देश के दिग्गज फोटो जर्नलिस्ट और प्रतिष्ठित फोटोग्राफर रघु राय का रविवार को 83 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी उनके परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए दी। आज शाम 4 बजे दिल्ली के लोधी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रघु राय को भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता का 'जनक' माना जाता है। उन्होंने अपने पांच दशक से अधिक के करियर में देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाओं को अपने कैमरे के जरिए अमर कर दिया।
इतिहास को कैमरे में किया कैद
रघु राय का जन्म 1942 में अविभाजित भारत के झंग (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उन्होंने 1962 में फोटोग्राफी को अपना करियर बनाया। उन्होंने आधुनिक भारतीय इतिहास की कुछ सबसे मार्मिक और अहम घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उन्होंने लंबे समय तक काम किया और उनके कार्यकाल के कई ऐतिहासिक पल कैमरे में दर्ज किए। मदर टेरेसा पर की गई उनकी फोटोग्राफी को दुनिया भर में काफी सराहा गया।
1972 का बांग्लादेश शरणार्थी संकट और 1984 की भीषण भोपाल गैस त्रासदी की उनकी तस्वीरें इतनी प्रभावशाली थीं कि उन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था।
नवीन पटनायक ने दी श्रद्धांजलि
रघु राय के निधन पर देशभर से शोक संदेश आ रहे हैं। ओडिशा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें याद करते हुए दुख जताया। उन्होंने लिखा, "दिग्गज फोटो जर्नलिस्ट रघु राय के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। अपने लेंस के माध्यम से, उन्होंने भारत की आत्मा, यहां के लोगों और रोजमर्रा के जीवन को संजोया, जो हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा।"
पटनायक ने आगे कहा कि रघु राय की विरासत आने वाली पीढ़ियों के कहानीकारों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
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