तकनीक चोरी का मुकाबला करने के लिए एआई कंपनियों के साथ काम करेगा अमेरिका
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑनलाइन हमलों और गोपनीय जानकारी के लीक होने की आशंका के बीच अमेरिका ने अपने यहां की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम उन दावों के बाद उठाया है, जिसमें चीन पर अमेरिकी रिसर्च और डेवलपमेंट को कमजोर करने और गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस ने एक आंतरिक मेमो में कहा है कि नए सबूत सामने आए हैं जिनमें यह दावा किया गया है कि विदेशी इकाइयां डिस्टिलेशन नाम की प्रक्रिया के जरिए अमेरिकी कंपनियों का दुरुपयोग कर रही हैं।
दरअसल एआई में डिस्टिलेशन एक तकनीक है जिसमें एक बड़ा, जटिल मॉडल अपनी सीखी हुई जानकारी एक छोटे और तेज मॉडल को सिखाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के विज्ञान सलाहकार माइकल क्रैट्सियोस का कहना है कि चीन की यह रणनीति अमेरिकी रिसर्च और डेवलपमेंट को कमजोर करने और गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश है।
इन गतिविधियों को रोकने के लिए व्हाइट हाउस अब अमेरिकी एआई कंपनियों के साथ ज्यादा जानकारी साझा करेगा। जैसे कि ये हमले कैसे किए जाते हैं और इसमें कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनियों के साथ मिलकर बेहतर तालमेल बनाया जाएगा, ताकि इन हमलों को रोका जा सके और उनसे निपटने के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां तैयार की जा सके। साथ ही, ऐसे विदेशी तत्वों को जिम्मेदार ठहराने के तरीके भी तलाशे जाएंगे।
डिस्टिलेशन कैंपेन में कंपनियां हजारों फर्जी अकाउंट बनाकर किसी एआई टूल या चैटबॉट को इस्तेमाल करती हैं, ताकि वे आम यूजर की तरह दिखें। फिर ये अकाउंट मिलकर एआई मॉडल को “जेलब्रेक” करने या ऐसी जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं, जो सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। इसके बाद उस जानकारी का इस्तेमाल अपने एआई मॉडल बनाने और ट्रेनिंग में किया जाता है।
क्रैट्सियोस ने कहा कि जैसे-जैसे इन बड़े पैमाने के डिस्टिलेशन को पहचानने और रोकने के तरीके बेहतर होते जाएंगे, वैसे-वैसे ऐसे विदेशी मॉडल्स की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे, जो इसी तरह की कमजोर नींव पर बनाए गए हैं।
वहीं वॉशिंगटन डीसी में स्थित चीन के दूतावास के एक प्रतिनिधि ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चीन की तकनीकी प्रगति उसकी अपनी मेहनत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नतीजा है।
अमेरिका की एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने मार्च में आरोप लगाया था कि चीन की तीन यूनिकॉर्न कंपनियों डीपसीक, मिनीमैक्स और मूनशॉट एआई ने उसके क्लाउड मॉडल से गैरकानूनी तरीके से क्षमताएं निकालकर अपने सिस्टम को बेहतर बनाया।
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
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राजा वड़िंग का दावा: AAP में बड़ी टूट? ‘आज 7 गए, कल 50 विधायक भी जा सकते हैं’
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के सात सांसदों का भाजपा में जाना पंजाब में किसी के लिए भी कोई बड़ा फर्क नहीं डालेगा, क्योंकि ये सभी सांसद बिना जड़ों वाले हैं और इनका राज्य में कोई मजबूत आधार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप के पास कोई ठोस विचारधारा नहीं है और इसके विधायकों तथा सांसदों में भी कोई वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं है। इसलिए आज इनका भाजपा में जाना हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ 7 सांसद हैं, कल को 50 विधायक भी आप छोड़ सकते हैं। आप ने राज्यसभा और विधानसभा की टिकटें किस तरह बांटी हैं, यह सबको पता है। उन्होंने राज्यसभा के सदस्यों के बारे में विशेष तौर पर बात करते हुए, कहा कि ये टिकटें बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों को दी गई थीं, जिन्होंने आप की अलग-अलग तरीकों से मदद की थी। आज जब वे भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो आप को हैरान नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे कभी भी आप की विचारधारा से जुड़े नहीं थे और केवल अपने कारोबारी हितों के लिए पार्टी में आए थे। #WATCH चंडीगढ़: राज्यसभा में AAP के 2/3 सांसदों के भाजपा में शामिल होने के ऐलान पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, "AAP को सावधान रहना चाहिए क्योंकि उनके 50 विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं, अभी सिर्फ़ सांसदों ने पार्टी छोड़ी है... पार्टी की कोई… pic.twitter.com/NOgyM11RwY इस संबंध में, अशोक मित्तल का हवाला देते हुए, जिन पर हाल ही में ईडी की छापेमारी हुई थी, वड़िंग ने कहा कि आजकल यह आम बात हो गई है कि लोग जांच से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो जाते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हर कोई जानता है कि कैसे बड़े कारोबारी, जिनका पंजाब से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें आप द्वारा राज्यसभा भेजा गया, जबकि पार्टी के कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को नजरअंदाज किया गया। कांग्रेस और आप की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां आप ने पैसे वालों को प्राथमिकता दी, जो आखिरकार उसे छोड़ गए, वहीं कांग्रेस ने हमेशा पार्टी के कार्यकर्ताओं को अवसर दिया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से हाल ही में की गई नामांकन का जिक्र किया, जहां हिमाचल में पार्टी ने एक जिला अध्यक्ष को और हरियाणा में एक ट्रेड यूनियन नेता को टिकट देकर जिताया था।
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