ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने क्यों लगाई सीजफायर की गुहार, हार के बाद अब किन तैयारियों में जुटा है ?
ऑपरेशन सिंदूर के एक बरस पूरे हो चुके हैं और भारत पाकिस्तान का यह वॉर फिर से चर्चा में है. चर्चा के केंद्र में सीजफायर भी है जिसे लेकर पाकिस्तान का शुरुआती प्रोपगंडा ध्वस्त हो चुका है. भारत द्वारा मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं, रणनीतिक तैयारी और कमांड संरचना की कई कमजोरियों को न सिर्फ उजागर किया बल्कि कई मोर्चों पर गहरा धक्का दिया.
यही कारण था कि पाकिस्तान ने संघर्ष को लंबा खींचने के बजाय 10 मई 2025 को जल्द युद्धविराम का रास्ता चुना. इस सीजफायर के बाद से लेकर अबतक अगर आप पाकिस्तान के मिलिट्री फोकस पर गौर करें तो पाएंगे पाकिस्तान लगातार सैन्य आधुनिकीकरण, चीन और तुर्किये से हथियारों की तेजी से खरीद, तथा संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव को अंजाम दे रहा है.
7 मई को भारत का सटीक प्रहार, 10 मई को निर्णायक संदेश
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। भारत ने शुरुआती चरण में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया, जिससे पाकिस्तान को तनाव कम करने का अवसर दिया गया। लेकिन पाकिस्तान ने ड्रोन, रॉकेट और लंबी दूरी की तोपों से जवाबी हमले करने की कोशिश की, जो काफी हद तक विफल रहे। इसके बाद भारत ने 10 मई को पाकिस्तान के 11 एयरबेसों पर हमला किया, जिनमें नूर खान एयरबेस भी शामिल था, जो रावलपिंडी स्थित जीएचक्यू और इस्लामाबाद के बेहद करीब है।
पाकिस्तान को मिला साफ संदेश: भारत कहीं भी हमला कर सकता है
इन हमलों ने पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत उसके रणनीतिक और उच्च-मूल्य वाले सैन्य ठिकानों पर गहराई तक जाकर सटीक हमला करने की क्षमता रखता है। इससे पाकिस्तान को आशंका हुई कि यदि संघर्ष जारी रहा तो उसके कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, कोर मुख्यालय और शीर्ष नेतृत्व तक को निशाना बनाया जा सकता है। यह स्थिति पाकिस्तान के लिए गंभीर रणनीतिक संकट बन गई। और ऐसे में पाक हुक्मरान आनन फानन में सीजफायर की पेशकश करते नज़र आए। जब भारत के DGMO ने कॉल नहीं उठाया तो फिर पाक के भारत स्थित हाई कमिश्नर ने सीजफायर के लिए कॉल पर गुहार लगाया और फिर आगे की बात हुई।
युद्ध के बाद हथियारों की खरीद में अचानक तेजी
संघर्ष समाप्त होते ही पाकिस्तान ने चीन और तुर्किये से बड़े पैमाने पर हथियार खरीदने की प्रक्रिया तेज कर दी। पाकिस्तान ने ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया, जो FATAH श्रृंखला के गाइडेड मल्टी-लॉन्च रॉकेट सिस्टम पर आधारित है। इससे स्पष्ट है कि युद्ध के दौरान उसकी लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता कमजोर साबित हुई।
चीनी Z-10ME हेलीकॉप्टर और ड्रोन फोर्स
पाकिस्तान ने चीनी Z-10ME अटैक हेलीकॉप्टरों को शामिल किया, जिससे यह संकेत मिला कि उसके मौजूदा हेलीकॉप्टर बेड़े और क्लोज एयर सपोर्ट क्षमता अपर्याप्त थी। इसके साथ ही पाकिस्तान ने एक समर्पित यूएवी (ड्रोन) फोर्स विकसित करने की दिशा में भी तेजी दिखाई, ताकि निगरानी, लक्ष्य पहचान और वास्तविक समय के युद्धक्षेत्र की जानकारी को मजबूत किया जा सके। वहीं 155 मिमी गोला-बारूद और SH-15 तोपों की खरीद भी बढ़ाई गई।
युद्ध ने पाकिस्तान की गोला-बारूद उत्पादन क्षमता की सीमाएं भी उजागर कर दीं। इसके बाद 155 मिमी आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन सुविधा स्थापित करने की योजना शुरू हुई। साथ ही चीन से 25 से अधिक रेजिमेंट के बराबर SH-15 माउंटेड गन सिस्टम हासिल करने की प्रक्रिया तेज की गई।
'महाभारत' की ये एक्ट्रेस कर चुकी हैं 3 बार आत्महत्या की कोशिश, डिप्रेशन की वजह से हुआ बुरा हाल
Roopa Ganguly Attempt 3 Times Suicide: टीवी इंडस्ट्री के इतिहास में जब भी सबसे दमदार और यादगार महिला किरदारों की बात होती है, तो रूपा गांगुली का नाम जरूर लिया जाता है. जी हां, बीआर चोपड़ा के मशहूर माइथोलॉजिकल सीरियल महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाकर उन्होंने ऐसी लोकप्रियता हासिल की, जो आज भी बरकरार है. उनकी दमदार आवाज, भावनात्मक अभिनय और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई.
