सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटों बाद ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने X पर अपनी प्रोफाइल का विवरण अपडेट कर दिया, जिससे इस बात पर एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया कि क्या उन्होंने आखिरकार राज्य में भाजपा की जीत को स्वीकार कर लिया है। बनर्जी की प्रोफाइल में अब उन्हें अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा) के रूप में वर्णित किया गया है।
इससे पहले, उनकी प्रोफाइल में उन्हें माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल के रूप में संबोधित किया गया था। यह बदलाव कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद हुआ, जहां भाजपा ने राज्य में अपनी पहली सरकार का गठन किया। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा ने भारी बहुमत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं और बंगाल की राजनीति में क्षेत्रीय दलों के वर्षों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
जीत के बाद, अधिकारी ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस फैसले को "ऐतिहासिक" बताते हुए, नए मुख्यमंत्री ने विकास, शासन सुधार और राजनीतिक स्थिरता पर केंद्रित सरकार का वादा किया। शपथ ग्रहण समारोह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजनीतिक घटना में तब्दील हो गया, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बनर्जी के सोशल मीडिया प्रोफाइल में हुए अपडेट ने सबका ध्यान खींचा है क्योंकि यह चुनाव में हार के बाद उनके इस्तीफे की मांग का कड़ा विरोध करने के कुछ दिनों बाद आया है। नतीजों के बाद, टीएमसी प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह चुपचाप पद नहीं छोड़ेंगी और उन्होंने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए चुनाव के दौरान अनुचित प्रक्रियाओं का आरोप लगाया था। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया और अन्य राज्यों में विपक्षी गठबंधनों की हार को एक व्यापक राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा बताया।
भीषण गर्मी हो या फिर सेहत की बात हो नारियल पानी हर जगह काम आता है। लेकिन अक्सर लोग नारियल खरीदते समय धोखा खा जाते हैं। कभी ऊपर से बड़े नारियल में अंदर पानी की एक बूंद भी नहीं निकलती है। तो कभी ऐसा नारियल सूखा निकल जाता है। तो फिर सवाल यह आता है कि नारियल की पहचान कैसे करें। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको जानकर आप भी पारखी बन जाएंगे। तो आइए जानते हैं इन सीक्रेट टिप्स के बारे में, जो यह समझने में मदद करेंगे कि कौन सा नारियल पानी से पूरा भरा होगा।
वजन और आकार
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बड़ा नारियल में ज्यादा पानी होगा। लेकिन अगर कोई नारियल आकार में ज्यादा बड़ा है, लेकिन उठाने में हल्का लग रहा है। तो उसको नहीं खरीदना चाहिए। क्योंकि हल्के नारियल में पानी अंदर से सूख चुका होता है। इसलिए वह नारियल चुनना चाहिए, जो आकार के हिसाब से भारी भी लगे।
तीन लाइन वाले नारियल
नारियल के ऊपरी हिस्से पर तीन धारियां या फिर निशान बने होते हैं। यह लाइनें अंदर की ओर धंसी हों, तो समझ लेना चाहिए कि नारियल पुराना है। ऐसे नारियल में ज्यादा पानी नहीं होता है और स्वाद भी कसैला हो सकता है। ताजा और पानी वाला नारियल ऊपर से उभरा और गोल होता है। ऐसे नारियल में लाइनें गहराई में नहीं होती हैं।
नारियल हिलाकर देखें
अधिकतर लोग नारियल को हिलाकर उसके पानी का अंदाजा लगाते हैं। लेकिन वह पानी वाला नारियल नहीं होता है। जो नारियल पानी से पूरा भरा होता है, उसमें हवा के लिए जगह नहीं बचती है। ऐसे में वह आवाज नहीं करता है। लेकिन अगर नारियल में पानी की आवाज आ रही है, तो इसका मतलब है कि उसमें कम पानी है और मलाई ज्यादा बनने लगी है।
रंग से पहचान करें
नारियल का रंग देखकर उसकी ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। पानी के लिए हमेशा चमकीले हरे रंग का नारियल लेना चाहिए। वहीं अगर नारियल पीला या भूरा पड़ने लगा है, तो इसका मतलब वह काफी पहले पेड़ से तोड़ा गया है। जैसे-जैसे नारियल पुराना होता जाता है, उसका पानी कम होता जाता है। ऐसा नारियल ठोस या मलाईदार होने लगता है। गहरे हरे रंग के नारियल में सबसे ज्यादा पानी और मिठास होती है।
सही आकार
गोल नारियल की जगह ओवल नारियल लेना चाहिए। जो नारियल थोड़े लंबे होते हैं, उनमें गोल नारियल की तुलना में कम पानी निकलने की संभावना होती है। मलाई जमने के लिए अक्सर गोल नारियल अच्छे माने जाते हैं। वहीं पानी के लिए लंबे नारियल परफेक्ट होते हैं।
नारियल का मुहाना देखें
नारियल खरीदने के दौरान इसका मुहाना देखना चाहिए। अगर ऊपरी हिस्सा नम या थोड़ा गीला दिख रहा है, तो इसको नहीं लेना चाहिए। क्योंकि ऐसा नारियल कहीं से लीक हो सकता है या फिर उसमें फंगस लगा हो सकता है। अगर नारियल के मुहाने पर छेद जैसा दिखे, तो यह भी खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा ऊपरी हिस्सा सूखा और साफ-सुथरा दिखने वाला नारियल लेना चाहिए।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया है। डोप टेस्ट में अनुपस्थिति और वापसी प्रक्रिया में नियम उल्लंघन को लेकर जारी इस कार्रवाई ने भारतीय कुश्ती में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
