Responsive Scrollable Menu

Broken Tile Planter: बचे हुए टूटे टाइल्स के टुकड़ों से बनाएं सुंदर प्लांटर, देखें गार्डन के लिए फैंसी डिजाइन

Creative Planter With Broken Tiles: बची और टूटी टाइल्स को फेंकने की बजाय उनसे बनाएं खूबसूरत और फैंसी प्लांटर। जानें 5 आसान DIY डिजाइन जो आपके गार्डन को देंगे स्टाइलिश और यूनिक लुक, साथ ही होंगे बजट और इको-फ्रेंडली।

Continue reading on the app

भारत-दक्षिण कोरिया का बड़ा जलवायु समझौता, कार्बन बाजार में साथ मिलकर करेंगे काम

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और दक्षिण कोरिया ने वैश्विक स्तर पर जलवायु सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने पेरिस समझौते के आर्टिकल 6.2 के तहत एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान तय हुआ और इससे दोनों बड़े एशियाई देशों के बीच सीमा-पार कार्बन बाजार बनाने की दिशा में रास्ता खुल गया है।

यह कई अन्य समझौतों का भी हिस्सा है, जिनमें साफ ऊर्जा, व्यापार और उद्योग से जुड़ी साझेदारियां शामिल हैं। इससे साफ दिखता है कि दोनों देश आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखना चाहते हैं।

असल में आर्टिकल 6.2 का यह सिस्टम देशों को मिलकर प्रदूषण कम करने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करने और कार्बन क्रेडिट्स का लेन-देन करने की सुविधा देता है। इससे कम खर्च में जलवायु से जुड़े लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है।

इस सिस्टम के तहत जो भी उत्सर्जन कम किया जाता है, उसे आईटीएमओ (इंटरनेशनली ट्रांसफर्ड मिटिगेशन आउटकम) कहा जाता है। एक आईटीएमओ का मतलब होता है एक टन कार्बन डाइऑक्साइड या उसके बराबर गैस का कम होना। इससे देश दूसरे देशों में प्रोजेक्ट्स में निवेश करके उस कमी को अपने लक्ष्य में जोड़ सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें एक जरूरी नियम भी है, जिसे कॉरेस्पोंडिंग एडजस्टमेंट कहा जाता है। इसका मतलब है कि एक ही उत्सर्जन कमी को दो बार नहीं गिना जाएगा, जिससे पूरा सिस्टम साफ और पारदर्शी बना रहता है।

अभी दुनिया भर में कार्बन बाजार को लेकर रुचि तेजी से बढ़ रही है। यह सिस्टम अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन कई देश पहले ही ऐसे समझौते कर चुके हैं और कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

इन्हें अब ऐसे जरूरी टूल्स के रूप में देखा जा रहा है, जो देशों को कम लागत में अपने जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करते हैं।

यह साझेदारी दोनों देशों के लंबे समय के जलवायु लक्ष्यों के हिसाब से भी फिट बैठती है। भारत ने 2070 तक नेट-जीरो (यानी जितना उत्सर्जन, उतनी ही भरपाई) हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जबकि दक्षिण कोरिया 2050 तक यह लक्ष्य पाना चाहता है।

दोनों की टाइमलाइन अलग होने की वजह से यह साझेदारी फायदेमंद बनती है। दक्षिण कोरिया, जहां अपने देश में उत्सर्जन कम करने के सीमित विकल्प हैं, वह दूसरे देशों में सस्ते प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सकता है। वहीं, भारत को ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग मिल सकती है, जिससे वह अपनी साफ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: Hyderabad के युवा गेंदबाजों का जलवा, जानें पैट कमिंस की राय, वैभव पर क्या बोले कप्तान

Hyderabad में IPL 2026 के दौरान युवा गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे Death Overs में एक अच्छा Spell मैच का रुख बदल सकता है. #IPL2026 #Hyderabad #CricketNews #YoungTalents Sun, 26 Apr 2026 13:26:08 +0530

  Videos
See all

Firing On Trump : ईरान अमेरिका युद्ध पर बड़ी खबर! | Trump | Shehbaz Sharif | Top News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-26T08:30:33+00:00

Shorts : बीजेपी ने मेरा सरकारी घर छीन लिया | Rahul Gandhi | Top News | Viral News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-26T08:45:03+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: AAP को अचानक लगा बड़ा धक्का ! #raghavchadha #aap #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-26T08:31:37+00:00

Shorts : ममता दीदी तो हारती रहती है | Amit Shah | Top News | BJP | Viral News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-26T08:38:49+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers