SIP Investment Plan: SIP में इन्वेस्टमेंट करना अच्छा है या बुरा, मेहनत की कमाई लगाने से पहले जरूर जानें बातें?
अक्सर आपने सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसी बाते सुनी होंगी जिनमें दावा किया जाता है कि हर महीने केवल 500 निवेश करके आप लाखों या करोड़ों का फंड बना सकते हैं. आजकल हर कोई SIP को निवेश का एक बहुत ही सुरक्षित जरिया बताता है. हालांकि अहम सवाल अब ये बना हुआ है कि क्या SIP सचमुच उतने ही आसान और सुरक्षित हैं जितने वे दिखते हैं? क्या ये ऐसी चीज हैं जिस पर कोई भरोसा कर सकता है? यह सवाल उठाना पूरी तरह से सही है, क्योंकि जब भी कोई चीज बहुत ज़्यादा लोकप्रिय होती है, तो उसके बारे में गलतफहमियां भी उतनी ही तेजी से फैलने लगती हैं.
हालांकि आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप कुछ खास बातों को ध्यान में रखते हुए इस टूल का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. इसके विपरीत, सही जानकारी की कमी से आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में नीचे कुछ अहम बातें बताई गई हैं जिन्हें आप देख सकते हैं ताकि आप निवेश से जुड़े सही और समझदारी भरे फैसले ले सकें।
सबसे पहले जानते हैं SIP क्यों अच्छा है
- 500 रुपए से भी शुरुआत की जा सकती है
- लॉन्ग टर्म गेन के लिए मंथली पेमेंट करनी होती है.
- बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई खास असर नहीं पड़ता.
- लॉन्ग टर्म के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है
- फाइनेंशियल डिसिप्लिन सिखाता है जो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत जरूरी है
प्रोब्लेम्स क्या है
- जब मार्केट गिरता है तब कुछ लोग SIP बंद कर देते हैं जबकि वो ही सब से बेस्ट तइमे होता हैं निवेश करने का.
- बाजार गिरने का असर एसआईपी पर सिर्फ कुछ समय के लिए पड़ता है इसलिए दर कर बांड नहीं करना चाहिए.
- अगर गलत mutual fund चुना है तो मार्केट ऊपर जाने पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलता
- कम से कम 10-15 साल में ही अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है.
बेस्ट रिजल्ट के लिए क्या करें
- सही म्यूचुअल फंड चुनें - [फंड की हिस्ट्री जरूर देखे पिछले कुछ सालो में कितना रिटर्न दिया है. कौन- कौन से सेक्टर्स में फंड का निवेश है]
- मार्केट के ऊपर नीचे होने से SIP बंद न करें
- अपने हिसाब से निवेश का लक्ष्य बनाएं और उसके हिसाब से SIP करें, दूसरे को देख नहीं करना चाहिए.
एक दिन में 50.8 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए: सरकार
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि मध्य पूर्व संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद, देश में कुकिंग गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और खुदरा वितरकों के यहां किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है। मंगलवार को 50.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 73,000 से अधिक छोटे 5 किलो एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।
मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ऑनलाइन घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 99 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्रमाणीकरण कोड आधारित डिलीवरी में लगभग 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अप्रैल में अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा ऑटो एलपीजी की औसत बिक्री 353 मीट्रिक टन प्रतिदिन रही है, जबकि जनवरी और फरवरी में यह औसत लगभग 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी। यह लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
मंगलवार को 8,838 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी (4.65 लाख से अधिक 19-किलो सिलेंडरों के बराबर) की बिक्री हुई। इसके साथ ही अप्रैल में कमर्शियल एलपीजी की कुल बिक्री 1,84,043 मीट्रिक टन (96.86 लाख से अधिक 19-किलो एलपीजी सिलेंडरों के बराबर) हो गई है।
पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य अपरिवर्तित हैं और देश के सभी पेट्रोल पंपों पर इन दोनों ईंधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
इस बीच, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं। मंगलवार को देशभर में 2200 से अधिक छापे मारे गए।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अचानक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और 325 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है, जबकि अब तक 72 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है।
मंगलवार को 54 एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और नौ वितरकों पर जुर्माना लगाया गया।
खाना पकाने की गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, और खुदरा वितरकों में कहीं भी गैस की कमी की सूचना नहीं मिली है।
मंगलवार तक वेबसाइट के माध्यम से 42,950 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जिससे एलपीजी की मांग पर कुछ हद तक दबाव कम होगा।
मंत्रालय ने आगे कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मद्देनजर, वह पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है।
नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करने और अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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