रॉकिंग स्टार यश ने 'Toxic' की कहानी के खोले सारे पत्ते, बताया फिल्म की स्टोरी किस पर है बेस्ड
Rocking Star Yash reveals the story of Toxic: पैन इंडिया सुपरस्टार यश (Yash) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक (Toxic) को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं. फैंस इस फिल्म का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में फैंस हर नई अपडेट को लेकर काफी एक्साइटेड हैं. अब हाल ही में यश ने इस फिल्म को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिसने लोगों की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया है.
लास वेगास में हुए CinemaCon 2026 के ग्लोबल स्टेज पर यश ने अपनी फिल्म टॉक्सिक के बारे में खुलकर बताया. उन्होंने फिल्म की कहानी, और उसका बैकड्रॉप के बारे में कई दिलचस्प बातें शेयर कीं. उन्होंने यह भी बताया कि यह फिल्म सिर्फ एक गैंगस्टर ड्रामा नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास, फिक्शन और स्टाइल का एक अलग ही मेल देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या-क्या बताया है.
सिनेमाकॉन में किया टॉक्सिक की कहानी खुलासा
यश ने लास वेगास में सिनेमाकॉन में अपनी अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि इसकी कहानी इंडियन हिस्ट्री के एक ऐसे दौर पर बेस्ड है, जिसे ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इसकी कहानी 1947 के बाद के समय से जुड़ी है, जब भारत आजाद हो चुका था, लेकिन गोवा अभी भी पुर्तगालियों के कब्जे में था.
यश के मुताबिक, फिल्म की असली स्टोरी यहीं से शुरू होती है. इस दौर को फिल्म में बहुत ही स्टाइलिश और अलग तरह से दिखाया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि बैकड्रॉप भले ही असली हिस्टोरिकल इवेंट्स से प्रेरित हो, लेकिन फिल्म की कहानी पूरी तरह से फिक्शनल है. यही वजह है कि इसे 'फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' कहा गया है.
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गोवा, पोर्ट्स और अंडरवर्ल्ड का दमदार मेल
यश ने आगे बताया कि फिल्म में गोवा के समुद्री किनारे, पोर्ट्स और वहां की पावर स्ट्रक्चर को अलग अंदाज में दिखाया गया है. उस समय पोर्ट्स गवर्नेंस का मुख्य हिस्सा थे और वहीं से गैंगस्टर्स और स्मगलिंग का नेटवर्क बनाया जाता था. फिल्म में इसी अंडरवर्ल्ड और पावर गेम को दिखाया जाएगा, जो इसे एक मजबूत गैंगस्टर ड्रामा बनाता है. यश के अनुसार, यह सिर्फ एक साधारण कहानी नहीं है, बल्कि इसमें कई परतें हैं, जो धीरे-धीरे खुलती हैं. यही चीज इसे दूसरी फिल्मों से अलग बनाती है.
फिल्म का स्टाइल सबसे खास
यश ने इस बात पर भी जोर डाला कि टॉक्सिक का सबसे बड़ा एट्रकेक्शन उसका एटीट्यूड और स्टाइल है. इसके साथ ही फिल्म में इमोशन और गहराई भी होगी. यह फिल्म सिर्फ बड़े स्केल की नहीं है, बल्कि यह ऑडियंस के दिल और दिमाग दोनों पर असर डालेगी. यानी आपको इसमें एक तरफ जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा और दूसरी तरफ एक स्ट्रॉन्ग कहानी भी देखने को मिलेगी.
टॉक्सिक की रिलीज डेट और स्टार कास्ट के बारे में जानिए
बता दें कि डायरेक्शन निर्देशन गीतू मोहनदास (Geetu Mohandas) ने किया है और इसे केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने प्रोड्यूस किया हैं. वहीं, इसकी स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें यश के साथ नयनतारा (Nayanthara) मुख्य भूमिका में नजर आएंगीं. फिल्म में कियारा आडवाणी( Kiara Advani), हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) के अलावा कई कलाकार अहम किरदार निभाते नजर आएंगे. फिल्म की रिलीज डेट 4 जून 2026 तय की गई है. हालांकि, पहले यह फिल्म मार्च में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 से क्लैश से बचने के लिए इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई थी.
नासिक TCS के बाद नागपुर में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ जैसा विवाद, क्या कोई बड़ी साजिश?
महाराष्ट्र में नासिक के TCS विवाद के बाद अब नागपुर से सामने आए एक नए मामले ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है. मानकापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, एक NGO में काम करने वाली हिंदू धर्म की युवतियों पर मुस्लिम धर्म से जुड़े तौर-तरीकों को अपनाने के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायत में कहा गया है कि संचालक रियाज़ काज़ी युवतियों से नमाज पढ़ने, रोजे रखने और इस्लामी तरीके से अभिवादन करने को कहता था. शिकायत करने वाली युवतियां 23 से 26 वर्ष की हैं, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है और अपने धार्मिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
NGO की जांच तेज, पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में पीड़िताओं ने रियाज काजी पर अश्लील व्यवहार का भी आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने 48 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जिसके बाद उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत स्तर का है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है. NGO से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, पूर्व कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के कारण और संस्था की फंडिंग के स्रोतों की भी जांच की जा रही है. महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) भी इस एनजीओ और इसके वित्तीय लेन-देन की जांच में जुट गई है.
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नासिक TCS कनेक्शन? पुलिस कर रही है हर एंगल से जांच
इस एनजीओ का नाम यूनिवर्सल मल्टीपरपज़ सोसायटी है जो उत्तर-पश्चिम नागपुर के मानकापुर के पास स्थित है. यह एनजीओ साल 2010 से संचालित हो रहा है. संस्था दावा करती है कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य शिविरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के कल्याण के लिए काम करती है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस पूरे मामले को नासिक के TCS विवाद से जोड़कर भी देख रही है. पुलिस ये पता लगा रही है की दोनों मामलों का कोई कॉमन लिंक तो नहीं? नासिक TCS और नागपुर मामले में कई सारी बातें कॉमन हैं. पुलिस को शक है की ये पैटर्न किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है. हालांकि अभी तक किसी ठोस लिंक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है. अगर दोनों मामलों के बीच कोई कड़ी मिलती है, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.
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