ईरान की हरकतों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में खतरा बढ़ा : हेगसेथ
वॉशिंगटन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है, हालांकि सीमित स्तर पर आवाजाही जारी है।
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ ने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते से जहाज अभी भी गुजर रहे हैं, लेकिन हालात पहले से ज्यादा खतरनाक हो गए हैं।
उन्होंने पेंटागन में हुई एक ब्रीफिंग में कहा कि यातायात हो रहा है, लेकिन यह उतना नहीं है जितना लोग चाहते हैं और इसमें पहले से ज्यादा जोखिम है।
हेगसेथ ने कहा कि यह खतरा ईरान की गतिविधियों की वजह से बढ़ा है, जिसमें तेज रफ्तार वाली छोटी नावों का इस्तेमाल और व्यापारिक जहाजों को धमकाना शामिल है। ये सिर्फ कमर्शियल जहाज हैं इन्हें धमकाया जा रहा है।
अमेरिका ने संभावित खतरों के खिलाफ सख्त जवाबी कार्रवाई की अनुमति दी है। खासकर अगर समुद्र में नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं।
हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान पानी में माइन्स बिछाता है, तो हम बिना हिचकिचाहट उन्हें नष्ट कर देंगे।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन खतरों पर नजर रखने और उन्हें रोकने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि किसी भी माइन्स को हटाने में कितना समय लगेगा।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान पहले भी इस क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है। ईरान ने पांच व्यापारी जहाजों पर हमला किया है और उनमें से दो को जब्त भी किया है।
पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ईरान से जुड़े बंदरगाहों वाले जहाजों पर सख्त रोक बनाए हुए है, जबकि बाकी जहाजों को नियंत्रित हालात में गुजरने दिया जा रहा है।
हेगसेथ ने कहा कि इस कार्रवाई से आगे और हमलों की कोशिशें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे एक साफ संदेश गया है कि यह कोई दिखावटी नाकाबंदी नहीं है।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तन-मन की सेहत के लिए खामोश खतरा नींद की अनियमितता, इन आसान उपायों से संभव है बचाव
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, अच्छी और नियमित नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। यदि समय रहते इसकी अनियमितता पर ध्यान न दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद की अनियमितता को अक्सर छोटी समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर करने, चिंता बढ़ाने और अवसाद जैसी स्थितियों को निमंत्रण दे सकती है।
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम इस खामोश खतरे से बच सकते हैं।
नींद की अनियमितता के प्रमुख लक्षणों पर नजर डालें तो कमजोर याददाश्त और भूलने की आदत बढ़ना, नींद के दौरान असामान्य हरकतें जैसे चलना या हाथ-पैर ज्यादा मारना। लगातार मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद की शिकायत, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, दिन भर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है।
ये लक्षण अगर लगातार नजर आएं तो समझना चाहिए कि नींद की अनियमितता शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। एनएचएम बचाव के आसान उपाय भी सुझाता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि नींद की अनियमितता से बचने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि रोज एक ही समय पर सोएं और जागें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक सही रहता है। नियमित योग या हल्का व्यायाम करना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। शाम को कैफीन युक्त पेय, शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी रखें क्योंकि ये नींद को बिगाड़ने वाले प्रमुख कारक हैं।
वहीं, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग बंद कर दें। नींद से पहले स्क्रीन की नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है और नींद आने में देरी करती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर हम इन छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो तन-मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। अच्छी नींद न सिर्फ ऊर्जा बढ़ाती है बल्कि मूड अच्छा रखती है और कई बीमारियों से बचाव करती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त जीवन में भी नींद को प्राथमिकता दें। अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
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