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नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने अपने पद से दिया इस्तीफा, संपत्ति रखने व मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

काठमांडू, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बिजनेसमैन दीपक भट्टा के साथ कथित कनेक्शन के मामले को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुंग ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। नेपाली मीडिया के अनुसार, दीपक भट्टा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच चल रही है। नेपाल में बालेंद्र शाह की सरकार बनने के बाद से गुरुंग काफी चर्चा में रहे। बालेंद्र शाह की सरकार बनने के बाद यह दूसरे मंत्री का इस्तीफा है।

इससे पहले श्रमिक मंत्री कुमार शाह को अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया गया था। नेपाल में 5 मार्च को हुए चुनाव के बाद 8 मार्च को चुनाव के परिणाम घोषित हुए, जिसके बाद 27 मार्च को बालेंद्र शाह ने बतौर पीएम शपथ ग्रहण किया। महीनेभर के अंदर ही नेपाल की सियासत में भूचाल देखने को मिल रहा है।

गुरुंग ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, मुझसे जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पद पर रहते हुए किसी भी तरह के हितों के टकराव या प्रक्रिया पर किसी भी तरह के असर से बचने के लिए, मैंने आज से गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।

नेपाली भाषा में किए गए फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, मैं सुदान गुरुंग 2082 चैत्र 13 से गृहमंत्री की जिम्मेदारी पर ईमानदारी से काम कर रहा हूं। हाल के दिनों में नागरिक स्तर से उठाए गए सवालों, टिप्पणियों और हितों को मैंने गंभीरता से लिया है जिसमें मेरे हिस्से भी शामिल हैं। मेरे लिए पद से बड़ी नैतिकता है और लोक आस्था से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। देश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने वाले जनरल जेड आंदोलन ने भी यही संदेश दिया है। जन जीवन स्वच्छ हो, नेतृत्व जिम्मेदार हो। मेरे 46 भाई-बहनों के खून और बलिदान की आड़ में बनी सरकार पर कोई सवाल करे तो जवाब नैतिकता है।

उन्होंने आगे कहा, इसलिए मैंने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है जो आज से लागू होगा जिससे मुझसे संबंधित विषयों पर निष्पक्ष जांच हो और पद के रहते हितों का टकराव दिखाई नहीं देता और इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मैंने अपनी ओर से नैतिक जिम्मेदारी ली है। अब मेरी अपील है, प्रिय संचारकर्मी मित्रों, आम नेपाली भाइयों, बहनों और युवाओं, अगर हम वास्तव में बदलाव चाहते हैं तो हम सभी को सच्चाई, ईमानदारी और आत्मशुद्धता के मार्ग पर खड़ा होना चाहिए। कितने मीडियाकर्मी मित्रों के मीठे शेयर हैं धीरे-धीरे आएंगे, रामराज्य की लालसा रखने वाले भी त्याग और नैतिक साहस दिखाएं। मेरे देश के लिए और हमारे सुरक्षा बलों के सम्मान के लिए और नेपाल के युवाओं के लिए।

नेपाली मीडिया, द हिमालयन टाइम्स की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, सुदान गुरुंग स्टार माइक्रो इंश्योरेंस कंपनी में शेयर होल्डर हैं। यह वही कंपनी है जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्ट, बिजनेसमैन सुलव अग्रवाल और शंकर ग्रुप के वाइस-चेयरमैन और जगदंबा होल्डिंग्स के चेयरमैन व बिजनेसमैन सुलव अग्रवाल भी पार्टनर हैं। कंपनी के शुरुआती शेयर रजिस्टर में गुरुंग का नाम 49वें नंबर पर है, जिसमें 2.5 मिलियन रुपये का निवेश है।

2022 में लाइसेंस पाने वाली इस इंश्योरेंस कंपनी ने अभी तक आईपीओ जारी नहीं किया है और इसके निवेशकों में भट्टा की इनफिनिटी होल्डिंग्स और अग्रवाल की जगदंबा होल्डिंग्स और शंकर ग्रुप शामिल हैं।

