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हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाने में मददगार है अंजलि मुद्रा, जानिए कैसे करती है शरीर पर असर

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और बिगड़ती जीवनशैली का असर सबसे ज्यादा हमारे दिल और फेफड़ों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ता मानसिक दबाव, घंटों बैठकर काम करना, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देती है।

ऐसे में लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए योग को अपना रहे हैं। इन्हीं में से एक है अंजलि मुद्रा, जिसे आमतौर पर नमस्ते मुद्रा या प्रार्थना मुद्रा भी कहा जाता है। यह मुद्रा शरीर, मन और सांसों के बीच संतुलन बनाने का काम करती है।

अंजलि मुद्रा में दोनों हथेलियों को जोड़ा जाता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, जब दोनों हथेलियां आपस में जुड़ती हैं, तब शरीर और मस्तिष्क के बीच एक संतुलन बनने लगता है। इससे मन शांत होता है और सांसों की गति धीरे-धीरे नियंत्रित होने लगती है। यही प्रक्रिया दिल और फेफड़ों को फायदा पहुंचाने में मदद करती है।

अंजलि मुद्रा करते समय जब व्यक्ति गहरी और धीमी सांस लेता है, तब फेफड़ों तक ऑक्सीजन बेहतर तरीके से पहुंचती है। इससे सांस लेने की प्रक्रिया संतुलित होती है और फेफड़े ज्यादा सक्रिय तरीके से काम करने लगते हैं। लगातार अभ्यास करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है। जो लोग जल्दी थकान महसूस करते हैं या तनाव के कारण तेज सांस लेने की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह मुद्रा काफी लाभकारी मानी जाती है।

धीमी और गहरी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करती हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

अंजलि मुद्रा का असर हृदय पर भी सकारात्मक माना जाता है। यह मुद्रा सीने के बीच वाले हिस्से यानी हार्ट चक्र पर ध्यान केंद्रित करती है। जब व्यक्ति शांत मन से इस मुद्रा का अभ्यास करता है, तो तनाव कम होने लगता है। तनाव कम होने का सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है, क्योंकि अत्यधिक तनाव दिल की धड़कनों और रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है।

अंजलि मुद्रा मन को शांत करके दिल पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को कम करने में मदद करती है।

इसके अलावा अंजलि मुद्रा मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच संतुलन बनाने में भी मदद करती है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है।

शारीरिक रूप से भी यह मुद्रा फायदेमंद मानी जाती है। इससे हाथों, कलाई और बांहों की मांसपेशियों में लचीलापन आता है। लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने वाले लोगों के लिए यह हल्का अभ्यास राहत देने वाला हो सकता है। साथ ही यह शरीर को भीतर से शांत करने का काम भी करता है।

--आईएएनएस

पीके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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ट्रंप ने दवाओं की कीमतों में रिकॉर्ड कटौती का किया दावा

वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्चे वाली दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ व्यापक समझौतों की घोषणा की और इसे “हमारे देश के इतिहास में दवाओं की कीमतों में सबसे बड़ी कटौती” बताया।

व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रमुख कंपनियों में से एक रीजेनेरॉन, “मोस्ट फेवर्ड नेशन” कीमतों पर दवाएं देने के लिए सहमत हो गई है। उन्होंने कहा, “कीमतें ऐसे स्तर तक गिरेंगी, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”

उन्होंने कहा, “इस घोषणा के साथ, दुनिया की 17 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियाँ, जो ब्रांडेड दवाओं के बाजार के 80 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं, अब अमेरिकी मरीजों को दुनिया में कहीं भी मिलने वाली सबसे कम कीमतों पर अपनी दवाएं बेचने के लिए सहमत हो गई हैं।”

ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिकी लंबे समय से अत्यधिक कीमतें चुकाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “दशकों से अमेरिकियों को पर्चे वाली दवाओं के लिए दुनिया में सबसे ज्यादा कीमतें चुकाने के लिए मजबूर किया गया है।”

स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने इस कदम का समर्थन करते हुए इसे लंबे समय से जारी “लूट” के खिलाफ कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जो “दुनिया की आबादी का 4.2 प्रतिशत” है, फार्मास्युटिकल उद्योग के “75 प्रतिशत मुनाफे” का स्रोत रहा है।

सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक मेहमत ओज़ ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य दवाओं को सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा, “हर तीन में से एक अमेरिकी…अक्सर बिना दवा लिए ही लौट जाता है क्योंकि वह दवाएं खरीदने में सक्षम नहीं होता।”

