सोना ₹679 बढ़कर ₹1.49 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹16 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹582 बढ़कर ₹2.37 लाख पर पहुंची
सोने-चांदी के दाम में आज यानी 29 अप्रैल को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 679 रुपए बढ़कर 1,48,652 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1,47,973 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 582 रुपए बढ़कर 2,36,882 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को इसकी कीमत 2,36,300 लाख रुपए प्रति किलो थी। सोना इस साल 16 हजार और चांदी 7 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 16 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 7 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.37 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम:अमेजन के संस्थापक बेजोस और उनकी पत्नी ने इको फ्रेंडली कपड़ा बनाने किया 2322 करोड़ दान
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और उनकी पत्नी लॉरेन सांचेज ने फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करीब 2322 करोड़ दान में दिए हैं। यह रकम लैब में बने फाइबर, बैक्टीरिया से निर्मित धागे और खेती के कचरे से तैयार कपड़ों पर खर्च होगी। लॉरेन के लिए यह भावुक फैसला है। गरीबी के कारण उन्होंने अपनी प्रोम ड्रेस खुद ही सिली थी। अब ये उन वैज्ञानिकों की मदद कर रही हैं, जो कपड़े तैयार करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहे हैं। इस फंड का लक्ष्य 3-5 साल में पर्यावरण के अनुकूल कपड़े ग्राहकों तक पहुंचाना है। इससे प्रदूषणकारी सिंथेटिक मटेरियल और जीवाश्म इंधन पर फैशन इंडस्ट्री की निर्भरता कम होगी। ब्लूमबर्ग बिलियनेवर्स इंडेक्स के मुताबिक, बेजोस ₹26.45 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लॉरेन का बचपन संघर्षों के बीच बीता। उनके पास हाई स्कूल की विदाई पार्टी (प्रोम) के लिए महंगी ड्रेस खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने दादी से सिलाई सीखी और खुद लाल रंग की पफ-स्लीव ड्रेस तैयार की। ये पैसे कमाने के लिए कॉफी सर्व और दादी के साथ हाउसकीपिंग करती थीं। लेकिन अब वे सिर्फ महंगे गाउन पहनने तक सीमित नहीं है। यह भी तय कर रही हैं कि भविष्य में कपड़े किस चीज से बनेंगे। उनका दान न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगी, बल्कि फैशन जगत में ऐसे इनोवेशन भी लाएगी, जिनसे कपड़ों का उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। सांचेज को ग्रांट फैशन का भविष्य संवारने के लिए दी गई है। इससे औद्योगिक कचरे से तैयार रेशम जैसे धागे और कपास की जेनेटिक्स पर रिसर्च की जाएगी। बेजोस और लॉरेन उन वैज्ञानिकों का समर्थन कर रहे हैं, जो कपड़े बनाने के पारंपरिक और प्रदूषणकारी तरीकों का विकल्प खोज रहे हैं। फैशन इंडस्ट्री में पॉलिएस्टर जैसे सिंथेटिक मटेरियल का इस्तेमाल ज्यादा होता है। ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी कपड़ा रिटेलर है, इसलिए सांचेज का यह कदम प्रदूषण कम करने, फैशन को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी मशरूम, समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना महंगा, अब दाम कम होंगे सांचेज के दान से पांच प्रमुख संस्थानों को सहायता मिलेगी। बेजोस अर्थ फंड की सहायता राशि कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूसी बर्कले और कॉटन फाउंडेशन जैसे पांच संस्थानों को दी जाएगी। अब तक मशरूम और समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना काफी महंगा रहा है। बेजोस दंपती की मदद से अब इन टिकाऊ कपड़ों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा और कीमत कम होगी।
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