तन-मन की सेहत के लिए खामोश खतरा नींद की अनियमितता, इन आसान उपायों से संभव है बचाव
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, अच्छी और नियमित नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। यदि समय रहते इसकी अनियमितता पर ध्यान न दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद की अनियमितता को अक्सर छोटी समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर करने, चिंता बढ़ाने और अवसाद जैसी स्थितियों को निमंत्रण दे सकती है।
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम इस खामोश खतरे से बच सकते हैं।
नींद की अनियमितता के प्रमुख लक्षणों पर नजर डालें तो कमजोर याददाश्त और भूलने की आदत बढ़ना, नींद के दौरान असामान्य हरकतें जैसे चलना या हाथ-पैर ज्यादा मारना। लगातार मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद की शिकायत, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, दिन भर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है।
ये लक्षण अगर लगातार नजर आएं तो समझना चाहिए कि नींद की अनियमितता शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। एनएचएम बचाव के आसान उपाय भी सुझाता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि नींद की अनियमितता से बचने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि रोज एक ही समय पर सोएं और जागें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक सही रहता है। नियमित योग या हल्का व्यायाम करना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। शाम को कैफीन युक्त पेय, शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी रखें क्योंकि ये नींद को बिगाड़ने वाले प्रमुख कारक हैं।
वहीं, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग बंद कर दें। नींद से पहले स्क्रीन की नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है और नींद आने में देरी करती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर हम इन छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो तन-मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। अच्छी नींद न सिर्फ ऊर्जा बढ़ाती है बल्कि मूड अच्छा रखती है और कई बीमारियों से बचाव करती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त जीवन में भी नींद को प्राथमिकता दें। अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत ने श्रीलंका को मानवीय सहायता के तहत मेडिकल यूनिट क्यूब और सैन्य सहयोग प्रदान किया
कोलंबो, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने अपने निरंतर मानवीय सहयोग के तहत शुक्रवार को श्रीलंका को दो बीएचआईएसएम (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब सौंपे। यह कदम भारत की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत उठाया गया है।
ये आधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट हैं, जिनमें एक साथ करीब 200 आपातकालीन मामलों को संभालने की क्षमता है। इनमें जरूरी दवाइयां और छोटे ऑपरेशन के लिए सर्जिकल उपकरण भी मौजूद हैं, ताकि तुरंत इलाज दिया जा सके।
इसके साथ ही भारत अपनी समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए श्रीलंका नौसेना को 50,000 राउंड नौ मिमी गोलियां भी सौंपेगा।
ये मेडिकल यूनिट भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस निरीक्षक के जरिए पहुंचाई गईं, जो 21 अप्रैल को कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा था। यह जहाज चौथे द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास में हिस्सा लेने आया है, जो 27 अप्रैल तक चलेगा। आईएनएस निरीक्षक भारतीय नौसेना का एक डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू जहाज है।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इन-एसएलएन डाइविंग एक्सरसाइज भारत और श्रीलंका के बीच गहरे समुद्री सहयोग का एक अहम हिस्सा है। यह दोनों देशों की साझेदारी, भरोसे और मिलकर काम करने की भावना को दिखाता है। यह सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, आपसी विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लक्ष्य से किया जा रहा है, जिसे महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति) विजन के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
कोलंबो में चल रही यह एक्सरसाइज दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री सहयोग और पेशेवर तालमेल को और मजबूत कर रही है।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि समुद्र के नीचे किए गए मिक्स्ड-गैस डाइव्स में दोनों देशों के गोताखोरों ने बेहतरीन तालमेल, कौशल और सटीकता दिखाई।
इसके अलावा, गोताखोरों ने डाइविंग के बाद एक दोस्ताना वॉलीबॉल मैच भी खेला। साथ ही दोनों देशों के गोताखोरों ने मिलकर बीच की सफाई भी की, जिससे समुद्र और तटों को साफ रखने का संदेश दिया गया।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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