Gold Price Update: निवेशकों और ग्राहकों को राहत, सोने-चांदी के गिरे दाम; खरीदारी से पहले जान लें ताजा भाव
Gold Price Update: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में बदलाव के चलते आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, आज सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम 1,451 रुपए की कमी आई है, जिसके बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 1.52 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच गई है. इससे पहले गुरुवार को बाजार बंद होने तक सोने का भाव 1.53 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ था.
चांदी की कीमतों में भी आया बड़ा बदलाव
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी खरीदने वालों के लिए भी आज का दिन सुकून भरा रहा. बाजार में एक किलो चांदी की कीमत 1,352 रुपए कम होकर अब 2.50 लाख रुपए पर आ गई है. बता दें कि 16 अप्रैल को चांदी का भाव 2.51 लाख रुपए के आसपास था. जानकारों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद बाजार में मुनाफावसूली हावी होने के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है. अगर हम पिछले कुछ हफ्तों का आंकड़ा देखें, तो ईरान जंग की शुरुआत के बाद से अब तक सोना करीब 7,442 रुपए और चांदी 16,760 रुपए सस्ती हो चुकी है. जंग शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को सोने का भाव 1.59 लाख रुपए और चांदी 2.67 लाख रुपए प्रति किलो थी.
शहरों के हिसाब से क्यों बदलते हैं दाम
अक्सर देखा जाता है कि देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक समान नहीं होते. इसके पीछे कई मुख्य वजहें काम करती हैं. पहली वजह ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा से जुड़ी है. किसी भी शहर में सोना ले जाने के लिए ईंधन और सुरक्षा का बड़ा खर्च होता है, जो अंत में सोने की कीमत में जोड़ दिया जाता है. दूसरी वजह खरीदारी की मात्रा है, दक्षिण भारत जैसे इलाकों में सोने की खपत देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले बहुत ज्यादा है, जिससे वहां के ज्वेलर्स को बड़ी खरीद पर कुछ रियायतें मिलती हैं. इसके अलावा लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन भी स्थानीय मांग और आपूर्ति को देखते हुए अपने रेट तय करते हैं. ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक भी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है.
ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आई कीमतें
साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में हालात बदले हैं. 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो 29 जनवरी 2026 को अपने उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपए पर जा पहुंचा था. अब वहां से कीमतें गिरकर 1.52 लाख रुपए के आसपास आ गई हैं, यानी सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 25 हजार रुपए सस्ता हो चुका है. चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. जनवरी के अंत में चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर थी, जो अब 2.48 लाख रुपए से 2.50 लाख रुपए के बीच कारोबार कर रही है. पिछले 78 दिनों में चांदी की कीमतों में करीब 1.38 लाख रुपए की भारी गिरावट देखी गई है.
खरीदारी करते वक्त इन बातों का रखें ख्याल
जब भी आप सोने या चांदी की खरीदारी के लिए बाजार जाएं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है. हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें. हॉलमार्क पर लगा अल्फा न्यूमेरिक कोड सोने की शुद्धता की पहचान होता है. इसके साथ ही खरीदारी के दिन सोने का सही वजन और उसकी मौजूदा कीमत को आईबीजेए जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से जरूर चेक करें. याद रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम हमेशा अलग होते हैं.
कैसे करें चांदी की पहचान
असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं क्योंकि असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती. इसके अलावा बर्फ के टुकड़े से भी जांच की जा सकती है, क्योंकि चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है. सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो वह चांदी की शुद्धता का प्रमाण माना जाता है.
रेल सुरक्षा में बड़ा सुधार: रेल फ्रैक्चर 92 प्रतिशत और वेल्ड फेल्योर 93 प्रतिशत घटे: वैष्णव
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रेलवे में रेल पटरियों में फ्रैक्चर की घटनाएं 92 प्रतिशत और वेल्ड फेल्योर 93 प्रतिशत तक कम हुए हैं, जो ट्रैक सुरक्षा में एक बड़ा सुधार दर्शाता है।
एक राष्ट्रीय प्रकाशन में लिखते हुए वैष्णव ने कहा कि ये उपलब्धियां 2014 के बाद शुरू हुए व्यापक संरचनात्मक बदलावों का हिस्सा हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे संचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर रेलवे सुरक्षा का आकलन प्रति अरब यात्री-किलोमीटर पर होने वाली मौतों या दुर्घटनाओं के आधार पर किया जाता है, जिससे देशों के बीच तुलना संभव होती है।
वैष्णव के अनुसार, जहां यूरोपीय संघ में यह आंकड़ा लगभग 0.09 है, वहीं भारत ने अपने ‘कंसिक्वेंशियल एक्सीडेंट इंडेक्स’ को सुधारकर 0.01 तक पहुंचा दिया है, जो बड़े और जटिल रेल नेटवर्क वाले देशों में भारत की स्थिति को मजबूत बनाता है।
उन्होंने दशक-दर-दशक के आंकड़ों को इस बदलाव का सबसे स्पष्ट प्रमाण बताया। कंसिक्वेंशियल ट्रेन दुर्घटनाएं 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में केवल 16 रह गई हैं, जो 89 प्रतिशत की कमी को दर्शाती हैं।
इसी अवधि में दुर्घटना सूचकांक 0.11 से घटकर 0.01 हो गया है, जो यह संकेत देता है कि ट्रेन संचालन के विस्तार के बावजूद रेलवे नेटवर्क पहले से अधिक सुरक्षित हुआ है।
वैष्णव ने कहा कि भारत जैसे जटिल रेल तंत्र में, जहां यात्री, माल, उपनगरीय और एक्सप्रेस सेवाएं एक ही ट्रैक पर संचालित होती हैं, यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने इस बदलाव को केवल क्रमिक सुधार नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक परिवर्तन बताया, जो निरंतर निवेश, तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा के प्रति दीर्घकालिक नीति प्रतिबद्धता के कारण संभव हुआ है।
वैष्णव ने कहा, “भारत की रेलवे सुरक्षा यात्रा को वैश्विक मानकों से तुरंत तुलना के बजाय सुधार की गति और नीयत के आधार पर देखा जाना चाहिए। यही दृष्टिकोण देश को धीरे-धीरे दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क के बराबर ला रहा है।”
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















