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Video: अधिकारी ने मांगा बीमारी का 'सबूत', तो हाथ में ड्रिप लेकर दफ्तर पहुंची आंगनवाड़ी सेविका
katihar: बिहार के कटिहार से एक बेहद परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक आंगनवाड़ी सेविका को अपनी बीमारी का सबूत देने के लिए अस्पताल से सीधे IV ड्रिप लगाकर सेंटर पहुंचना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला की हालत बेहद खराब है। वह कांप रही है और ठीक से चल भी नहीं पा रही है। उसका पति उसे सहारा देकर किसी तरह ऑफिस तक ले जाता है, जबकि उसके हाथ में लगी सलाइन की बोतल को भी संभाल रहा होता है।
कुछ देर पहले ये पोस्ट की थी, अब इसे हटा दिया गया है. मैं फिर से पोस्ट कर रहा हूं ????
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) April 28, 2026
बिहार के कटिहार में आंगनबाड़ी सेविका बीमार पड़ गई. अधिकारी ने कहा- बीमारी का सबूत चाहिए.
मजबूरन आंगनबाड़ी सेविका को हाथ में ड्रिप लगाकर कांपते हुए केंद्र पहुंचना पड़ा.
• कहीं सबूत के लिए कंधे… pic.twitter.com/cWLhf1cVnr
बताया जा रहा है कि सेविका की तबीयत खराब होने के कारण वह काम पर नहीं पहुंच पाई थी। जब उसके पति ने इसकी जानकारी दी, तो संबंधित अधिकारी ने इस पर भरोसा नहीं किया और बीमारी का सबूत मांगा। मजबूरी में महिला को IV ड्रिप के साथ ही सेंटर लाया गया।
वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि जैसे ही महिला ऑफिस पहुंचती है, वहां मौजूद लोगों और अधिकारी के बीच बहस शुरू हो जाती है। सवाल उठाया जाता है कि आखिर इतनी गंभीर हालत में भी उसे काम पर आने के लिए क्यों मजबूर किया गया।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने इसे अमानवीय व्यवहार बताया है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अधिकारों और कार्य परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं।
That's terrible. Whoever is responsible for this should be suspended right away.
— Rahi (@MoonlitRevhlr) April 26, 2026
Anganwadi workers are truly the backbone of the ICDS. They handle everything from nutrition to early education for kids in rural areas. And this just exposes how they are being mistreated.
लोगो ने सवाल पूछना ओर हक को खैरात समझना शुरू कर दिया है
— दे भचीड़ (@PropagandaRaid) April 28, 2026
इसलिए नेताओं और अधिकारियों की मनमानी शुरू हुई है
इस तरह के सबूत मांगने वाले अधिकारी को निलंबित किया जाना आवश्यक है
एक यूजर ने लिखा कि गरीब वर्ग के लोगों के साथ अक्सर ऐसा ही व्यवहार किया जाता है, जबकि दूसरे ने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया। वहीं, कुछ लोगों ने महिला अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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