अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए पाकिस्तान में विशेष दूत भेजेंगे ट्रंप
वॉशिंगटन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान में विशेष दूत भेजेंगे ताकि ईरान के साथ बातचीत की जा सके। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि हाल ही में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं।
लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ने स्पेशल एनवॉय वॉफ और जारेड कुश्नर को फिर से इस्लामाबाद भेजने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है, और वो आमने-सामने बात करना चाहता है।
उन्होंने आगे बताया कि इसलिए स्टीव और जारेड पाकिस्तान जाएंगे, ताकि ईरान की बात सुन सकें। राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा से मानते हैं कि “कूटनीति को एक मौका देना चाहिए।”
लेविट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ईरान की तरफ से कुछ प्रगति देखी गई है, हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या तेहरान ने बातचीत से पहले कोई एकीकृत प्रस्ताव दिया है या नहीं।
वॉशिंगटन में वरिष्ठ नेतृत्व, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं, वे सभी अमेरिका में ही रहेंगे और आगे की जानकारी का इंतजार करेंगे। उपराष्ट्रपति को “स्टैंडबाय” पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी पाकिस्तान भेजा जा सकता है।
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब मध्य पूर्व में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। लेविट ने इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) बढ़ाने की भी पुष्टि की और इसे “दुनिया और अमेरिका के लिए एक और बड़ी सफलता” बताया।
उन्होंने कहा, “हम इजरायल और लेबनान दोनों के आभारी हैं कि उन्होंने मिलकर बातचीत जारी रखने का फैसला किया।” साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों देशों के नेताओं को वॉशिंगटन में भी आमंत्रित किया जा सकता है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से पहले पीयूष गोयल ने टॉड मैक्ले का स्वागत किया
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मंत्री टॉड मैक्ले का भारत में स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर 27 अप्रैल को साइन होने से पहले किया गया।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें टॉड मैक्ले का भारत में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, क्योंकि इससे भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल 2026 को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड एफटीए साइनिंग से पहले यह दौरा दोनों देशों के भरोसे, साझा मूल्यों और आर्थिक विकास के एक जैसे विजन को दिखाता है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पहले ही कहा था कि इस समझौते से दोनों देशों को व्यापार बढ़ाने और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने में फायदा होगा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम सोमवार को भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन करेंगे।”
एक वीडियो संदेश में लक्सन ने बताया कि इस समझौते से न्यूजीलैंड के एक्सपोर्टर्स को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, खासकर उन कंपनियों को जो नावों में इस्तेमाल होने वाले मरीन जेट सिस्टम बनाती हैं और जिन्हें 70 से ज्यादा देशों में भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि इस डील से व्यापार में आने वाली रुकावटें कम होंगी और दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत होंगे।
लक्सन ने यह भी बताया कि अभी कुछ एक्सपोर्टर्स को भारत में सामान भेजते समय टैक्स (टैरिफ) देना पड़ता है, लेकिन इस समझौते से धीरे-धीरे ये शुल्क कम होंगे, जिससे व्यापार आसान और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा।
उन्होंने कहा कि इस एफटीए से न्यूजीलैंड में व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लक्सन के मुताबिक इससे और ज्यादा नौकरियां, बेहतर वेतन और नए अवसर मिलेंगे।
एफटीए पर साइन होने के बाद उम्मीद है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार और निवेश और बढ़ेगा, और दोनों देशों को वैश्विक बाजार में ज्यादा मौके मिलेंगे।
--आईएएनएस
एवाई/
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