प्रशासन ने कुछ खास कीमतों में कटौती का भी उल्लेख किया, जिसमें एक कोलेस्ट्रॉल की दवा की कीमत “537 डॉलर से घटकर 225 डॉलर” और एक वजन घटाने की दवा की कीमत “1,350 डॉलर प्रति माह से घटकर 199 डॉलर प्रति माह तक” होने की बात कही गई।

रीजेनेरॉन के सीईओ लियोनार्ड श्लाइफ़र ने कहा कि कंपनी वैश्विक मूल्य संतुलन के प्रयासों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा, “हमें यहां आने के लिए मजबूर नहीं किया गया। हम यहां आकर खुश हैं क्योंकि यह दवाओं की कीमतें कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

कंपनी ने एक दुर्लभ प्रकार के बहरापन के लिए जीन थेरेपी की भी घोषणा की, जिसे पात्र बच्चों को कुछ समय तक मुफ्त प्रदान किया जाएगा। जॉर्ज यानकोपोलोस ने इस उपचार को “अपने तरह की पहली जीन थेरेपी… जिससे ट्रैविस अब अपनी माँ की आवाज सुन सकता है” बताया।

सिएरा स्मिथ, जिनके दो साल के बेटे को यह थेरेपी दी गई, ने इस परिणाम को “बेहद अद्भुत” बताया और कहा, “अब वह सुन सकता है… यह जीवन बदल देने वाला है।”

वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने कहा कि यह नीति घरेलू विनिर्माण से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि 448 अरब डॉलर का दवा निर्माण अमेरिका में आएगा।”

व्हाइट हाउस ने कहा कि ये समझौते अब ब्रांडेड फार्मास्युटिकल बाजार के लगभग 86 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं और आगे भी बातचीत जारी है।

--आईएएनएस

पीएम

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  Sports

CSK vs GT: संजू सैमसन ने धोनी-रैना को पीछे छोड़ा, ऐसा करने वाले सबसे तेज भारतीय बने

Sanju Samson record: चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज संजू सैमसन ने आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सैमसन आईपीएल इतिहास में 5000 रन पूरे करने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में एमएस धोनी, केएल राहुल और सुरेश रैना जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

संजू को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैच से पहले सिर्फ 3 रन की जरूरत थी। उन्होंने पारी के दूसरे ओवर में कगिसो रबाडा की वाइड गेंद पर पॉइंट के ऊपर शानदार चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वह आईपीएल में 5000 रन पूरे करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए।

सैमसन ने सबसे कम गेंदों में 5 हजार रन पूरे किए
सैमसन ने सिर्फ 3555 गेंदों में 5000 रन पूरे किए। वह आईपीएल इतिहास में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले तीसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने। उनसे आगे सिर्फ एबी डिविलियर्स (3288 गेंद) और डेविड वॉर्नर (3554 गेंद) हैं। भारतीय खिलाड़ियों में संजू सबसे आगे निकल गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड सुरेश रैना (3620 गेंद), केएल राहुल (3688 गेंद) और एमएस धोनी (3691 गेंद) के नाम था।

संजू ने धोनी को पीछे छोड़ा
हालांकि रिकॉर्ड बनाने के बाद संजू की पारी ज्यादा लंबी नहीं चली। चौथे ओवर में फिर रबाडा ने उन्हें आउट कर दिया। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर संजू ने कट लगाने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का किनारा लगा और विकेटकीपर जोस बटलर ने आसान कैच पकड़ लिया। सैमसन 15 गेंदों में 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

संजू इस सीजन शानदार फॉर्म में नजर आ रहे। कुछ दिन पहले ही उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में शानदार शतक लगाया था। यह इस सीजन उनका दूसरा शतक था। इससे पहले उन्होंने 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चेन्नई में नाबाद 115 रन बनाए थे।

यह पहली बार है जब संजू ने आईपीएल के एक ही सीजन में दो शतक लगाए हैं। इसके साथ ही उनके टी20 करियर में कुल 8 शतक हो गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों में उनसे आगे सिर्फ विराट कोहली और अभिषेक शर्मा हैं, जिनके नाम 9-9 टी20 शतक दर्ज हैं।

अगर मौजूदा सीजन की बात करें तो संजू सैमसन ने 8 मैचों में 298 रन बनाए हैं। उनका औसत 59.60 और स्ट्राइक रेट 172.2 रहा है, जो उनकी शानदार फॉर्म को दिखाता है।

Sun, 26 Apr 2026 16:22:24 +0530

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