Fact Check: नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन का नहीं, ठाणे की केमिकल फैक्ट्री में आग लगने का है यह वीडियो
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर कुछ दिनों से चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन 13 अप्रैल 2026 को उग्र हो गया। इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। इससे जोड़कर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा […]
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Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने ठुकराई याचिका, ZEE5 पर रिलीज नहीं होगी लॉरेंस ऑफ पंजाब
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन से प्रेरित बताई जा रही लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यू सीरीज के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब पहले से ही इस सीरीज के रीलीज न करने के निर्देश दिए गए हैं तो फिर इस मामले में सुनवाई करने लायक कुछ बचा ही नहीं है।
गुजरात की एक जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई 33 के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक है। पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस सीरीज को रोकने की अपील की थी क्योंकि इससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो सकता है।
यह डॉक्यू-सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नाम से ZEE5 प्लेटफॉर्म पर 27 अप्रैल को रिलीज होनी थी। सीरीज गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित है। इसमें उनके अपराधी जीवन, छात्र राजनीति और मीडिया के प्रभाव को दिखाया जाना था। ZEE5 ने दिल्ली हाई कोर्ट में बताया कि केंद्र सरकार ने उन्हें सीरीज प्रसारित न करने की सलाह दी है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ZEE5 को लिखित रूप में सलाह दी कि ऐसी सीरीज जो गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा दे सकती है, उसे रोक दिया जाए।
पंजाब पुलिस ने केंद्र को चिट्ठी लिखकर कहा कि यह सीरीज युवाओं पर बुरा असर डाल सकती है और अपराध को ग्लोरिफाई कर सकती है। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वरिंग ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीरीज पर बैन लगाने की मांग की। लॉरेंस बिश्नोई ने खुद दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करके सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने शुक्रवार को ZEE5 की दलील सुनी जहां प्लेटफॉर्म ने केंद्र की सलाह का हवाला दिया।
27 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई की याचिका को खारिज कर दिया क्योंकि केंद्र की सलाह के बाद सीरीज रिलीज नहीं होगी। कोर्ट ने कहा कि अब याचिका का कोई मतलब नहीं रह गया है। केंद्र सरकार ने 23 और 24 अप्रैल को ZEE5 को तीन एडवाइजरी जारी की थीं। इसमें कहा गया था कि गैंगस्टरों पर बनी डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज को सावधानी से देखा जाए क्योंकि ये हिंसा भड़का सकती हैं।
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