संन्यास से वापसी और नियमों की अनदेखी का आरोप WFI की ओर से जारी नोटिस के अनुसार विनेश फोगाट ने अपने संन्यास के फैसले को पलटने और खेल में वापस लौटने की प्रक्रिया में नियमों की गंभीर अनदेखी की है। महासंघ का कहना है कि अगस्त 2024 में पेरिस ओलिंपिक से अयोग्य घोषित होने के बाद विनेश ने सार्वजनिक रूप से संन्यास की घोषणा की थी।
नियमों के मुताबिक संन्यास से वापसी के लिए किसी भी खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले महासंघ को सूचित करना अनिवार्य होता है। WFI ने स्पष्ट किया कि विनेश ने इस प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, जो कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। महासंघ के अनुसार, इस व्यवहार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती की गरिमा को ठेस पहुंची है।
डोप टेस्ट में अनुपस्थिति और अनुशासन पर सवाल विनेश के खिलाफ महासंघ ने केवल वापसी की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि डोपिंग नियमों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया गया है कि 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में होने वाले एक अनिवार्य डोप टेस्ट में विनेश शामिल नहीं हुई थीं। इस चूक को लेकर अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने भी 4 मई को उन्हें नोटिस थमाया था।
WFI ने विनेश से चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है और पूछा है कि उनकी इस निरंतर 'अनुशासनहीनता' के लिए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। महासंघ ने अपने बयान में कहा कि किसी भी खिलाड़ी का कद खेल और नियमों से बड़ा नहीं हो सकता।
बृजभूषण पर तीखा हमला इस प्रतिबंध से ठीक एक सप्ताह पहले विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर फिर से गंभीर आरोप लगाए थे। विनेश ने खुलासा किया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में उनका शामिल होना मानसिक रूप से कठिन है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि मैं उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है और मेरी गवाही अदालत में चल रही है। ऐसे में आरोपी के घर (गोंडा) में जाकर कुश्ती लड़ना मेरे लिए लगभग असंभव है। वहां मेरी टीम मुकाबला करेगी, लेकिन यदि किसी खिलाड़ी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।
गोंडा टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर उठाए सवाल विनेश ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट बृजभूषण के निजी प्रभाव वाले क्षेत्र में आयोजित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कौन सा रेफरी किस खिलाड़ी को अंक देगा और किसे विजेता घोषित किया जाएगा, यह सब पूर्व अध्यक्ष के करीबी लोगों की ओर से नियंत्रित होगा।
विनेश के अनुसार, खेल मंत्रालय और सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर मूक दर्शक बनी हुई है, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां निष्पक्ष वजन जांच और पारदर्शी परिणाम की उम्मीद करना बेमानी है।
तीन साल पुराना संघर्ष और राजनीतिक मोड़ उल्लेखनीय है कि विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने लगभग तीन साल पहले जंतर-मंतर पर ऐतिहासिक धरना दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह महिला खिलाड़ियों का शोषण करते हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़पें भी हुई थीं।
वर्तमान में विनेश फोगाट हरियाणा के जुलाना क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक हैं, जबकि बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के पूर्व सांसद हैं। उनके परिवार का राजनीतिक रसूख अब भी बरकरार है, क्योंकि उनके पुत्र वर्तमान में सांसद और विधायक के रूप में सक्रिय हैं। दूसरी ओर, बृजभूषण ने हमेशा इन आरोपों को निराधार बताया है और इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया है।
मैट पर वापसी का संकल्प नहीं छोड़ा इतने विवादों और प्रतिबंधों के बीच भी विनेश फोगाट ने मैट पर वापसी का संकल्प नहीं छोड़ा है। उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा कि वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती से दूर थीं, लेकिन अब पूरी ईमानदारी से प्रशिक्षण ले रही हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ईश्वरीय आशीर्वाद और जनता के सहयोग से वह फिर से देश के लिए पदक जीतेंगी और तिरंगे का मान बढ़ाएंगी। फिलहाल 26 जून तक का यह प्रतिबंध विनेश के करियर के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो सकता है और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि वह महासंघ के नोटिस का क्या जवाब देती हैं।