इसके अलावा नेपाल के गृहमंत्री पर यह आरोप भी है कि गुरुंग ने अपने आधिकारिक संपत्ति के ब्यौरे में इस शेयर का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, सुदान गुरुंग ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उनके सभी स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट, जो 20 मिलियन से ज्यादा हैं, काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की वेबसाइट पर उनकी प्रॉपर्टी डिटेल्स में साफ तौर पर लिस्टेड हैं और स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ में उनके निवेश भी उनकी दूसरी होल्डिंग्स की तरह ही डिक्लेयर्ड शेयर कैटेगरी में आते हैं।

--आईएएनएस

केके/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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प्रसव के बाद नहीं बन रहा पर्याप्त दूध? आयुर्वेद से जानिए कारण और उपाय

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रसव के बाद कई महिलाओं को लगता है कि उनके स्तन में दूध पर्याप्त नहीं बन रहा है, जिस वजह से बच्चा भूखा रह जाता है। लेकिन यह एक आम समस्या है और इसमें घबराने की जरूरत नहीं होती। आयुर्वेद के अनुसार स्तनपान, यानी दूध बनने की प्रक्रिया शरीर, मन और खानपान तीनों पर निर्भर करती है। अगर इन तीनों में असंतुलन हो जाए तो दूध कम बनने की समस्या हो सकती है।

आयुर्वेद में माना जाता है कि प्रसव के बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है। अगर इस समय सही पोषण न मिले, पर्याप्त आराम न मिले और मानसिक तनाव ज्यादा हो, तो दूध बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कई बार चिंता, नींद की कमी और कमजोरी भी इसका बड़ा कारण बनते हैं। इसके अलावा अगर महिला बहुत ज्यादा उपवास करे या ठीक से पानी न ले, तो भी इसका असर दूध उत्पादन पर पड़ता है।

कई बार मां को खुद महसूस होता है कि दूध कम बन रहा है और बच्चे का पेट ठीक से नहीं भर पा रहा है। बच्चे का वजन धीरे-धीरे बढ़ता है या वह कमजोर दिखने लगता है। कुछ मामलों में बच्चे को कब्ज जैसी समस्या भी हो सकती है।

आयुर्वेद में इसका समाधान बहुत सरल और प्राकृतिक बताया गया है। सबसे पहले मां को मानसिक रूप से शांत रहना बहुत जरूरी है। तनाव और चिंता को कम करना सबसे बड़ा उपाय है, क्योंकि मानसिक स्थिति सीधे दूध उत्पादन पर असर डालती है।

खानपान में भी सुधार जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार मां को हल्का, पौष्टिक, गर्म और तरल भोजन लेना चाहिए। दूध, घी और दूध से बने हल्के पदार्थ फायदेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा कुछ औषधीय चीजें भी दूध बढ़ाने में मदद करती हैं, जैसे शतावरी, मेथी, जीरा, लहसुन और यष्टिमधु। ये प्राकृतिक रूप से शरीर को ताकत देते हैं और स्तनपान को बढ़ाने में मदद करते हैं।

पानी और तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लेना भी बहुत जरूरी है। मां को भूखा या प्यासा नहीं रहना चाहिए। आराम और नींद भी उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा खाना। शरीर जितना रिलैक्स रहेगा, उतना ही बेहतर दूध बनेगा।

सबसे जरूरी बात यह है कि मां को बच्चे को समय-समय पर दूध पिलाते रहना चाहिए। इससे शरीर को संकेत मिलता है कि दूध की जरूरत है और उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कई बार शुरुआत में दूध कम होता है लेकिन नियमित फीडिंग से स्थिति अपने आप ठीक हो जाती है।

अगर फिर भी दूध पर्याप्त न बढ़े और बच्चा ठीक से वजन न बढ़ा रहा हो, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट या फॉर्मूला मिल्क का सहारा लिया जा सकता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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