Responsive Scrollable Menu

जंग के बीच PM Benjamin Netanyahu ने Cancer को दी मात, खुद किया अपनी बीमारी का बड़ा खुलासा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनका प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरण का इलाज हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट जारी करने में दो महीने की देरी की, ताकि चल रहे युद्ध के बीच ईरान को इजरायल के खिलाफ झूठा प्रोपेगैंडा फैलाने से रोका जा सके। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि वे स्वस्थ हैं और बेहतरीन शारीरिक स्थिति में हैं। उन्होंने आगे बताया कि उनके प्रोस्टेट में एक छोटी सी मेडिकल समस्या थी, जिसका पूरी तरह से इलाज हो चुका है। प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत प्रोस्टेट ग्रंथि से होती है। यह मूत्राशय के ठीक नीचे स्थित अखरोट के आकार का एक छोटा अंग है और यह एक आम कैंसर है जिसका अक्सर इलाज संभव होता है, विशेष रूप से तब जब इसका पता शुरुआती चरण में चल जाए।

इसे भी पढ़ें: सीजफायर के बीच अमेरिका ने ईरान का तेल टैंकर जब्त किया, पेंटागन ने किया खुलासा

नेतन्याहू ने बताया कि एक साल से भी ज़्यादा समय पहले, बढ़े हुए बिनाइन प्रोस्टेट की सफल सर्जरी के बाद से वे रेगुलर मेडिकल निगरानी में थे। हालाँकि, उन्होंने यह भी बताया कि पिछली जाँच के दौरान डॉक्टरों को उनके प्रोस्टेट में एक सेंटीमीटर से भी छोटा एक धब्बा मिला था। उन्होंने एक्स पर कहा कि जाँच करने पर पता चला कि यह एक मैलिग्नेंट ट्यूमर का बहुत शुरुआती चरण था, जो बिल्कुल भी फैला नहीं था और न ही उसके मेटास्टेसिस हुए थे। नेतन्याहू ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें दो विकल्प दिए: इसे रेगुलर निगरानी के ज़रिए मैनेज करना, जैसा कि बहुत से लोग करते हैं, या इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए टारगेटेड इलाज करवाना। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना। 

इसे भी पढ़ें: भारत के लिए शेर की तरह दहाड़ा इजरायल, हिल गई दुनिया!

जेरूसलम के हदासाह अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीमों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कुछ छोटे-मोटे इलाज करवाए, एक किताब पढ़ी और अपना काम जारी रखा। वह धब्बा पूरी तरह से गायब हो गया। उन्होंने अपने संदेश का समापन मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना के साथ किया; यह युद्ध अब अपने आठवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।

Continue reading on the app

240 भारतीयों को हवा में कहां ले गया इजरायल, चौंक जाएगी दुनिया

 इजराइली लोगों ने 240 भारतीयों के लिए गाना गाया। इजरायली झंडों को लहराया क्योंकि इन 240 भारतीय लोगों का इजराइल के साथ एक बेहद ही खास और रहस्यमई रिश्ता है। जब यह लोग विमान में बैठकर भारत से इजराइल पहुंचे तो उस वक्त भी विमान के अंदर इजराइल के अधिकारियों ने इन भारतीय लोगों के लिए गाने गाए, झंडे लहराए और जश्न मनाया।दरअसल भारत में रहने वाले यह लोग यहूदियों के एक खास और रहस्यमई समुदाय से जुड़े हैं। इस समुदाय का नाम बनेई मिनाशे है। बनेई मिनाशे समुदाय के यहूदी सदियों पहले भारत आकर बस गए थे। बिनेई मिनाशे यहूदियों के वंशजों का जिक्र बाइबल में मिलता है। आपको बता दें कि यहूदियों के इस खास समुदाय के लोग भारत के नॉर्थ ईस्ट में आकर रहने लगे। 

इसे भी पढ़ें: Iran-US में बढ़ा तनाव, तीसरा अमेरिकी Warship पहुंचा, Trump बोले- हम पूरी तरह तैयार