रूपा गांगुली ने सिर्फ हिंदी टीवी इंडस्ट्री में ही नहीं, बल्कि बंगाली फिल्मों में भी अपनी खास पहचान बनाई. हालांकि, पर्दे पर मजबूत नजर आने वाली ये एक्ट्रेस असल जिंदगी में गहरे संघर्ष और दर्द से गुजर चुकी हैं. उनकी निजी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव ने उन्हें मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया था कि उन्होंने तीन बार अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की थी.
शादी के बाद छोड़ दिया था करियर
रूपा गांगुली ने साल 1992 में मैकेनिकल इंजीनियर ध्रुबो मुखर्जी से शादी की थी. शादी के बाद उन्होंने एक्टिंग करियर से दूरी बना ली और पति के साथ कोलकाता शिफ्ट हो गईं. दोनों का एक बेटा भी हुआ, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा. धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां इतनी बढ़ गईं कि उनका शादीशुदा जीवन मुश्किलों से भर गया.
“मैंने तीन बार आत्महत्या की कोशिश की”
अपने जीवन के सबसे दर्दनाक दौर का खुलासा रूपा गांगुली ने टीवी रियलिटी शो 'सच का सामना' में किया था. उन्होंने बताया था कि शादीशुदा जिंदगी में लगातार तनाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने तीन बार आत्महत्या करने की कोशिश की. रूपा ने कहा था, “मैंने बहुत सारी नींद की गोलियां खा ली थीं, लेकिन हर बार बच गई. शायद भगवान मुझे बचाना चाहते थे.” उनके इस बयान ने उस समय हर किसी को हैरान कर दिया था. रूपा ने ये भी बताया था कि वो मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थीं कि उन्हें जिंदगी खत्म करना ही एकमात्र रास्ता लगने लगा था.
घर खर्च के लिए भी नहीं देते थे पैसे
रूपा गांगुली ने अपने पति ध्रुबो मुखर्जी पर ये आरोप भी लगाया था कि शादी के बाद वो उन्हें रोजमर्रा के खर्चों के लिए पैसे तक नहीं देते थे.
उन्होंने बताया कि समय के साथ दोनों के रिश्ते और खराब होते गए. करीब 14 साल तक साथ रहने के बाद दोनों ने अलग होने का फैसला लिया. साल 2007 में दोनों अलग हो गए और जनवरी 2009 में उनका आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया.
तलाक से पहले ही दूसरे रिश्ते में थीं रूपा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पति से अलग होने के बाद रूपा गांगुली की जिंदगी में सिंगर दिब्येंदु की एंट्री हुई. बताया जाता है कि दिब्येंदु उम्र में उनसे करीब 13 साल छोटे थे. दोनों मुंबई में लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे. हालांकि, कुछ समय बाद ये रिश्ता भी खत्म हो गया. खास बात ये रही कि जब रूपा दिब्येंदु के साथ रिश्ते में थीं, उस समय तक उनका पति से आधिकारिक तलाक नहीं हुआ था. इस बात का खुलासा उन्होंने खुद सच का सामना में किया था.
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