यूपी के इन गांवों की चमकने वाली है किस्मत, गंगा एक्सप्रेसवे से विकास को मिलेगी रफ्तार
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार राज्य को तेज विकास देने के लिए संकल्पित है. जिसके लिए राज्य में लगातार नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं. यूपी में अब गंगा एक्सप्रेसवे पर भी वाहन रफ्तार भरने लगे हैं. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलने वाली है. क्योंकि योगी सरकार राज्य के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 12 औद्योगिक नोड्स विकसित करने जा रही है.
जिनके लिए 6,507 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है. जिससे आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे वाले क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लाजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) की स्थापना की जाएगी. जिससे उद्यमियों के साथ-साथ गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े 12 जिलों के 519 गांवों के लोगों की किस्मत चमक जाएगी. जिससे यहां गोदामों, यूनिट, कारखानों और रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
रोजगार के पैदा होंगे अवसर
इसके साथ ही यहां युवाओं और महिलाओं को भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPDA) के सामने अब इस क्षेत्र में 987 निवेश प्रस्तावों के तहत लगभग 47 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को धरातल पर उतारने जिम्मेदारी मिली है.
इन जिलों में बनाए गए 12 नोड्स
बता दें कि आईएमएलसी योजना के तहत गंगा एक्सप्रेसवे कारिडोर से जुड़े राज्य के 12 जिलों में 12 नोड्स बनाए गए हैं. इसकी खास बात ये है कि सभी नोड को उसकी भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक संभावनाओं के आधार पर डिजाइन किया गया है, जिससे निर्माता, वेयरहाउसिंग और लाजिस्टिक्स सेक्टर को एक साथ रफ्तार दी जा सके. मेरठ से प्रयागराज तक हर नोड का लोकेशन और एरिया तय किया गया है.
जिसके तहत अब तक 987 इंटेंट्स ऑफ इन्वेस्टमेंट (EOI) मिल चुके हैं. जिनके जरिए 46,660 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है. जिसमें निर्माण यूनिट्स, लाजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, ई-कामर्स सप्लाई चेन और एग्री-प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े प्रस्ताव ज्यादा हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इससे हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. यही नहीं इससे इन जिलों के पारंपरिक उद्यमों को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर सभी जिलों में नोड्स का क्षेत्रफल
राज्य के जिन 12 जिलों से होकर गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है. उन सभी जिलों में नोड्स बनाए गए हैं. इनमें मेरठ में 529 एकड़ जमीन पर नोड बनाया जाएगा. जबकि हापुड़ में 304 एकड़, बुलंदशहर में 2,798 एकड़, अमरोहा में 348 एकड़, संभल में 591 एकड़, बदायूं में 269 एकड़, शाहजहांपुर में 252 एकड़, हरदोई 335 एकड़, उन्नाव में 333 एकड़, रायबरेली में 232 एकड़, प्रतापगढ़ में 263 एकड़ और प्रयागराज 251 एकड़ जमीन का आवंटन किया गया है.
कहां क्या संभावनाएं?
गंगा एक्सप्रेसवे के चलते इन सभी जिलों में अलग-अलग संभावनाएं हैं. जिसमें मेरठ में डाटा सेंटर, वेयरहाउसिंग और स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री के बड़े हब विकसित होने की संभावना है. जबकि दिल्ली के करीब होने की वजह से जिले में लाजिस्टिक्स और ई-कामर्स सेक्टर के बढ़ावा मिलने की संभावना है. वहीं हापुड़ में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. यहां विशेष इंटरचेंज विकसित किए गए हैं, जिससे पर्यटकों की आवाजाही आसान हो जाएगी.
साथ ही यहां आलू और अन्य फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को भी बढ़ावा मिलेगा. जबकि बुलंदशहर के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते ये जिला प्रमुख सप्लाई चेन और लाजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो सकता है. जिससे यहां बड़े इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डेयरी आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा अमरोहा के कारोबार को भी नई गति मिलेगी.
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— Ed Krassenstein (@EdKrassen) April 29, 2026
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