अमेरिका के राष्ट्रपति पर हमले का प्रयास किया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टारगेट करने की कोशिश की गई है। ट्रंप पर हमले की कोशिश कैसे हुई? डिनर पार्टी में उपराष्ट्रपति जे डीवन समेत और कौन-कौन से प्रमुख लोग वहां पर मौजूद थे? दुनिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत के अंदर गोलियां कैसे चल गई? सब कुछ आपको विस्तार से बताते हैं। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दुनिया के सबसे हाई प्रोफाइल आयोजनों में से एक वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अचानक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी। यह वही इवेंट है जहां अमेरिका का राजनीतिक और मीडिया जगत एक ही छत के नीचे होता है। लेकिन इस बार माहौल हंसीज़ाक से सीधे डर और अफरातफरी में तब्दील हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जैसे ही यह आवाजें गूंजी यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विसेज तुरंत हरकत में आ गई। एजेंट्स ने बिना एक सेकंड गवाए डोनाल्ड ट्रंप को स्टेट से हटाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उस समय उनके साथ जे डीवेंस और कई वरिष्ठ कैबिनेट के सदस्य भी मौजूद थे जिन्हें तुरंत कवर किया गया।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों के मुताबिक अचानक आई इन आवाजों ने पूरे हॉल में भगदड़ जैसा माहौल बना दिया था। कुछ वीडियो क्लिप्स में देखा जा सकता है कि कैसे लोग अपनी सीटें छोड़कर इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षा एजेंसियां भीड़ को नियंत्रित करने में तुरंत जुट गई। हालांकि इन वीडियोस की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है लेकिन माहौल की गंभीरता इससे साफ झलकती है। इस बीच अधिकारियों के रेडियो कम्युनिकेशन से यह जानकारी सामने आई कि एक संदिग्ध शख्स को हिरासत में लिया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि वास्तव में गोली चली थी या आवाज किसी और कारण से आई थी। लेकिन जिस तरह से सुरक्षा एजेंसियों ने रिएक्ट किया उसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया। घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डीसी में आज की शाम काफी हलचल भरी रही। सीक्रेट सर्विसेज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम जारी रखा जा सकता है।
हालांकि अंतिम फैसला सुरक्षा एजेंसियों के हाथों में ही था। ट्रंप ने इसके साथ-साथ अमेरिकी सीक्रेट सर्विज की भी तारीफ की जिन्होंने सब कुछ अच्छे से संभाल लिया। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़े करती है कि क्या दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सिस्टम में भी सेंध लग सकती है? और अगर हां, तो इसके पीछे की असली वजह क्या है? क्या यह वाकई हमला था या फिर सिर्फ अफवाहों ने माहौल को खतरनाक बना दिया। फिलहाल प्रशासन की ओर से यही कहा गया है कि राष्ट्रपति और सभी वरिष्ठ नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, खुफिया तंत्र और बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या यह सिर्फ एक फर्जी अलार्म था जिसके जरिए हमलावर या इसके पीछे का प्रॉक्सी समूह यह दिखाना चाह रहा था कि उसकी पहुंच कहां तक हो सकती है और वह कहां तक घुसकर हमला कर सकते हैं या फिर यह अमेरिका के दिल पर हमला करने की असली साजिश थी जो पूरी नहीं हो सकी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास ‘व्हाइट हाउस’ में शनिवार रात को संवाददाताओं के रात्रिभोज के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध के पास कई घातक हथियार थे। