हो सकती है और ग्राहकों का रुझान अन्य ब्रांड्स से हट सकता है।
नियामक ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियों के कारण दिल्ली की दुकानों में दूसरे ब्रांड्स की बिक्री पर असर पड़ सकता है।
सीसीआई के आदेश में 2021 के एक आंतरिक कंपनी संदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित तौर पर अधिकारियों ने रिटेलर्स को आर्थिक मदद देकर दिल्ली के शराब बाजार में रणनीतिक बढ़त हासिल करने की बात कही थी।
अब सीसीआई के महानिदेशक (डीजी) इस मामले की विस्तृत जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा।
सीसीआई ने अपने आदेश में कहा, प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 26(1) के तहत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीसीआई ने शुरुआती तौर पर माना है कि पर्नोड रिकार्ड और उससे जुड़े रिटेलर्स या थोक विक्रेताओं द्वारा बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए किए गए समझौते “एक्सक्लूसिव डीलिंग एग्रीमेंट” की श्रेणी में आ सकते हैं, जो प्रतिस्पर्धा कानून के तहत प्रतिबंधित हैं।
आयोग ने महानिदेशक को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
सीसीआई ने कहा कि जांच में केवल पर्नोड रिकार्ड, इंडो स्पिरिट्स, पाथवे एचआर सॉल्यूशंस, यूनिवर्सल डिस्ट्रीब्यूटर्स, खाओ गली, बबली बेवरेजेज, शिव एसोसिएट्स और ऑर्गेनोमिक्स इकोसिस्टम्स जैसी कंपनियां शामिल रहेंगी, जबकि अन्य पक्षों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ आरोप हटा दिए गए हैं।
पर्नोड रिकार्ड के पोर्टफोलियो में शिवास रीगल और एब्सोल्यूट वोडका जैसे ब्रांड शामिल हैं। कंपनी ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कंपनी दिल्ली शराब नीति और टैक्स विवादों से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में रह चुकी है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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चुनावी हार के बाद ममता की चुप्पी टूटी: BJP सरकार पर हमला, बोलीं- ‘रविंद्र जयंती पर 3 जगहों पर जाने से रोका’
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी पहली बार मीडिया के सामने आईं। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर उन्होंने नवगठित बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्हें तीन अलग-अलग स्थानों पर जाने से रोका गया और उनके सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाधा डालने की कोशिश की गई।
3 जगहों पर जाने से रोकने का आरोप
ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि उन्हें आज तीन अलग-अलग स्थानों पर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि रविंद्र जयंती से जुड़े कार्यक्रमों के लिए टीएमसी की ओर से तीन स्थानों पर अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर अनुमति देने से इनकार कर दिया। ममता ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश में जुटी है।
পঁচিশে বৈশাখের এই পুণ্য দিনে বিশ্ববন্দিত শ্রেষ্ঠ চিন্তাবিদ, কবিগুরু রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের চরণে নিবেদন করি আমার অন্তহীন প্রণাম। রবীন্দ্রজয়ন্তী আমাদের কাছে বাংলা ভাষা-সংস্কৃতি ও ঐতিহ্যেরই এক নবজন্মের মহোৎসব। তাঁর সুগভীর জীবনদর্শন আমাদের প্রাত্যহিক পথচলার অবিনাশী আলোকবর্তিকা। তিনি…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 9, 2026
डेकोरेटर्स को डराने का दावा और निजी आवास पर कार्यक्रम
टीएमसी प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जो डेकोरेटर्स कार्यक्रम की तैयारियों में लगे थे, उन्हें डराया-धमकाया गया और सहयोग करने से रोका गया। प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए ममता बनर्जी ने अंततः अपने निजी आवास पर ही रविंद्र जयंती का कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों पर इस तरह की रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बंगाल में अब महापुरुषों की जयंती मनाने की भी स्वतंत्रता नहीं रह गई है।
रविंद्रनाथ टैगोर के विचारों की प्रासंगिकता
इस मौके पर ममता बनर्जी ने गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि टैगोर का दर्शन बांग्ला भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जन्म का प्रतीक है। उन्होंने गुरुदेव की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन-दर्शन हमें सिखाता है कि विभाजन सत्य नहीं है, सत्य तो एकता है। ममता ने टैगोर को मानवता और विश्व बंधुत्व का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं वर्तमान समय में विभाजनकारी ताकतों से लड़ने के लिए बहुत आवश्यक हैं।
बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का आह्वान
मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी की 'विभाजनकारी' राजनीति को केवल एकजुटता और मानवता के जरिए ही मात दी जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि भले ही उनकी चुनाव में हार हुई है, लेकिन वे बीजेपी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। ममता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं से भी एकजुट रहने और किसी भी तरह के दबाव में न आने का आह्वान किया।
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