चीन में रोबोट उद्योग की पूरी श्रृंखला में इजाफा
बीजिंग, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। मानवरूपी रोबोट के संयुक्त मॉड्यूल में रिड्यूसर और एनकोडर आदि कई मुख्य घटक शामिल हैं। संयुक्त मॉड्यूल की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होने के चलते इससे संबंधित पार्ट्स कंपनियों का विकास भी तेज होने लगा है।
एक एकीकृत संयुक्त मॉड्यूल में एनकोडर संवेदन के लिए मुख्य घटक है, जो रोबोट के जोड़ में नस जैसा है। युवा व्यापारी ल्यांग चंग ने वर्ष 2017 से एनकोडर के अनुसंधान और बिक्री का काम शुरू किया। वर्ष 2024 में उनकी कंपनी के विकास में गुणात्मक छलांग आई। कंपनी में कर्मचारियों की संख्या पिछले साल के 40 से बढ़कर 200 तक पहुंची।
ल्यांग चंग ने कहा कि शुरू में कंपनी प्रति वर्ष 10 हजार एनकोडर का उत्पादन कर सकती थी। वर्ष 2024 में 40 हजार एनकोडर का उत्पादन किया जा सकता था। पिछले साल 3 लाख एनकोडर का उत्पादन किया गया। योजना है कि कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 20 लाख यूनिट होगी।
मानवरूपी रोबोट का उत्पादन बढ़ने के चलते संबंधित सभी पार्ट्स कंपनियों के विकास में तेज वृद्धि हुई। श्येपो नाम की एक रिड्यूसर निर्माण कंपनी का उत्पादन पिछले साल करीब 5 लाख था। इस साल का लक्ष्य लगभग 10 लाख तक पहुंचना है।
उधर, एक मोटर कंपनी के मैनेजर ने कहा कि वर्ष 2024 से इस साल की पहली छमाही तक मानवरूपी रोबोट के मोटर के ऑर्डर की वृद्धि दर 100 प्रतिशत से 200 प्रतिशत तक कायम रही। अब हर महीने मानवरूपी रोबोट के मोटर की मांग लगभग 10 लाख है। अनुमान है कि इस साल शिपमेंट की मात्रा करीब 20 लाख पहुंचेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने द. कोरिया के एफएससी के चेयरमैन ली इओग-वेओन से की मुलाकात, वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दक्षिण कोरिया के फाइनेंशियल सर्विसेज कमीशन (एफएससी) के चेयरमैन ली इओग-वेओन से राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि इस बैठक में एफएससी के डायरेक्टर जनरल यूएन योसेओप और इंटरनेशनल फाइनेंस डिवीजन के डायरेक्टर किम यूनही भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान फिनटेक इनोवेशन, डिजिटल पेमेंट्स, निवेश, लोकल करेंसी सेटलमेंट और गिफ्ट आईएफएससी में बिजनेस के अवसरों जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने वित्तीय क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया और स्टार्टअप्स, द्विपक्षीय निवेश तथा भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर विचार किया। यह बैठक भारत और कोरिया के बीच वित्तीय साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और इसे 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि करीब आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के प्रति सम्मान जैसे कई साझा तत्व हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी दोनों देशों के हित समान हैं, जिसके चलते पिछले एक दशक में रिश्ते और मजबूत हुए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह साझेदारी भविष्य में और व्यापक होगी और चिप से लेकर तकनीक, टैलेंट से लेकर ऊर्जा तक हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच वित्तीय लेनदेन को आसान बनाने के लिए भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी का गठन किया गया है और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी तथा सप्लाई चेन के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू किया जाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















