बंगाल के लिए शाह और 5 नेताओं की टीम जुटी:दिन में रैलियां कीं, रात में हर सीट का माइक्रो मैनेजमेंट; पार्टी ने 206 सीटें जीतीं
भाजपा की बंगाल विजय ऐतिहासिक है। इस बदलाव के रणनीतिकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रहे जो 15 दिन से ज्यादा बंगाल में डटे रहे। उन्होंने चुनाव अभियान को मिशन में बदल दिया। शाह दिन में रैली और रोड शो करते, रात में हर सीट की समीक्षा करते। इसी आधार पर माइक्रो मैनेजमेंट देखते थे। 50 से अधिक रैली और रोड शो किए। उनके साथ 5 और प्रमुख नेता कोर टीम की तरह हर मोर्चे पर डटी रही। 2021 की हिंसा के बाद घर-घर पहुंचा संघ भाजपा की जीत के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की करीब डेढ़ दशक लंबी तैयारी भी है। 2011 में राज्य में करीब 530 शाखाएं थीं, जो 2500 से ज्यादा हो चुकी हैं। पिछले साल में 583 नई शाखाएं खुलीं। चुनाव से पहले संघ ने पर्दे के पीछे रहकर एक लाख से ज्यादा छोटी बैठकों के जरिए परिवर्तन का नैरेटिव सेट कर दिया। जानते हैं संघ के 5 असरदार कदम क्या रहे... पीड़ितों का ‘कवच’: 2021 की हिंसा के बाद संघ सुरक्षा कवच की भूमिका में आया। पीड़ितों के घर जाकर आर्थिक और कानूनी मदद दी। शीर्ष नेतृत्व से संवाद कराया। संदेश गया कि संगठन साथ है। संदेशखाली से आवाज: संदेशखाली जैसे इलाकों में सीधे टकराव के बजाय भरोसे की रणनीति अपनाई। महिलाओं व पीड़ितों से संवाद के जरिए उन्हें बात उठाने को प्रेरित किया। बड़ी संख्या में लोग सामने आए। बाहरी नैरेटिव खत्म: सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर काम किया। स्थानीय त्योहारों, विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए भाजपा को स्थानीय विकल्प के रूप में पेश किया। डर तोड़ने का अभियान: गांव-मोहल्ले तक पहुंच वोटर्स-वर्कर्स में भरोसा बनाया कि निडर हो वोट दें। लोगों को बूथ तक लाने की तैयारी की। हर क्षेत्र-बूथ की जमीनी स्थिति भाजपा तक पहुंचाई। मुद्दे भविष्य से जोड़े: शिक्षक भर्ती घोटाला, आरजीकर व अन्य मामलों को परिवार और महिलाओं की सुरक्षा व भविष्य से जोड़ा। मुद्दे गांव और शहरी मध्यमवर्ग तक पहुंचाए। असंतोष को वोट में बदलने का माहौल बना। ………………… यह खबर भी पढ़ें… बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, असम में हैट्रिक: तमिलनाडु में एक्टर विजय बनेंगे CM; केरलम में कांग्रेस लौटी, लेफ्ट सरकार अब देश में कहीं नहीं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका ने हॉर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं:व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, ट्रम्प ने ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि ईरान ने इस पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी। इसमें 3 भारतीय भी घायल हुए हैं। 2. प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू: अमेरिका ने होर्मुज के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू किया। इसके तहत होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने का वायदा किया गया है। 3. साउथ कोरियाई जहाज पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ जिससे आग लग गई। ट्रम्प का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 4. जब्त ईरानी जहाज सौंपा: अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया। इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था। 5. ईरान में तीन लोगों को फांसी: ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में लोगों को फांसी दे दी गई। इन पर जनवरी 2026 में तख्तापटल की साजिश का आरोप था। इस साल 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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