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर की पहचान कैलिफोर्निया के टोरेंस निवासी 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है, जिसे सीक्रेट सर्विस ने पकड़ लिया है। जिस तरीके से डोनाल्ड ट्रंप को एक डिनर पार्टी के दौरान निशाना बनाया गया। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स वगैरह भी मौजूद थे और वहां पर उनके सुरक्षा कर्मियों ने अह पूरी स्थिति को संभाल लिया है। लेकिन और उसको बाहर से बाहर निकाला है। अब जो है इसमें किसी पकड़े भी गए हैं जो लोग थे और उसप एक हमला उसके ऊपर अटैक भी हुआ है। अब इसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी जब इन्वेस्टिगेशन की जाएगी कि आखिर ये कहां था? कौन है? किस रास्ते से ये वहां पर आया था। तमाम जो एरिया की जो सीसीटीवी होटल की सीसीटीवी है उसको एनालाइज किया जाएगा। जो होटल का सीसीटीवी फुटेज है वो खंगाला जाएगा। इतना बड़ा सिक्योरिटी लैब्स कैसे हो गया? इन तमाम विषयों पर जांच होगी। हमलावर एक था या उससे ज्यादा थे इसको लेकर कुछ डिटेल्स मिल पा रही है।
एक हमलावर मार गिराया गया। पहले तो वो आता कैसे हाई सिक्योरिटी जोन में और इस तरीके से फायरिंग करता है वो तो बहुत बड़ा सवाल है। लेकिन क्या उसके साथ इस पूरे इस पूरे घटनाक्रम में और लोग शामिल थे इस पर भी सवाल उठ रहा है। क्योंकि अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि ये सिर्फ एक आदमी की खुद की प्लानिंग नहीं है कि वो वेपन लेकर जो है उस सिक्योर एरिया में आ गया था। उस होटल में पहुंच गया था। जहां पर डोनाल्ड ट्रंप अपने साथियों के साथ पत्रकारों के साथ एक डिनर पार्टी कर रहे थे। वहां पे उनसे मिल रहे थे और इसको इस पूरी प्रोग्राम के बारे में कैसे पता चला था और पूरी सिक्योरिटी को क्योंकि पूरा एरिया जो है वो सेनेटाइज कर दिया जाता है। काफी एक थ्रेट जो है वो डोनाल्ड ट्रंप को लेकर है क्योंकि इससे पहले भी 2000 देश पर हमला 24 का हमला हो चुका है। उसको उसके बाद इस तरीके के हमला हुआ है।
दरअसल मीडिया के साथ ये डिनर का आयोजन था। भारी संख्या में जर्नलिस्ट यहां पर आए हुए थे और तुरंत यहां पर एक हमलावर अचानक से आता है। मेजर सिक्योरिटी लैब्स तो है ही लेकिन ये हमलावर अंदर आता है होटल हिल्टन में जो कि हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील था। प्रेसिडेंट वहां पर थे। उपराष्ट्रपति जेडी वंस वहां पर थे और वहां पर कई राउंड फायरिंग होती है और इस फायरिंग के दौरान तुरंत प्रभाव के साथ डायस से हटाया गया। भारी सुरक्षा के बीचोंबीच राष्ट्रपति ट्रंप को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को हटाया गया। पांच से आठ राउंड फायरिंग हुई है होटल हिल्टन के इस हॉल में। हालांकि ये कोई पहली दफे नहीं हुई। इससे पहले भी जब वो कंपेन के दौरान भी उनके एक बार हो चुकी थी। उनके कान में चोट लगी थी। अब बात दरअसल ये है कि प्रेसिडेंट ट्रंप जो है बहुत रेडिकल चेंजेस अमेरिकन पॉलिसी में ला रहे हैं। उसकी वजह से एक टेंशन क्रिएट हो गया है और उनके उनके विरुद्ध बहुत से ग्रुप और लोग इस तरह के हो गए हैं।
फिर दूसरी बात ये भी है कि जो उनके मागा (मेर अमेरिका ग्रेट अगेन) मूवमेंट है जिसकी मदद से वो आए सत्ता के अंदर वो भी उनसे खुश नहीं है। ये बहुत फॉर राइट ग्रुप्स हैं। ट्रंप अपने को स्वयं जीसस क्राइस्ट के रूप में प्रेजेंट किया और पोस्टर निकाला जिसमें दिखाया कि वो एक जो है उनके अवतार हैं या खुद स्वयं जीसस बन के आए हैं। लोगों की मदद कर रहे हैं। अब अभी तो पता नहीं ज्यादा डिटेल रिपोर्ट्स है नहीं। कौन लोग हैं इनके पीछे क्या है? अच्छी बात ये है कि उसमें से कुछ अरेस्ट हो गए हैं तो जल्दी ही पूरी डिटेल का पता चल जाएगा और उसमें फिर दूसरी बात ये कि यूरोप भी इनसे खुश नहीं है।
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