करीब ढाई सदियाँ पहले, अमेरिकी उपनिवेशों ने किंग जॉर्ज तृतीय के शासन से नाता तोड़कर आज़ादी की मशाल जलाई थी। अब इतिहास एक रोचक करवट ले रहा है। उसी राजवंश के उत्तराधिकारी, किंग चार्ल्स तृतीय, सोमवार को चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचे हैं। यह दौरा एक ओर अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ और दोनों देशों के विशेष संबंध का जश्न मनाने का अवसर है, तो दूसरी ओर ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में उभरते तनाव और कड़ी सुरक्षा के बीच इसकी गंभीरता भी साफ झलकती है। महाराजा चार्ल्स और महारानी कैमिला अपने दिन की शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। जब ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय और क्वीन कैमिला राजकीय यात्रा पर व्हाइट हाउस पहुंचे, तो राष्ट्रपति ट्रम्प ने उस बड़े गड्ढे की ओर इशारा किया जहां कभी 'ईस्ट विंग' हुआ करता था। इसके बाद वे अपने मेहमानों को चाय और व्हाइट हाउस के मधुमक्खियों के छत्ते (बीहाइव) के साथ एक निजी मुलाकात के लिए अंदर ले गए। राष्ट्रपति आम तौर पर राजकीय यात्राओं को अमेरिका की संस्कृति और उसकी खासियतें दुनिया के सामने दिखाने के मौके के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इस बार बात सिर्फ इतनी नहीं है। यह दौरा उन लोगों के जज़्बे की भी याद दिलाता है, जिन्होंने करीब 250 साल पहले एक राजा के शासन को ठुकराकर अपनी आज़ादी खुद हासिल की थी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका एवं ब्रिटेन के संबंध चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ ट्रंप के संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका एवं ब्रिटेन के संबंध चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ ट्रंप के संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। बीते दिनों ही व्हाइट हाउस में पत्रकारों के लिए रखी गई डिनर पार्टी के दौरान हुई गोलीबारी ने देश-दुनिया का ध्यान इस ओर खींच लिया। अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था और राजनेताओं पर होते हिंसक हमले की पुरानी घटनाएं फिर से चर्चा में आने लगी। कुछ समय के लिए यह भी साफ नहीं था कि किंग चार्ल्स वाशिंगटन का दौरा करेंगे या नहीं, लेकिन हालात का जायजा लेने के बाद उन्होंने वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और वर्जीनि की अपनी चार दिवसीय यात्रा को जारी रखने का फैसला किया। इधर, अमेरिका में सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ हिंसा की धमकियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई अधिकारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित होकर सैन्य ठिकानों में रहने लगे हैं। इस बीच, यह यात्रा एक ऐसे राष्ट्रपति की कार्यशैली को भी सामने लाती है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई बार कूटनीति से ज्यादा आक्रामक रुख अपनाते नजर आते हैं।
राजा और रानी के पहुंचने से कुछ देर पहले, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ब्रीफिंग रूम में मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प के विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वामपंथी नफरत का माहौल बनाया जा रहा है। सवालों के जवाब देते हुए लेविट ने शनिवार रात की उस घटना पर भी बात की, जब एक बंदूकधारी उस बॉलरूम की ओर बढ़ा, जहां ट्रम्प मीडिया को संबोधित करने वाले थे। उन्होंने इस घटना के लिए पैदा हुई परिस्थितियों पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, उन्होंने इस मामले को लेकर फैल रही शंकाओं और साजिश के दावों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उम्मीद है लोग अफवाहों के बजाय सच पर भरोसा करेंगे। शनिवार शाम की गोलीबारी के बाद भी डोनाल्ड ट्रम्प अपेक्षाकृत बेपरवाह नजर आए। सोमवार को वे फिर अपने पुराने अंदाज़ में दिखे। उन्होंने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर एक लेट-नाइट टीवी होस्ट पर निशाना साधा और अपने नए प्रोजेक्ट की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें लिंकन मेमोरियल के सामने बने रिफ्लेक्टिंग पूल से हंसों की गंदगी साफ कराई जा रही है।
इधर, किंग चार्ल्स के सामने एक मुश्किल कूटनीतिक चुनौती भी खड़ी है। उन्हें ट्रम्प और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिश करनी है, जो पिछले कुछ महीनों में काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में स्टार्मर ने राष्ट्रपति के साथ तालमेल बनाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन हाल ही में ईरान में अमेरिका-इज़राइल संघर्ष में शामिल न होने के उनके फैसले से ट्रम्प नाराज़ हो गए। राष्ट्रपति ने स्टार्मर को कायर तक कह दिया और ब्रिटिश नौसेना पर भी तंज कसा। वहीं, पेंटागन के एक ताज़ा मेमो ने हालात को और उलझा दिया है। इसमें संकेत दिया गया है कि ट्रम्प प्रशासन फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन की संप्रभुता के समर्थन से पीछे हट सकता है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव बढ़ने की आशंका है।
