दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की श्रमिक यूनियनों को चेतावनी, अत्यधिक मांगों से हो सकता है नुकसान
सोल, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने गुरुवार को चेतावनी दी कि यूनियनबद्ध श्रमिकों की अत्यधिक मजदूरी संबंधी मांगें अंततः स्वयं यूनियनों और अन्य सहकर्मी कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठनों को मजदूरी और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों को उठाते समय अधिक जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने अपील की कि श्रमिक हितों की रक्षा के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था और अन्य कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह का दीर्घकालिक नुकसान न हो।
न्यूज एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, चेओंग वा डे में सीनियर सहयोगियों के साथ एक मीटिंग के दौरान ली ने कहा, कंपनियों को कॉर्पोरेट मैनेजमेंट में श्रमिकों के साथ कीमती साझेदार जैसा बर्ताव करना चाहिए, लेकिन श्रमिकों और श्रमिक संघ में भी जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए।
ली ने कहा, अगर कुछ श्रमिक संगठन को बहुत ज्यादा या गलत, मतलबी मांगों के लिए लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है, तो इससे न सिर्फ यूनियनों को बल्कि दूसरे श्रमिकों को भी नुकसान होगा। उन्होंने साथी मजदूरों के साथ एकता की भावना रखने की अपील की।
ली की यह बात तब आई, जब सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की एक बड़ी श्रमिक संघ ने कंपनी के रिकॉर्ड हाई रेवेन्यू के हिसाब से ज्यादा बोनस की मांग करते हुए 21 मई से 18 दिन की आम हड़ताल करने की धमकी दी है।
कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर हड़ताल प्लान के मुताबिक आगे बढ़ी तो ऑपरेटिंग लॉस 10 ट्रिलियन वॉन (673.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच सकता है।
इससे पहले दिन में सैमसंग ने कहा कि उसका पहली तिमाही का नेट प्रॉफिट एक साल पहले के 8.22 ट्रिलियन वॉन से पांच गुना से ज्यादा बढ़कर 47.22 ट्रिलियन वॉन हो गया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लीकेशन में इस्तेमाल होने वाले हाई-एंड मेमोरी चिप्स की जबरदस्त डिमांड की वजह से हुआ।
ली ने कहा, ऐसे समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रांजिशन लेबर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए मिलकर काम करने और सहयोग करने की भावना की जरूरत है।
राष्ट्रपति ली ने कहा, ऐसा समाज बनाने के लिए जहां सभी वर्कर और आम लोग एक साथ रह सकें, जिम्मेदारी और एकजुटता की भावना होनी चाहिए।
ली ने इस साल शुक्रवार को पहली बार श्रमिक दिवस मनाए जाने को सार्वजनिक छुट्टी के तौर पर घोषित और श्रम बाजार में अंतर को कम करने और काम की जगहों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और ज्यादा कोशिशों की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पिछले महीने प्रोड्यूसर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से एक से दो महीने बाद कंज्यूमर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है और अधिकारियों से कंज्यूमर की कीमतों को स्थिर करने के लिए पूरी कोशिश करने को कहा।
राष्ट्रपति ने खेती, जानवरों और मछली पालन के सामान की कीमतों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स की लागत का जिक्र ऐसे एरिया के तौर पर किया, जहां असल मायने में ज्यादा असरदार कीमत स्थिर करने के उपायों की जरूरत है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 0.7 प्रतिशत फिसले
मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आने से वैश्विक बाजारों में गिरावट के चलते गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। यह इस हफ्ते का दूसरा कारोबारी सत्र है जब घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंकों यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,913.50 पर ट्रेड करते नजर आया, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 180.10 (0.74 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,997.55 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,014.21 पर खुलकर 77,254.33 का इंट्रा-डे हाई और 76,258.86 का इंट्रा-डे लो बनाया। वहीं निफ्टी50 23,996.95 पर खुलकर 24,087.45 का इंट्रा-डे हाई और 23,796.85 का इंट्रा-डे लो बनाया।
इस दौरान व्यापक बाजारों में भी मंदी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी (0.37 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी फार्मा (0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त) को छोड़कर तकरीबन सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
निफ्टी मेटल में 2.12 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.68 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.35 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 पैक में 15 शेयरों में तेजी देखने को मिली और 34 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक शेयर में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बजाज-ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही सन फार्मा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, मारुति और कोटक बैंक के शेयरों में भी उछाल देखने को मिली। जबकि टीएमपीवी, इटरनल, हिंडाल्को, एचयूएल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, श्रीराम फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी को और तेज करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया।
--आईएएनएस
डीबीपी
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