कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट का बचाव किया
वाशिंगटन, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी छूट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से दुनिया भर में तेल की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी होने से रोका जा सका। हालांकि, डेमोक्रेट नेताओं ने चेतावनी दी कि इससे रूस को युद्ध के लिए पैसा मिल सकता है और ईंधन महंगा बना रह सकता है।
सीनेट की एक समिति के सामने बोलते हुए बेसेंट ने कहा कि यह कदम उस समय उठाया गया जब बाजार में काफी अनिश्चितता थी, ताकि तेल की सप्लाई स्थिर रखी जा सके।
उन्होंने बताया, “हम 25 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल बाजार में बनाए रखने में सफल रहे।”
बेसेंट ने कहा कि अगर यह छूट नहीं दी जाती, तो कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती थीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “आज तेल की कीमत करीब 100 डॉलर है। अगर हमने यह राहत नहीं दी होती, तो यह 150 डॉलर तक जा सकती थी।” उन्होंने कहा कि यह नीति आम लोगों को राहत देने के लिए बनाई गई है। कम कीमत लोगों के लिए बेहतर है।
वहीं, डेमोक्रेट नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया। क्रिस कून्स ने कहा कि इस छूट से रूस को अरबों डॉलर मिल सकते हैं और इससे उस पर दबाव कम हो जाएगा, जो इस समय बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोग आज भी महंगा पेट्रोल खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा, “डेलावेयर में लोग 4 डॉलर प्रति गैलन के हिसाब से पेट्रोल खरीद रहे हैं।”
कून्स ने सवाल उठाया कि क्या इस नीति से सच में लोगों को कोई राहत मिली है। इस पर बेसेंट ने जवाब दिया कि रूस या ईरान को इससे कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं।”
उन्होंने बताया कि इस छूट को बढ़ाने का फैसला दुनिया के कई गरीब और कमजोर देशों की मांग पर लिया गया था। उन्होंने कहा, “10 से ज्यादा गरीब देशों ने हमसे इस छूट को बढ़ाने की अपील की थी, इसलिए इसे सिर्फ 30 दिनों के लिए बढ़ाया गया।”
इसी बीच, कुछ नेताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों पर भी चिंता जताई। जैक रीड ने कहा कि अमेरिका में लोग 4 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा कीमत पर पेट्रोल खरीद रहे हैं, जो आम परिवारों पर बोझ है।
बेसेंट ने कहा कि बाजार के हालात धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि तेल बाजार इस समय “बैकवर्डेशन” की स्थिति में है, यानी आगे चलकर कीमतें कम हो सकती हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई, “मुझे लगता है कि यह संघर्ष खत्म होगा और पेट्रोल की कीमतें फिर पहले जैसी या उससे भी कम हो जाएंगी।”
यह पूरी बहस अमेरिका की राजनीति में मतभेद को दिखाती है। सरकार का कहना है कि थोड़ी लचीलापन रखने से बाजार स्थिर रहता है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे रूस पर दबाव कम होता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध पश्चिमी देशों की नीति का अहम हिस्सा रहे हैं। कोशिश यह रही है कि रूस की कमाई कम हो, लेकिन दुनिया में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर न पड़े।
दुनिया में तेल की कीमतें अब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासकर मध्य पूर्व की स्थिति से प्रभावित होती हैं। वहां किसी भी तरह की गड़बड़ी से कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ता है।
--आईएएनएस
एएस
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'मधुबाला' के रोल में नजर आएंगी सारा अर्जुन, बड़े पर्दे पर दिखेगी अफेयर, शादी से लेकर अकेलेपन तक की कहानी
Sara Arjun Madhubala Biopic: धुरंधर (Dhurandhar) फिल्म ने लोगों को तो एंटरटेन किया ही है, साथ ही इसने फिल्म के कलाकारों की किस्मत भी चमका दी है. फिर चाहे वो रणवीर सिंह हो, राकेश बेदी या फिर सारा अर्जुन. हर किसी को इंडस्ट्री में अब एक अलग ही नजर से देखा जा रहा है. वहीं, नई नवेली हीरोइन सारा अर्जुन के हाथ तो संजय लीला बंसाली (Sanjay Leela Bhansali) का बड़ा प्रोजेक्ट लग गया है. खबर है कि सारा अब जल्द ही मधुबाला की बायोपिक में नजर आएंगी.
फिल्म बनने में इसलिए हो रही देरी
'भारतीय सिनेमा की वीनस' कही जाने वाली मधुबाला की लाइफ (Madhubala Biopic) पर काफी समय से फिल्म बनने की खबरें आ रही है. इस प्रोजेक्ट में कई बार देरी हुई है. लेकिन अब फिल्म के आगे बढ़ने की संभावना है.खबर ये भी है कि बजट की कमी के कारण फिल्म पहले रोक दी गई थी, लेकिन भंसाली इसके निर्माता बने तो अब इसे रास्ता मिल गया है. ऐसे में अब ये फिल्म शुरू हो सकती है. वैरायटी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म का निर्माण इसी साल जुलाई 2026 में शुरू हो सकता है.
मधुबाला के लिए फाइनल हुईं सारा अर्जुन?
मधुबाला की बायोपिक के लिए कई एक्ट्रेसेस के नाम सामने आए. लेकिन अब खबरें है कि धुरंधर में नजर आई सारा अर्जुन (Sara Arjun) को इस रोल के लिए फाइनल कर लिया गया है. सारा का लुक, उनकी अदाओं में मधुबाला की झलक देखने को मिलती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारा इस रोल के लिए फीट बैठती है, इसलिए उन्हें कास्ट किया गया है. हालांकि इन खबरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. बता दें, इससे पहले शरवरी, कल्याणी प्रियदर्शन, साई पल्लवी और अनीट पड्डा जैसी एक्ट्रेसेस का नाम भी इस रोल के लिए सामने आया था.
फिल्म में इन पहलुओं को दिखाया जाएगा
मधुबाला की बायोपिक इंडस्ट्री में मधुबाला के शानदार करियर के साथ-साथ उनकी पर्सनल लाइफ और मुश्किलों को भी दिखाएगी. एक्ट्रेस का दिलीप कुमार (Dilip Kumar) संग रिश्ते से लेकर म्यूजिशियन किशोर कुमार (Kishor Kumar) के साथ उनकी शादी तक सब कुछ दिखाया जाएगा. इन सबके बीच उनका फिल्मी करियर और अंत में ये भी देखने को मिलेगा कि कैसे वो अपने आखिरी समय में अकेली पड़ गई थी.
कब और कहां रिलीज होगी मधुबाला की बायोपिक?
मधुबाला की बायोपिक का नाम क्या होगा, फिलहाल ये सामने नहीं आया है. वहीं, सारा के अलावा अभी तक किशोर कुमार, दिलीप कुमार और फिल्म की अन्य कास्ट के लिए कोई नाम सामने नहीं आया है. फिल्म अन्य किरदारों की कास्टिंग की जा रही है. इसके अलावा आपको बता दें कि ये बायोपिक ड्रामा सीधे स्ट्रीमिंग पर रिलीज होने वाली है, इसे सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया जाएगा. वहीं, कब और कहां ये ओटीटी पर रिलीज होगी, इसे लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
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