होर्मुज में फंसी दुनिया: समंदर में सैकड़ों जहाजों की कतार, राशन और पानी के लिए तरस रहे 20,000 नाविक! डराने वाला वीडियो
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले कुछ हफ्तों से जारी नाकेबंदी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। समंदर के इस सबसे महत्वपूर्ण रास्ते पर ईरान और अमेरिका के बीच मची तकरार अब एक बड़े मानवीय और आर्थिक संकट में बदल चुकी है। ताजा वीडियो रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर सैकड़ों मालवाहक जहाज और तेल टैंकर लंगर डाले खड़े हैं। वे इस रास्ते के खुलने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ईरान ने आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा रखी हैं, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है।
20,000 नाविकों का जीवन दांव पर
इस नाकेबंदी का सबसे डरावना पहलू मानवीय संकट है। रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र में फंसे इन सैकड़ों जहाजों पर कम से कम 20,000 नाविक सवार हैं। ये नाविक पिछले कई दिनों से युद्ध जैसी स्थितियों के बीच फंसे हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि जहाजों पर राशन और ताजे पानी की भारी किल्लत हो गई है। नाविकों को सीमित राशन के सहारे खुद को जीवित रखने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। एपी (AP) द्वारा जारी किए गए वीडियो में दुनिया की तीसरी बड़ी शिपिंग कंपनी फ्रांस की CMA CGM के टैंकरों समेत कई जहाज कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।
Ships wait in the Strait of Hormuz where a standoff remains between the U.S. and Iran. Iran has restricted movement through the strait, and the U.S. has enforced a blockade of Iranian ports. pic.twitter.com/klFr91QHNV
— The Associated Press (@AP) April 27, 2026
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
होर्मुज ब्लॉकैड का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। जून डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड का भाव 1.3 प्रतिशत बढ़कर 109.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह लगातार सातवां दिन है जब तेल की कीमतें ऊपर गई हैं। 7 अप्रैल के बाद यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नाकेबंदी जल्द नहीं हटी, तो तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का बड़ा एक्शन
समंदर में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उसके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर 'यूएसएस राफेल पेराल्टा' (USS Rafael Peralta) ने रविवार को एम/टी स्ट्रीम (M/T Stream) नामक जहाज को ईरानी बंदरगाह की तरफ जाने से रोक दिया। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त नाकेबंदी लागू कर रखी है और वह किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने नहीं दे रहा है। इस सैन्य टकराव के कारण युद्ध की स्थिति और अधिक जटिल हो गई है और शांति वार्ता की कोशिशें फिलहाल पूरी तरह से ठप नजर आ रही हैं।
Guided-missile destroyer USS Rafael Peralta (DDG 115) enforces the U.S. blockade of Iranian ports against M/T Stream after it attempted to sail to an Iranian port, April 26. pic.twitter.com/mPCIp5rLlO
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 28, 2026
दुनिया भर में मची अफरा-तफरी
मार्च की शुरुआत से ही होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद पड़ा है। चूंकि यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की 'लाइफलाइन' है, इसलिए दुनिया भर के देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। सप्लाई चेन टूटने से न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि गैस की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह संकट केवल दो देशों के बीच का नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरी दुनिया के शिपिंग उद्योग और अर्थव्यवस्था को 'डेथ ट्रैप' में धकेल दिया है।
Education Fund: बच्चे की पढ़ाई के लिए कैसे 1 करोड़ का फंड बनाएं? बिना जोखिम उठाए ऐसे करें स्मार्ट प्लानिंग
Education Fund: बढ़ती महंगाई और भारत से लेकर विदेश तक कॉलेज शिक्षा की ऊंची लागत ने माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। अब कई परिवार बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए करीब 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहते। अच्छी बात यह है कि यह लक्ष्य बिना ज्यादा जोखिम उठाए भी हासिल किया जा सकता, अगर समय रहते सही योजना शुरू की जाए।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे बड़ा हथियार है जल्दी शुरुआत। अगर बच्चा 2 से 5 साल का है, तो आपके पास 12 से 15 साल का समय होता। इतने लंबे समय में छोटी-छोटी नियमित बचत भी बड़ा फंड बना सकती है।
पहला तरीका है कि आप टर्म इंश्योरेंस के साथ ही एसआईपी में पैसा जमा करना शुरू करें। विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे बेहतर और लचीला तरीका है टर्म इंश्योरेंस के साथ म्यूचुअल फंड एसआईपी और कुछ सुरक्षित योजनाओं का मिश्रण।
35 साल के व्यक्ति को करीब 1 करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस लगभग 1000 रुपये महीने में मिल सकता। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार सुरक्षित रहता है। इसके साथ अगर कोई पैरेंट हर महीने 20000 रुपये एसआईपी में निवेश करे और औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिले, तो 12 से 15 साल में करीब 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का फंड बन सकता।
पीपीएफ से भी बन सकता मजबूत फंड
अगर कोई व्यक्ति हर साल 1.5 लाख रुपये पीपीएफ में जमा करे, यानी करीब 12500 रुपये महीने, तो 15 साल में लगभग 40 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता। मौजूदा ब्याज दर 7.1 फीसदी है। इसके साथ 10 हजार रुपये महीने एसआईपी जोड़ दी जाए, तो वही राशि 15 साल में लगभग 60 लाख रुपये तक पहुंच सकती। यानी दोनों मिलाकर 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य पूरा हो सकता।
बेटी है तो SSY भी शानदार विकल्प
अगर बेटी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह टैक्स लाभ के साथ अच्छी ब्याज दर देती है। 21 साल की मैच्योरिटी पर इससे करीब 71 लाख रुपये का फंड बन सकता है। इसके साथ 3000 रुपये महीने एसआईपी जोड़ने पर बाकी 30 लाख रुपये भी जोड़े जा सकते हैं।
इसके अलावा एक तरीका है- चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान। इस प्लान में निवेश और बीमा दोनों शामिल होते हैं। माता-पिता प्रीमियम भरते हैं और मैच्योरिटी पर रकम बच्चे की पढ़ाई के लिए मिलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर 1 से 1.5 लाख रुपये सालाना 12-15 साल तक निवेश किए जाएं, तो 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य संभव है। हालांकि इनमें लॉक-इन ज्यादा होता है और लचीलापन कम रहता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पूरा पैसा एक जगह न लगाएं। कुछ हिस्सा सुरक्षित योजनाओं में और कुछ ग्रोथ वाले निवेश में रखें। जैसे-जैसे पढ़ाई का समय नजदीक आए, जोखिम कम करते जाएं। अगर आप जल्दी शुरुआत करें, अनुशासन से निवेश करें और सही मिश्रण चुनें, तो बिना बड़ा जोखिम उठाए बच्चे की पढ़ाई के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार किया जा सकता।
(प्रियंका कुमारी)
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