'अमिताभ बच्चन की तरह दिवालिया नहीं होना चाहता था', बिग बी को लेकर सरेआम ये क्या बोल गए Samay Raina?
Samay Raina on India's Got latent Controversy: कॉमेडियन समय रैना इन दिनों अपने नए कॉमेडी स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं. ये शो उस बड़े विवाद के बाद आया है, जिसने उनके करियर और निजी जीवन दोनों को गहराई से प्रभावित किया था. वहीं हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान समय ने खुलकर बताया कि कैसे इस विवाद ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से हिला कर रख दिया था. तो चलिए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.
बुरी तरह प्रभावित हुई आर्थिक स्थिति
हाल ही में 'दोस्तकास्ट' से बातचीत में समय रैना ने बताया कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद के बाद उनके लगभग सभी प्रोजेक्ट्स अचानक रद्द हो गए. उन्होंने कहा कि, “मेरे सारे आने वाले एपिसोड कैंसल हो गए क्योंकि लोग डर गए थे. कोई भी नहीं चाहता था कि उनका एपिसोड अपलोड हो. जिन ऑर्गनाइजर्स के साथ काम कर रहा था, वो भी पीछे हट गए.”
समय ने आगे खुलासा किया कि उन्हें कई प्रोजेक्ट्स के लिए एडवांस पेमेंट मिल चुका था, जिसे उन्होंने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर दिया था. लेकिन जब प्रोजेक्ट्स कैंसल हुए, तो उन्हें वह पैसा वापस करना पड़ा. इसके लिए उन्हें अपनी FD तक तोड़नी पड़ी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई.
एड्स और डील्स भी हुईं रद्द
समय ने बताया कि सिर्फ शो ही नहीं, बल्कि ब्रांड डील्स और विज्ञापन प्रोजेक्ट्स भी उनसे छिन गए. उन्होंने कहा, “मैंने कई ऐड शूट किए थे, लेकिन कंपनियों ने अपने पैसे वापस मांग लिए. यहां तक कि बुकमायशो के साथ मेरा टूर डील था, जिसका एडवांस भी मैंने FD में डाल दिया था. वो पैसा भी वापस करना पड़ा. मैं उस समय बहुत डर गया था.” ये पूरा दौर उनके लिए बेहद तनावपूर्ण रहा, जहां एक साथ करियर और फाइनेंस दोनों पर असर पड़ा.
अमिताभ बच्चन जैसा दिवालिया होने का डर
इंटरव्यू के दौरान समय रैना ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें डर लगने लगा था कि कहीं उनकी हालत अमिताभ बच्चन जैसी न हो जाए. 1990 के दशक में अमिताभ बच्चन को भी गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था, जब उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) दिवालिया हो गई थी. उस समय उन पर भारी कर्ज चढ़ गया था और वो कानूनी मामलों में भी फंस गए थे. समय ने कहा कि उसी तरह की स्थिति का डर उन्हें लगातार परेशान कर रहा था.
क्या था ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद?
ये पूरा विवाद फरवरी 2025 में शुरू हुआ जब रणवीर अल्लाहबादिया, आशीष चंचलानी और अपूर्वा मखीजा, समय रैना के पॉडकास्ट ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में शामिल हुए थे. शो के दौरान रणवीर अल्लाहबादिया द्वारा माता-पिता से जुड़े एक आपत्तिजनक कमेंट ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा कर दिया. इसके बाद समय रैना, रणवीर, अपूर्वा और आशीष के खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं. विवाद बढ़ने पर समय को यह शो यूट्यूब से हटाना पड़ा, जबकि रणवीर अल्लाहबादिया ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. बाद में मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर को अपना पॉडकास्ट फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी.
‘स्टिल अलाइव’ से दमदार वापसी
इतनी मुश्किलों के बावजूद समय रैना ने हार नहीं मानी और अपने नए कॉमेडी स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ के साथ जोरदार वापसी की है. ये शो न सिर्फ उनके करियर का नया अध्याय है, बल्कि यह भी दिखाता है कि उन्होंने मुश्किल दौर से उबरकर खुद को फिर से खड़ा किया है.
ये भी पढ़ें: Deepika Padukone प्रेग्नेंसी में नहीं लेंगी ब्रेक, Raaka के एक्शन सीन्स की कर रहीं शूटिंग
अमेरिका में पिता बना हत्यारा: 8 मासूमों की ली जान, याद दिला दिया 'फैमिलिसाइड' का खौफनाक इतिहास
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस) अमेरिका के लुइसियाना राज्य के शरेवपोर्ट में 19 अप्रैल को जो हुआ, वह सोच से परे था। दिल दहला देने वाले मामले ने एक बार फिर उस दुर्लभ लेकिन भयावह अपराध की याद दिला दी, जिसे आपराधिक भाषा में फैमिलिसाइड कहा जाता है—यानी किसी व्यक्ति का अपने ही परिवार के कई सदस्यों की हत्या करना। इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत दुर्लभ होती हैं, लेकिन जब भी घटती हैं, समाज को झकझोर देती हैं।
शरेवपोर्ट मामले में जिस तरह एक पिता पर अपने ही बच्चों की हत्या का आरोप सामने आया है, उसने इतिहास के कुछ कुख्यात मामलों की याद ताज़ा कर दी है, जहाँ पारिवारिक रिश्ते हिंसा में बदल गए।
ऐसा ही एक शुरुआती और सबसे घातक मामला 1927 में अमेरिका के मिशिगन राज्य में सामने आया था, जब एंड्रयू किओहो ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद एक स्कूल में बम विस्फोट कर दिया था। इस हमले में 38 बच्चों सहित कुल 45 लोगों की मौत हुई थी। यह घटना आज भी अमेरिका के सबसे घातक स्कूल हमलों में गिनी जाती है और इसे पारिवारिक हिंसा तथा सार्वजनिक नरसंहार दोनों का मिश्रित उदाहरण माना जाता है।
इसके बाद 1971 में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब जॉन लिस्ट ने न्यू जर्सी में अपनी पत्नी, मां और तीन बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। लिस्ट ने इस अपराध के पीछे आर्थिक तंगी और कथित धार्मिक कारणों को जिम्मेदार बताया। वह लगभग 18 वर्षों तक फरार रहा और बाद में 1989 में गिरफ्तार किया गया।
हाल के वर्षों में, 2018 का क्रिस वॉट्स मामला भी दुनिया भर में चर्चा का विषय बना। कोलोराडो में रहने वाले वॉट्स ने अपनी गर्भवती पत्नी और दो छोटी बेटियों की हत्या कर दी थी। बाद में उसने अपराध स्वीकार किया और आजीवन कारावास की सजा पाई। इस मामले ने सोशल मीडिया युग में घरेलू हिंसा की जटिलता को भी उजागर किया।
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन और अन्य शोध संस्थानों के अध्ययन बताते हैं कि फैमिलिसाइड अत्यंत दुर्लभ होते हुए भी अत्यधिक घातक श्रेणी के अपराध हैं, जिनमें अक्सर अपराधी पहले अपने परिवार को ही निशाना बनाता है, क्योंकि वहां उसे सबसे अधिक नियंत्रण या भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है।
शरेवपोर्ट की हालिया घटना भी इसी संदर्भ में जांच के दायरे में है, जहां पुलिस अभी सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