वहां भी खासतौर पर मणिपुर में कुछ महीनों पहले इजराइल ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले इन बनेई मेनाशे समुदाय के बचे हुए 5800 यहूदियों को अपने देश वापस लाकर बसाने का फैसला किया था। इजराइल ने खास मकसद से भारत की मदद से इन यहूदियों की घर वापसी की है। इजराइल ने कहा है कि वह अगले 5 सालों में इन 5800 यहूदियों को इजराइल लेकर जाएगा। अब इन्हीं में से पहले 240 बिनेई मिनाशे समुदाय के यहूदी इजराइल पहुंच चुके हैं। यहां आपको सबसे दिलचस्प बात बता दें कि दुनिया में कहीं भी रहने वाला एक यहूदी इजराइल का नागरिक बन सकता है। इजराइल का लॉ ऑफ रिटर्न हर यहूदी को इजराइल आने और इजराइली नागरिक बनने का अधिकार देता है। आपको बता दें कि 2005 में इजराइल के धार्मिक गुरु ने बिनेई मिनाशे समुदाय को इजराइली मूल के लोगों की मान्यता दे दी थी। इसी के बाद इजराइल ने फैसला किया कि वह इन यहूदियों को अपने देश लेकर आएगा। लेकिन इजराइल ऐसा कर क्यों रहा है? उसकी दो होश उड़ा देने वाली वजह हैं। सबसे पहले तो इजराइल भारत में रहने वाले इन यहूदियों को फिलिस्तीनियों की जगह नौकरी देना चाहता है। यह लोग अपनी-अपनी योग्यता के मुताबिक अलग-अलग कामों में लगाए जाएंगे। इजराइल को अपने देश की सुरक्षा के लिए फिलिस्तीनियों की जगह यहूदियों पर विश्वास है। इन लोगों को इजराइल वापस लाने की दूसरी सबसे बड़ी वजह इजराइल की सुरक्षा ही है। 

इसे भी पढ़ें: Hormuz के बाद मलक्का में लगेगा टोल? इंडोनेशिया ने दे दिया बड़ा जवाब!

 दरअसल इजराइल इन बिनई मिनाशे लोगों को अपने खास इलाके में बसाना चाहता है। इस इलाके का नाम अपरगिली है। अपरगिली इलाका इजराइल के नॉर्थ में है जो लेबनान से बॉर्डर शेयर करता है। इस इलाके में 53% आबादी फिलिस्तीनी नागरिकों और अरबों की है। यहां मूल इजराइलियों की पॉपुलेशन माइनॉरिटी में आ गई है। ऐसे में इजराइल को डर है कि लेबनान से लगते हुए अपर गिली इलाके में अगर यहूदी कम हो गए तो इजराइल के इस इलाके में लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्ला की पकड़ मजबूत हो जाएगी क्योंकि यहां रहने वाले फिलिस्तीनी हिजबुल्लाह का साथ देंगे। इस इलाके में यहूदियों की घटती आबादी के चलते यहां घर, स्कूल, दुकानें सब खाली पड़ी हैं।

Continue reading on the app

  Sports

वैभव सूर्यवंशी कैसे बनेंगे टेस्ट क्रिकेटर? हरभजन सिंह ने BCCI को बता दिया तरीका

Harbhajan Singh on Vaibhav and Mhatre: दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह के अनुसार वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे युवा बल्लेबाजों को टेस्ट क्रिकेट के लिए सही सोच रखने की जरूरत होगी और वे यशस्वी जायसवाल को अपना आदर्श मान सकते हैं जो भारत के सभी प्रारूपों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं क्योंकि उनके पास सभी प्रारूप के लिए सही तकनीक मौजूद है. Fri, 24 Apr 2026 20:59:38 +0530

  Videos
See all

Raghav Chadha Resignation: Amrinder Singh Raja ने कहा, 'पंजाब सरकार गई… | Aaj Tak Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T16:05:03+00:00

Black And White: Bengal Elections में 'Yogi Factor' कितना कामयाब होगा? | BJP | Anjana Om Kashyap #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T16:14:17+00:00

Black And White: Bengal में BJP का सरकार बनाने का दावा कितना मजबूत? | Amit Shah | Anjana Om Kashyap #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T16:16:01+00:00

बुलडोज़र कार्यवाई को लेकर क्या बोले Asaduddin Owaisi? #asaduddinowaisi #viralvideo #shortsvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T16:13:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers