आपदा-रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन की 7वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक, फ्रांस ने सह-अध्यक्षता ब्राजील को सौंपी
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली में हुई सीडीआरआई की 7वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में फ्रांस ने भारत के साथ मिलकर सह-अध्यक्षता की और अपने दो साल के कार्यकाल के बाद यह जिम्मेदारी ब्राजील को सौंप दी।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय में ग्लोबल अफेयर्स और सांस्कृतिक और आर्थिक कूटनीति के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, जीन-पॉल सेत्रे ने आपदा-रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन (सीडीआरआई) की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में उनके साथ प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्रा भी सह-अध्यक्ष थे।
बैठक को संबोधित करते हुए जीन-पॉल सेत्रे ने कहा कि आज हम फ्रांस की सह-अध्यक्षता के दो शानदार साल पूरे कर रहे हैं। हमें भारत सरकार, सीडीआरआई और इसके 65 सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है। हमने जलवायु बदलाव से निपटने और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने में योगदान दिया। हम पूरी तरह से ब्राजील का समर्थन करते हैं, जो अब अगले दो साल के लिए सह-अध्यक्ष बनेगा। हमें पूरा भरोसा है कि सीडीआरआई के साथ यह सफर आगे भी मजबूत होता रहेगा।
सीडीआरआई के महानिदेशक अमित प्रोथी ने कहा कि हम पिछले दो सालों में फ्रांस सरकार के सहयोग और योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं। एक खास उपलब्धि थी आईसीडीआरआई 2025 का आयोजन, जो नाइस में हुआ, यह पहली बार था जब यह बड़ा सम्मेलन भारत के बाहर आयोजित हुआ। हम आगे भी फ्रांस के साथ मिलकर काम को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। खासकर इस साल के फ्रेंच जी-7 प्रेसीडेंसी के दौरान।
फ्रांस ने 2024 से 2026 तक अपनी सह-अध्यक्षता के दौरान सीडीआरआई को कई तरह से सहयोग दिया।
फ्रांस ने दो विशेषज्ञों को फंड किया, जो छोटे द्वीपीय देशों (आईआरआईएस प्रोग्राम) और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग से जुड़े कामों में मदद कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन: सीडीआरआई को जी20, जी-7 और सीओपी जैसे मंचों पर आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा नए साझेदार जोड़ने में मदद की। सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया।
फ्रांस ने जून 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन (यूएनओसी) के दौरान सीडीआरआई का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आई-सीडीआरआई) भी आयोजित किया, जिससे दुनिया भर के बड़े नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई।
फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान सीडीआरआई और फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी (एएफडी) के बीच एक समझौता (एमओयू) भी साइन किया गया। इस मौके पर फ्रांस की मंत्री एलियोनोर कारोआ भी मौजूद थीं। इस समझौते का मकसद तीसरे देशों में दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
यह पूरा कदम सीडीआरआई के काम को आगे बढ़ाने और दुनिया भर में मजबूत और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन में प्राइमरी हेल्थ केयर डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करने के लिए बन रही है योजना
बीजिंग, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है, इसके बावजूद चीन में आम लोगों को अच्छी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि इसमें सुधार की गुंजाइश नजर आती है, खासतौर पर शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में अंतर दिखता है।
इसके मद्देनजर चीन एक ऐसा हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम बनाने में तेजी लाने की योजना बना रहा है, जिसका फोकस उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी आम और पुरानी बीमारियों को मैनेज करने के लिए प्राथमिक स्तर की मेडिकल क्षमता को मजबूत करने पर होगा।
इस कदम की जानकारी पिछले दिनों चीनी राज्य परिषद के जनरल कार्यालय द्वारा जारी एक दस्तावेज में दी गई, जिसका उद्देश्य घर के पास सुविधाजनक, उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल सेवाओं की नागरिकों की मांग को पूरा करना है।
बताया जा रहा है कि संबंधित योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर मोहल्ले में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हो, ताकि प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवा कवरेज में मौजूद किसी तरह की कमी को खत्म किया जा सके। इससे पता चलता है कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश चीन लगातार देश की स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधारने पर ध्यान दे रहा है।
बता दें कि आम तौर पर चीन में तीन श्रेणी के अस्पताल मौजूद हैं। इस नई योजना में इस बात पर जोर दिया गया है कि सेकेंडरी स्तर के हॉस्पिटल, आम बीमारियों का इलाज करने की अपनी क्षमता को मजबूत करेंगे, साथ ही पुनर्वास, नर्सिंग, देखभाल और इंटीग्रेटेड मेडिकल के साथ-साथ बुज़ुर्गों की देखभाल जैसी सेवाओं का स्तर भी बढ़ाएंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उप निदेशक चंग च के अनुसार वर्तमान में चीन में 1.1 मिलियन से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान हैं, और 90 फीसदी से अधिक लोग महज 15 मिनट के अंदर सबसे पास के मेडिकल सेवा प्रदाता के पास पहुंच सकते हैं।
बताया जाता है कि वर्ष 2025 तक पूरे चीन में प्राथमिक स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों की संख्या 5.56 अरब तक पहुंच गई, जो कि कुल विजिट का 52.6 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि चीन में बीमार लोग बड़ी आसानी से अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच सकते हैं।
इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान अब बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों वाले मरीजों जैसे खास समूहों को हर साल 1 अरब से ज्यादा बार सर्विस प्रदान करते हैं। वहीं देश में पिछले कुछ वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। सिर्फ साल 2025 में ही 3,70,000 से ज्यादा होम हॉस्पिटल बेड तैयार किए गए, जबकि पुरानी बीमारी वाले मरीजों के लिए 190 मिलियन लंबे समय के लिए प्रिस्क्रिप्शन भी जारी किए गए।
इस तरह लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जारी है, क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार अपने नागरिकों को अच्छा स्वास्थ्य बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लोग बखूबी उठा रहे हैं। जाहिर है कि सरकार के प्रयासों के चलते आम लोग अपने स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूक हो गए हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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