फायरिंग को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। वो यह कह रहे हैं कि यह घटना मुझे ईरान युद्ध रोकने से नहीं रोक सकती। यह घटना मुझे रोक नहीं पाएगी। ईरान युद्ध जीतने से नहीं रोक पाएगी मुझे यह घटना। कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर चल रही थी। वहां पर जैसे ही ये गोली की आवाजें हुई एक तो पूरे डोनल्ड ट्रंप उनके कैबिनेट उनकी पत्नी मिलानिया ट्रंप को लेकर जिसमें जितने भी लोग वहां पर मौजूद थे। पीट हेगसेथ से लेकर कैश पटेल सबको वहां से निकाला गया। अमेरिका के अंदर एक अटैक होता है और डॉनल्ड ट्रंप इसको ईरान युद्ध से जोड़ रहे हैं। वो कह रहे हैं कि यह घटना मुझे ईरान युद्ध रोकने से नहीं जीतने से नहीं रोक सकती।
अधिकारियों ने बताया कि 31 वर्षीय हमलावर कैलिफोर्निया से था, जिसे सीक्रेट सर्विस ने पकड़ लिया है। घटना के बाद ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ में संवाददाताओं को संबोधित किया और बताया कि संदिग्ध के पास कई हथियार थे। एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण उनकी जान बच गई। ट्रंप ने कहा कि सीक्रेट सर्विस के अधिकारी को बहुत करीब से एक घातक हथियार से निशाना बनाया गया था। उन्हें गोली लगी लेकिन जैकेट ने अपना काम कर दिया।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें संदिग्ध को सुरक्षा अवरोधक के पास भागते हुए और सीक्रेट सर्विस के एजेंट को उसकी ओर दौड़ते हुए देखा जा सकता है।
घटना के बाद वॉशिंगटन हिल्टन के बैंक्वेट हॉल में सीक्रेट सर्विस और अन्य एजेंसियों के अधिकारी बड़ी संख्या में पंहुचे, जहां सैकड़ों अतिथि स्प्रिंग पी और बुराटा सलाद का आनंद ले रहे थे। उन्हें अचानक टेबलों के नीचे छिपने को मजबूर होना पड़ा। जैसे ही लोगों को स्थिति का एहसास हुआ, बॉलरूम में दहशत फैल गई। सैकड़ों पत्रकार सूचनाएं साझा करने के लिए फोन पर जुट गए। किसी को चिल्लाते हुए सुना गया हट जाइए, सर! जबकि कुछ लोग निर्देश दे रहे थे कि झुक जाइए।’ एक कोने से गॉड ब्लेस अमेरिका की आवाजें भी सुनाई दीं। इसी बीच ट्रंप को मंच से सुरक्षित बाहर ले जाया गया। इस दौरान वह क्षण भर के लिए, संभवतः ठोकर लगने से, लड़खड़ाए और सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने उन्हें तुरंत संभाल लिया। एक कानून-प्रवर्तन अधिकारी ने गोलीबारी की पुष्टि की। हालांकि विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा में रहने वाले सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एक अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि एक कानून-प्रवर्तन कर्मी को बुलेट-प्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन उसके सुरक्षित रहने की उम्मीद है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति पर हमले का प्रयास किया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टारगेट करने की कोशिश की गई है। ट्रंप पर हमले की कोशिश कैसे हुई? डिनर पार्टी में उपराष्ट्रपति जे डीवन समेत और कौन-कौन से प्रमुख लोग वहां पर मौजूद थे? दुनिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत के अंदर गोलियां कैसे चल गई? सब कुछ आपको विस्तार से बताते हैं। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दुनिया के सबसे हाई प्रोफाइल आयोजनों में से एक वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अचानक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी। यह वही इवेंट है जहां अमेरिका का राजनीतिक और मीडिया जगत एक ही छत के नीचे होता है। लेकिन इस बार माहौल हंसीज़ाक से सीधे डर और अफरातफरी में तब्दील हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जैसे ही यह आवाजें गूंजी यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विसेज तुरंत हरकत में आ गई। एजेंट्स ने बिना एक सेकंड गवाए डोनाल्ड ट्रंप को स्टेट से हटाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उस समय उनके साथ जे डीवेंस और कई वरिष्ठ कैबिनेट के सदस्य भी मौजूद थे जिन्हें तुरंत कवर किया गया।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों के मुताबिक अचानक आई इन आवाजों ने पूरे हॉल में भगदड़ जैसा माहौल बना दिया था। कुछ वीडियो क्लिप्स में देखा जा सकता है कि कैसे लोग अपनी सीटें छोड़कर इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षा एजेंसियां भीड़ को नियंत्रित करने में तुरंत जुट गई। हालांकि इन वीडियोस की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है लेकिन माहौल की गंभीरता इससे साफ झलकती है। इस बीच अधिकारियों के रेडियो कम्युनिकेशन से यह जानकारी सामने आई कि एक संदिग्ध शख्स को हिरासत में लिया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि वास्तव में गोली चली थी या आवाज किसी और कारण से आई थी। लेकिन जिस तरह से सुरक्षा एजेंसियों ने रिएक्ट किया उसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया। घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डीसी में आज की शाम काफी हलचल भरी रही। सीक्रेट सर्विसेज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम जारी रखा जा सकता है।
हालांकि अंतिम फैसला सुरक्षा एजेंसियों के हाथों में ही था। ट्रंप ने इसके साथ-साथ अमेरिकी सीक्रेट सर्विज की भी तारीफ की जिन्होंने सब कुछ अच्छे से संभाल लिया। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़े करती है कि क्या दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सिस्टम में भी सेंध लग सकती है? और अगर हां, तो इसके पीछे की असली वजह क्या है? क्या यह वाकई हमला था या फिर सिर्फ अफवाहों ने माहौल को खतरनाक बना दिया। फिलहाल प्रशासन की ओर से यही कहा गया है कि राष्ट्रपति और सभी वरिष्ठ नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, खुफिया तंत्र और बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या यह सिर्फ एक फर्जी अलार्म था जिसके जरिए हमलावर या इसके पीछे का प्रॉक्सी समूह यह दिखाना चाह रहा था कि उसकी पहुंच कहां तक हो सकती है और वह कहां तक घुसकर हमला कर सकते हैं या फिर यह अमेरिका के दिल पर हमला करने की असली साजिश थी जो पूरी नहीं हो सकी।
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