चुनावी हार के बाद ममता की चुप्पी टूटी: BJP सरकार पर हमला, बोलीं- ‘रविंद्र जयंती पर 3 जगहों पर जाने से रोका’
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी पहली बार मीडिया के सामने आईं। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर उन्होंने नवगठित बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्हें तीन अलग-अलग स्थानों पर जाने से रोका गया और उनके सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाधा डालने की कोशिश की गई।
3 जगहों पर जाने से रोकने का आरोप
ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि उन्हें आज तीन अलग-अलग स्थानों पर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि रविंद्र जयंती से जुड़े कार्यक्रमों के लिए टीएमसी की ओर से तीन स्थानों पर अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर अनुमति देने से इनकार कर दिया। ममता ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश में जुटी है।
পঁচিশে বৈশাখের এই পুণ্য দিনে বিশ্ববন্দিত শ্রেষ্ঠ চিন্তাবিদ, কবিগুরু রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের চরণে নিবেদন করি আমার অন্তহীন প্রণাম। রবীন্দ্রজয়ন্তী আমাদের কাছে বাংলা ভাষা-সংস্কৃতি ও ঐতিহ্যেরই এক নবজন্মের মহোৎসব। তাঁর সুগভীর জীবনদর্শন আমাদের প্রাত্যহিক পথচলার অবিনাশী আলোকবর্তিকা। তিনি…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 9, 2026
डेकोरेटर्स को डराने का दावा और निजी आवास पर कार्यक्रम
टीएमसी प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जो डेकोरेटर्स कार्यक्रम की तैयारियों में लगे थे, उन्हें डराया-धमकाया गया और सहयोग करने से रोका गया। प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए ममता बनर्जी ने अंततः अपने निजी आवास पर ही रविंद्र जयंती का कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों पर इस तरह की रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बंगाल में अब महापुरुषों की जयंती मनाने की भी स्वतंत्रता नहीं रह गई है।
रविंद्रनाथ टैगोर के विचारों की प्रासंगिकता
इस मौके पर ममता बनर्जी ने गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि टैगोर का दर्शन बांग्ला भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जन्म का प्रतीक है। उन्होंने गुरुदेव की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन-दर्शन हमें सिखाता है कि विभाजन सत्य नहीं है, सत्य तो एकता है। ममता ने टैगोर को मानवता और विश्व बंधुत्व का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं वर्तमान समय में विभाजनकारी ताकतों से लड़ने के लिए बहुत आवश्यक हैं।
बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का आह्वान
मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी की 'विभाजनकारी' राजनीति को केवल एकजुटता और मानवता के जरिए ही मात दी जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि भले ही उनकी चुनाव में हार हुई है, लेकिन वे बीजेपी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। ममता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं से भी एकजुट रहने और किसी भी तरह के दबाव में न आने का आह्वान किया।
ईरान संघर्ष के असर से निपटने के लिए मिस्र को 1 बिलियन डॉलर देगा वर्ल्ड बैंक
नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। ईरान संघर्ष का असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ा है। हालात मिस्र के भी ठीक नहीं हैं। यही वजह है कि आर्थिक झटकों से निपटने के लिए विश्व बैंक ने कुल 1 बिलियन डॉलर (अतिरिक्त तीन सौ मिलियन डॉलर) फंड देने के फैसले पर मुहर लगाई है।
वर्ल्ड बैंक के मिस्र, यमन और जिबूती के निदेशक स्टीफन गिम्बर्ट ने कहा कि यह पैकेज क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता और युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक झटकों से निपटने में मदद करेगा।
इजिप्ट इंडिपेंटेड मीडिया आउटलेट के अनुसार, इस सहायता राशि में वर्ल्ड बैंक की ओर से 800 मिलियन डॉलर (7,200 करोड़ रुपए) और ब्रिटेन की तरफ से 200 मिलियन डॉलर (1,800 करोड़ रुपए) की गारंटी शामिल है। इस पैकेज को मंजूरी शुक्रवार को दी गई थी।
गिम्बर्ट के मुताबिक पहले वर्ल्ड बैंक की हिस्सेदारी 500 मिलियन डॉलर (4,500 करोड़ रुपए) तय थी, लेकिन ईरान युद्ध और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया और 800 मिलियन डॉलर की राशि तय की गई। विश्व बैंक यह फंडिंग बाजार दरों की तुलना में काफी आसान शर्तों पर दे रहा है। इस पर करीब 6 प्रतिशत ब्याज होगा, जबकि कर्ज चुकाने की अवधि 30 साल रखी गई है। वहीं शुरुआती समय में भुगतान से राहत भी मिलेगी।
यह सहायता तीन चरण वाले कार्यक्रम का दूसरा हिस्सा है। पहला चरण जून 2024 में मंजूर हुआ था, जबकि तीसरा चरण अगले साल प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दे सकती हैं।
मिस्र में यूके के राजदूत, मार्क ब्रायसन-रिचर्डसन ने कहा कि इस ऑपरेशन से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी और मिस्र का सतत विकास होगा जिससे आम मिस्रवासियों को फायदा होगा।
--आईएएनएस
केआर/
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