बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप: चार बच्चों ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़कर 280
ढाका, 2 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे के लक्षण वाले चार और बच्चों की मौत हो गई, जिससे 15 मार्च से अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 280 हो गई है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने इसकी जानकारी दी।
डीजीएचएस के डेटा का हवाला देते हुए, स्थानीय मीडिया ने बताया कि 24 घंटों (गुरुवार से शुक्रवार तक) के दौरान खसरे के 170 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 38,301 हो गई।
इसी अवधि में 115 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए, जिसके साथ कुल पुष्ट संक्रमणों की संख्या 5,146 तक पहुंच गई। 15 मार्च से अब तक कुल मौतों में 49 की पुष्टि खसरे से हुई है, जबकि 231 मौतें संदिग्ध मामलों में दर्ज की गई हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, नए पहचाने गए मामलों में से 942 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 893 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
पिछले महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बांग्लादेश में फैल रहे खसरे के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की थी। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और टीकाकरण कवरेज में सुधार नहीं किया गया, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि सभी नगर क्षेत्रों में खसरे के टीके की दोनों खुराकों का कवरेज कम से कम 95 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में संदिग्ध मामलों की शीघ्र पहचान के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि देश का स्वास्थ्य क्षेत्र, जो दशकों में विकसित हुआ था, अब कमजोर पड़ने के खतरे में है। प्रमुख अखबार द डेली स्टार के अनुसार, 2025 में राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज घटकर लगभग 60 प्रतिशत रह गया, जो पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले 2010 से 2022 के बीच यह 85 से 92 प्रतिशत के बीच बना हुआ था।
बांग्लादेश का विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम (ईपीआई) लंबे समय तक सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी सफलता माना जाता रहा है, जिसने टीके से रोके जा सकने वाले रोगों को काफी हद तक नियंत्रित किया था। लेकिन वर्तमान संकट इस प्रणाली में आई कमजोरी की ओर संकेत करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो खसरे का व्यापक प्रकोप फैल सकता है। एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पीएम मित्र काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क से देश के टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार, 10 मई को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन: जी. किशन रेड्डी
नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के वारंगल स्थित पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क भारत के वस्त्र उद्योग को गति प्रदान करने के लिए तैयार है। वारंगल में बन रहा पीएम मित्र काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क (केएमटीपी) भारत के टेक्सटाइल उद्योग को नई गति देने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 मई 2026 को हैदराबाद से वर्चुअली इस मेगा टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पार्क एक विश्वस्तरीय इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने आगे बताया कि काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क की कुल परियोजना लागत करीब 1,695.54 करोड़ रुपए है। इस प्रोजेक्ट में 6,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश की संभावना है, जिसमें से अब तक 3,800 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है।
रेड्डी ने कहा कि करीब 1,327 एकड़ में फैला यह पार्क देश के सबसे बड़े टेक्सटाइल पार्कों में से एक है। इसे पीएम मित्र (प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) योजना के तहत ब्राउनफील्ड मेगा टेक्सटाइल पार्क के रूप में चुना गया है। यह प्रधानमंत्री की 5एफ विजन—खेत से रेशा, रेशा से कारखाना, कारखाने से फैशन और फैशन से विदेश—को साकार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस टेक्सटाइल पार्क में 62 प्रतिशत क्षेत्र पहले ही एंकर निवेशकों को आवंटित किया जा चुका है। वहीं, पार्क के अंदर सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं।
इसके अलावा 232/132/33 केवी पावर सबस्टेशन और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन का काम अंतिम चरण में है। 12 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) जल आपूर्ति प्रणाली भी तेजी से तैयार हो रही है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 5 एमएलडी सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का पहला चरण जीरो लिक्विड डिस्चार्ज के साथ ट्रायल रन में है।
इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने पर करीब 24,400 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जबकि अब तक लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिल चुका है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
रणनीतिक लोकेशन, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और मजबूत इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम के साथ यह पार्क भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क उसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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