गैरी फ्रीमैन 'गोली से नहीं हाथी' के हमले में मरना चाहते थे, हुआ दर्दनाक अंत
लिम्पोपो (दक्षिण अफ्रीका), 20 अप्रैल (आईएएनएस)। रविवार (19 अप्रैल) को वन्यजीव प्रेमी गैरी फ्रीमैन को श्रद्धांजलि दी गई। यह एक पीड़ादायक मंजर था। दक्षिण अफ्रीका के क्लासेरी प्राइवेट नेचर रिजर्व में एक बेहद भावुक और दुखद घटना में 9 अप्रैल को 65 वर्षीय सफारी मालिक और अनुभवी गाइड गैरी फ्रीमैन की हाथी के हमले में मौत हो गई। यह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने जीवन में कई बार कहा था कि वे किसी हाथी को गोली मारने की बजाय खुद उसकी वजह से मरना पसंद करेंगे।
उनके करीबी और आगंतुक जूडी कॉनर्स ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि फ्रीमैन का हाथियों से “गहरा और आत्मिक जुड़ाव” था। उन्होंने कहा, “उन्होंने कहा था कि वे हाथी को कभी गोली नहीं मारेंगे, बल्कि उसी से मरना पसंद करेंगे। शायद मैं यही मानना चाहती हूँ, लेकिन उनके और हाथी के बीच एक विशेष, आत्मा-से-आत्मा का रिश्ता था।”
घटना के दिन फ्रीमैन एक टूर ग्रुप के साथ सफारी पर थे, तभी एक जंगली हाथी अचानक आक्रामक हो गया और उन पर हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, फ्रीमैन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे जानवर के हमले से बच नहीं सके। मौके पर मौजूद पर्यटकों ने उन्हें वाहन तक पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
फ्रीमैन का जीवन केवल एक सफारी गाइड तक सीमित नहीं था। उन्होंने कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और सफारी पर्यटन को अपना करियर बनाया। वे जिस कंपनी के सह-मालिक थे, उसे उन्होंने करीब 33 वर्षों तक संचालित किया।
क्लासेरी प्राइवेट नेचर रिजर्व की स्थापना 1969 में हुई थी, जब 36 फार्म मालिकों ने मिलकर इसे दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े “बिग फाइव” वन्यजीव क्षेत्रों में से एक बनाया। फ्रीमैन इस रिज़र्व से लंबे समय से जुड़े हुए थे, और इसे विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों द्वारा मानव पर हमला दुर्लभ होता है, लेकिन यह पूरी तरह असंभव नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष लगभग 300 से 600 लोग हाथियों के हमलों में मारे जाते हैं। हालांकि ये घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं, फिर भी जब होती हैं तो अक्सर घातक साबित होती हैं।
इसी संदर्भ में, रिपोर्ट में भारत का भी उल्लेख किया गया है, जहां जनवरी में एक हाथी ने लगभग 10 दिनों तक कई गांवों और कस्बों में उत्पात मचाया था, जिसमें लगभग दो दर्जन लोगों की मौत हुई और 15 घायल हुए थे।
दक्षिण अफ्रीका के लिम्पोपो प्रांत की पुलिस ने इस घटना को लेकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है। वन्यजीव विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि संबंधित हाथी भविष्य में किसी खतरे का कारण तो नहीं बन सकता।
यह घटना एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बन गई है, जिसने अपना पूरा जीवन वन्यजीवों के बीच बिताया और अंततः उसी दुनिया का हिस्सा बनकर अपनी यात्रा समाप्त की।
--आईएएनएस
केआर/
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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों के डीएम सहित 24 अफसरों के हुए तबादले; देखिए लिस्ट
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए 24 अधिकारियों के तबादले किए हैं. इस फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं, वहीं शासन, विकास प्राधिकरण और मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) के पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं. सरकार का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा. तो आइए सरकार द्वारा आज (20 अप्रैल) जारी किए गए तबादले की नई लिस्ट पर नजर डालते हैं.
जिलों में नए डीएम की तैनाती
सरकार ने कई अहम जिलों में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए हैं. लिस्ट के मुताबिक अविनाश कुमार को अलीगढ़, अरविंद सिंह को एटा और अमित आसेरी को बांदा का डीएम बनाया गया है. वहीं, डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद और कविता मीना को हापुड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर, चंचल गौड़ को सोनभद्र, अनुपम शुक्ला को गाजीपुर, शाश्वत त्रिपाठी को अयोध्या और ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है.
शासन स्तर पर भी हुए बदलाव
शासन में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए गए हैं. निखिल टीकाराम फुंडे को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव बनाया गया है. वहीं प्रेम रंजन सिंह को सर्व शिक्षा अभियान और मध्यान्ह भोजन योजना की जिम्मेदारी दी गई है. जबकि अभिषेक पाण्डेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त बनाया गया है. इसके साथ ही संजीव रंजन, जे. रीभा, बद्री नाथ सिंह और आशुतोष कुमार द्विवेदी को अलग-अलग विभागों में विशेष सचिव की जिम्मेदारी मिली है.
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निखिल टीकाराम फुंडे - विशेष सचिव, मुख्यमंत्री
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प्रेम रंजन सिंह - अपर राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान तथा निदेशक, मध्यान्ह भोजन अधिकरण
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अभिषेक पाण्डेय - अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद
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संजीव रंजन - विशेष सचिव, कृषि विभाग
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जे रीभा - विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग
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अरुण कुमार - विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग
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आशुतोष कुमार द्विवेदी - विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग
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बद्री नाथ सिंह - विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग
विकास प्राधिकरण और CDO में नई तैनाती
विकास कार्यों को गति देने के लिए भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. दीक्षा जैन को कानपुर स्थित औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है. वहीं अपरांजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण और प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इसके अलावा उत्कर्ष त्रिवेदी को शाहजहांपुर, अभिनव जेठ जैन को कानपुर नगर और दीक्षा जोशी को सीतापुर का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है. यह बदलाव राज्य में प्रशासन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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