Vivo TWS 5i को चीन में लॉन्च किया गया है। इसमें 10mm डायनामिक ड्राइवर, DeepX 3.0 स्टीरियो साउंड और स्पेशल ऑडियो सपोर्ट के साथ-साथ ब्लूटूथ 5.4 डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी और AI-बेस्ड कॉल नॉइज़ रिडक्शन जैसे फीचर्स हैं। ईयरबड्स 50 घंटे तक की टोटल बैटरी लाइफ और गेमिंग के लिए 42ms तक की लो लेटेंसी का भी वादा करते हैं। आइए अब इनकी कीमत और फीचर्स के बारें में जानें।
Vivo TWS 5i की कीमत, उपलब्धता चीन में, Vivo TWS 5i की कीमत CNY 119 (लगभग Rs. 1,600) है। ईयरफोन व्हाइट स्पेस, इंक ब्लैक और स्काई ब्लू कलर ऑप्शन में आते हैं। ये अभी ऑफिशियल वीवो चाइना वेबसाइट से खरीदने के लिए उपलब्ध हैं।
वीवो TWS 5i के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स वीवो TWS 5i में 10mm डायनामिक ड्राइवर और PU + PEEK पॉलीमर डायफ्राम है। कहा जाता है कि ऑडियो को वीवो की गोल्डन ईयर एकॉस्टिक्स टीम ने ट्यून किया है। यह थिएटर, कॉन्सर्ट हॉल, रिकॉर्डिंग स्टूडियो और कॉन्सर्ट जैसे लिसनिंग मोड के साथ DeepX 3.0 स्टीरियो साउंड और स्पेशल ऑडियो को सपोर्ट करता है। ईयरबड्स AAC, SBC और LC3 ऑडियो कोडेक्स को सपोर्ट करते हैं, और इन्हें बेहतर बेस, क्लियर वोकल्स और डिटेल्ड हाई के साथ बैलेंस्ड साउंड देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
खास बात यह है कि हेडसेट एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन (ANC) को सपोर्ट नहीं करता है, लेकिन यह AI-बेस्ड कॉल नॉइज़ रिडक्शन और विंड नॉइज़ सप्रेशन देता है। कनेक्टिविटी के लिए, वीवो TWS 5i ईयरबड्स ब्लूटूथ 5.4 का इस्तेमाल करते हैं और डुअल-डिवाइस पेयरिंग को सपोर्ट करते हैं, जिससे एक साथ दो डिवाइस से कनेक्शन किया जा सकता है। लो लेटेंसी मोड 42ms तक जा सकता है, जिसका मकसद गेमिंग है, हालांकि यह पूरी तरह से कम्पैटिबल वीवो और iQOO स्मार्टफोन के साथ काम करता है। इसमें BlueOS-पावर्ड फीचर्स भी हैं जैसे इंस्टेंट पेयरिंग, कस्टमाइज़ेबल पॉप-अप एनिमेशन, रियल-टाइम ट्रांसलेशन, ईयरबड ट्रैकिंग, और सपोर्टेड डिवाइस पर AI-ड्रिवन वॉयस अनाउंसमेंट।
Vivo TWS 5i के बारे में दावा किया गया है कि यह एक बार चार्ज करने पर 11.5 घंटे तक और चार्जिंग केस के साथ कुल 50 घंटे तक प्लेबैक देता है। 10 मिनट के चार्ज पर चार घंटे और पांच मिनट तक सुनने का समय मिल सकता है। ईयरबड्स को डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के लिए IP54 रेटिंग मिली है। ईयरबड का डाइमेंशन 31.4 x 21.9 x 23.2mm है, जबकि चार्जिंग केस का डाइमेंशन 63 x 47.8 x 28.1mm है। हर ईयरबड का वज़न लगभग 4.2g है, और केस के साथ कुल वज़न लगभग 42g है।
दिल्ली कैपिटल्स को आरसीबी के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। टीम की ये इस सीजन की पांचवीं हार है। हालांकि, आने वाले समय में दिल्ली कैपिटल्स को जीत की उम्मीद है। क्योंकि, उनके बेहतरीन गेंदबाज की वापसी होने वाली है। दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई पेसर मिचेल स्टार्क दिल्ली के लिए पहले 8 मैचों में उपलब्ध नहीं थे लेकिन लीग फेज के बाकी के 6 मैचों में उपलब्ध नहीं थे लेकिन लीग फेज के बाकी के 6 मैचों में वे उपलब्ध रहेंगे। इस बात की पुष्टि दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने की है।
आरसीबी के खिलाफ 75 रन पर ढेर होने वाली दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ने कहा कि, मिचेल स्टार्क टीम के साथ जुड़ गए हैं। वे एक मई से सिलेक्शन के लिए उपलब्ध होंगे। हालांकि, अभी भी वर्कलोड मैनेजमेंट उनका चलेगा। अक्षर पटेल ने आगे कहा कि, मिचेल स्टार्क को लेकर जरूरी एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल गया है और वे आने वाले मैचों में खेल सकते हैं।
अक्षर पटेल ने कहा कि, हां मिचेल स्टार्क टीम में शामिल हो गए हैं। उन्हें 1 मई से एनओसी मिल गई है इसलिए वह उसके बाद खेल सकते हैं। उनके वर्कलोड पर नजर रखी जा रही है। जब भी वह उपलब्ध होंगे, हम उन्हें खिलाने की कोशिश करेंगे। फिलहाल, मिचेल स्टार्क के दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने से टीम को मजबूती मिलेगी। हालांकि, मिचेल स्टार्क जनवरी से दूर हैं ऐसे में फॉर्म एक चिंता का विषय है।