होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन-फ्रांस चलाएंगे संयुक्त रक्षात्मक मिशन
न्यूयॉर्क, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश और फ्रांस मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक रक्षात्मक मिशन चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह मिशन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर कोई टैक्स या टोल न लगे और यह पूरी तरह खुला रहे।
स्टार्मर यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह रहे थे, जहां करीब 50 देशों के प्रतिनिधि (कुछ सामने, कुछ ऑनलाइन) इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एकजुट हुए थे कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहे।
इस होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। स्टार्मर ने कहा कि अगले हफ्ते लंदन में एक और बैठक होगी, जिसमें आगे की योजना तय की जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो पहले ही सहयोगी देशों पर आरोप लगा चुके थे कि वे इस रास्ते को खुला रखने में मदद नहीं कर रहे, उन्होंने ब्रिटेन-फ्रांस की इस पहल को खारिज कर दिया।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “मुझे नाटो से कॉल आया कि क्या हमें मदद चाहिए। मैंने उन्हें कहा कि दूर रहें, जब तक कि वे सिर्फ अपने जहाज तेल से भरना नहीं चाहते। जरूरत के समय वे बेकार थे, सिर्फ कागजी शेर।”
ईरान ने यह घोषणा की कि युद्धविराम के दौरान यह होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, जिससे पेरिस में मौजूद नेताओं को हैरानी हुई।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह रास्ता पूरी तरह खुला है। ट्रंप ने भी थैंक यू पोस्ट करके इसकी पुष्टि की, लेकिन साथ ही कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी।
ट्रंप ने एक और पोस्ट में कहा, “ईरान, अमेरिका की मदद से, समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटा रहा है या हटा चुका है।” हालांकि, तेहरान की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।
अराघची ने इस रास्ते के खुलने को लेबनान-इजरायल के बीच हुए युद्धविराम से जोड़ा, जो गुरुवार से लागू हुआ, लेकिन ट्रंप ने कहा कि इसका इससे कोई संबंध नहीं है।
--आईएएनएस
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Gold Price Update: निवेशकों और ग्राहकों को राहत, सोने-चांदी के गिरे दाम; खरीदारी से पहले जान लें ताजा भाव
Gold Price Update: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में बदलाव के चलते आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, आज सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम 1,451 रुपए की कमी आई है, जिसके बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 1.52 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच गई है. इससे पहले गुरुवार को बाजार बंद होने तक सोने का भाव 1.53 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ था.
चांदी की कीमतों में भी आया बड़ा बदलाव
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी खरीदने वालों के लिए भी आज का दिन सुकून भरा रहा. बाजार में एक किलो चांदी की कीमत 1,352 रुपए कम होकर अब 2.50 लाख रुपए पर आ गई है. बता दें कि 16 अप्रैल को चांदी का भाव 2.51 लाख रुपए के आसपास था. जानकारों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद बाजार में मुनाफावसूली हावी होने के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है. अगर हम पिछले कुछ हफ्तों का आंकड़ा देखें, तो ईरान जंग की शुरुआत के बाद से अब तक सोना करीब 7,442 रुपए और चांदी 16,760 रुपए सस्ती हो चुकी है. जंग शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को सोने का भाव 1.59 लाख रुपए और चांदी 2.67 लाख रुपए प्रति किलो थी.
शहरों के हिसाब से क्यों बदलते हैं दाम
अक्सर देखा जाता है कि देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक समान नहीं होते. इसके पीछे कई मुख्य वजहें काम करती हैं. पहली वजह ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा से जुड़ी है. किसी भी शहर में सोना ले जाने के लिए ईंधन और सुरक्षा का बड़ा खर्च होता है, जो अंत में सोने की कीमत में जोड़ दिया जाता है. दूसरी वजह खरीदारी की मात्रा है, दक्षिण भारत जैसे इलाकों में सोने की खपत देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले बहुत ज्यादा है, जिससे वहां के ज्वेलर्स को बड़ी खरीद पर कुछ रियायतें मिलती हैं. इसके अलावा लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन भी स्थानीय मांग और आपूर्ति को देखते हुए अपने रेट तय करते हैं. ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक भी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है.
ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आई कीमतें
साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में हालात बदले हैं. 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो 29 जनवरी 2026 को अपने उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपए पर जा पहुंचा था. अब वहां से कीमतें गिरकर 1.52 लाख रुपए के आसपास आ गई हैं, यानी सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 25 हजार रुपए सस्ता हो चुका है. चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. जनवरी के अंत में चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर थी, जो अब 2.48 लाख रुपए से 2.50 लाख रुपए के बीच कारोबार कर रही है. पिछले 78 दिनों में चांदी की कीमतों में करीब 1.38 लाख रुपए की भारी गिरावट देखी गई है.
खरीदारी करते वक्त इन बातों का रखें ख्याल
जब भी आप सोने या चांदी की खरीदारी के लिए बाजार जाएं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है. हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें. हॉलमार्क पर लगा अल्फा न्यूमेरिक कोड सोने की शुद्धता की पहचान होता है. इसके साथ ही खरीदारी के दिन सोने का सही वजन और उसकी मौजूदा कीमत को आईबीजेए जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से जरूर चेक करें. याद रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम हमेशा अलग होते हैं.
कैसे करें चांदी की पहचान
असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं क्योंकि असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती. इसके अलावा बर्फ के टुकड़े से भी जांच की जा सकती है, क्योंकि चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है. सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो वह चांदी की शुद्धता का प्रमाण माना जाता है.
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