भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारत की टीम की घोषणा कर दी है। यह टूर्नामेंट 14 जून से शुरू होने वाला है। हरमनप्रीत कौर टीम की कप्तानी करेंगी, जबकि स्मृति मंधाना को उप-कप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऑलराउंडर अमनजोत कौर की अनुपस्थिति होगी। टीम की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक, अमनजोत की अनुपस्थिति भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
यह स्टार ऑलराउंडर चोट के कारण टी20 विश्व कप से बाहर रहेंगी और कप्तान हरमनप्रीत कौर के अनुसार, वह लगभग तीन से चार महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगी। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा को चोट के कारण काश्वी गौतम और अमनजोत कौर के टीम से बाहर होने के बाद पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। इस साल की शुरुआत में, इस दाएं हाथ की तेज गेंदबाज ने महिला क्रिकेट प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में हैट्रिक लेने वाली दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) की पहली गेंदबाज बनकर इतिहास रच दिया था। 24 वर्षीय नंदिनी ने नवी मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में गुजरात जायंट्स के खिलाफ यह कारनामा किया, जिसमें उन्होंने 4-0-33-5 के शानदार आंकड़े दर्ज किए। उन्होंने कुल मिलाकर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 8.31 की इकॉनमी रेट से 17 विकेट लिए।
राधा यादव और यस्तिका भाटिया की वापसी के साथ ही भारत ने महिला टी20 विश्व कप 2026 और उससे पहले इंग्लैंड दौरे के लिए मजबूत टीमें घोषित की हैं। शनिवार को हुई चयन समिति की बैठक में कप्तान हरमनप्रीत कौर, मुख्य कोच अमोल मुजुमदार, चयन समिति की अध्यक्ष अमिता शर्मा और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की उपस्थिति में टीम को अंतिम रूप दिया गया। यस्तिका सितंबर 2025 में बाएं घुटने में गंभीर चोट लगने के कारण पिछले साल के महिला वनडे विश्व कप और 2026 महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में नहीं खेल पाई थीं। बाद में उनकी सफल सर्जरी हुई, जो कि एसीएल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी बताई जा रही है।
Women's T20 World Cup 2026: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम के ऐलान के बाद एक बड़ा सवाल चर्चा में है कि आखिरी क्यों हरलीन देओल को टीम में जगह क्यों नहीं मिली? अब इस पर चयन समिति की अध्यक्ष अमिता शर्मा ने साफ जवाब दिया।
शनिवार को घोषित 15 सदस्यीय टीम में हरमनप्रीत कौर को कप्तान और स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया। लेकिन पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं हरलीन को इस बार टी20 स्क्वाड में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली है, जिससे साफ है कि यह फैसला फॉर्मेट के आधार पर लिया गया।
अमिता शर्मा ने हरलीन को बाहर करने की वजह बताते हुए कहा कि टीम के पास मिडिल ऑर्डर में सिर्फ एक स्लॉट था और चयनकर्ताओं को लगा कि भारती फूलमाली इस भूमिका के लिए बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा, 'मिडिल ऑर्डर में हमारे पास एक ही जगह थी और हमें लगा कि फुलमाली उस रोल में थोड़ा बेहतर फिट बैठती हैं।'
दरअसल, हाल के समय में फुलमाली ने छोटे फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनकी हालिया फॉर्म ने उन्हें टी20 टीम में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, हरलीन हरलीन देओल का मामला भी चर्चा में रहा। WPL 2026 के दौरान उन्हें एक मैच में 47 रन पर रिटायर आउट कर दिया गया था, जो बड़ा विवाद बना। हालांकि, अगले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 39 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
इसके बावजूद चयनकर्ताओं का फैसला नहीं बदला। हरलीन के टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड ने भी उनके खिलाफ काम किया। उन्होंने अब तक 26 टी20 मैचों में 298 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 17.53 है और सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है। साथ ही वह लंबे समय से टीम का नियमित हिस्सा भी नहीं रही हैं। चयन समिति का बयान भले ही संतुलित रहा, लेकिन संदेश साफ था कि हरलीन को मौका मिला, लेकिन टीम ने फुलमाली पर भरोसा जताया।
अब देखना होगा कि भारत की यह रणनीति टी20 वर्ल्ड कप में कितना सफल साबित होती है, जहां टीम का लक्ष्य खिताब जीतना है।