अहमदाबाद क्यों शिफ्ट किया गया आईपीएल का फाइनल? बीसीसीआई सचिव का आया बयान
IPL 2026 Final Venue Devajit Saikia Statement: आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला बेंगलुरु की जगह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. इस फैसले के पीछे की वजह का खुलासा बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने किया है. सैकिया ने बताया कि टिकटों की भारी मांग, सरकार और नेताओं का दबाव, अतिरिक्त 10,000 टिकटों की शर्त और प्रबंधन में कठिनाई के चलते बीसीसीआई को वेन्यू बदलने का बड़ा फैसला लेना पड़ा.
चिराग पासवान ने इस राज्य में छोड़ा बीजेपी का साथ, अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने पंजाब की राजनीति में बड़ा दांव चलते हुए अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह पंजाब विधानसभा की सभी 117 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इस घोषणा के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अब तक एलजेपी (रामविलास) को बीजेपी का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है.
पंजाब में नई जमीन तलाश रहे चिराग
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी डॉ. केपी चौधरी ने कहा कि पार्टी अब पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने पर पूरा फोकस करेगी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर राज्य में बड़े स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां शुरू की जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि पंजाब में पार्टी को मजबूत सामाजिक समर्थन मिलने की उम्मीद है, खासतौर पर अनुसूचित जाति वर्ग के बीच. पंजाब में करीब 32 से 34 प्रतिशत वोटर एससी समुदाय से आते हैं और पार्टी इसी आधार पर अपनी रणनीति तैयार कर रही है.
बीजेपी से दूरी या रणनीतिक दबाव?
हालांकि एलजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है, लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया. डॉ. चौधरी ने कहा कि केंद्र में पार्टी एनडीए का हिस्सा है और बीजेपी के साथ उसके अच्छे संबंध हैं. लेकिन पंजाब चुनाव को लेकर अंतिम फैसला “सही समय” पर लिया जाएगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान बीजेपी पर सीट शेयरिंग को लेकर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है. क्योंकि पंजाब में बीजेपी अभी अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है और ऐसे में एलजेपी खुद को मजबूत सहयोगी के रूप में पेश करना चाहती है.
जालंधर से शुरू होगा चुनावी अभियान
पार्टी ने पंजाब में चुनावी तैयारियों को लेकर बड़ा रोडमैप भी तैयार किया है. 9 मई को जालंधर में एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी. इसके अलावा 14 जून को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में खुद चिराग पासवान भी शामिल होंगे.
युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस
एलजेपी ने संकेत दिए हैं कि उसका चुनावी एजेंडा पंजाब की मौजूदा समस्याओं पर केंद्रित रहेगा. पार्टी ने बेरोजगारी, नशे और युवाओं के पलायन को बड़ा मुद्दा बताया है. डॉ. चौधरी ने कहा कि पंजाब का युवा भविष्य को लेकर चिंतित है और मौजूदा सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी.
महिलाओं को लेकर भी पार्टी ने बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान दिया जाएगा. माना जा रहा है कि पार्टी महिलाओं और दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश करेगी.
पंजाब की राजनीति में बढ़ेगी चुनौती
एलजेपी (रामविलास) के इस ऐलान से पंजाब का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. अब देखना होगा कि पार्टी वास्तव में अकेले मैदान में उतरती है या चुनाव से पहले बीजेपी के साथ कोई नया समीकरण बनता है. लेकिन इतना तय है कि चिराग पासवान अब बिहार से बाहर भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं.
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