अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों में हो सकती है वार्ता, ट्रंप बोले- पाकिस्तान में बैठक की उम्मीद
वाशिंगटन, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीधी बातचीत का दूसरा राउंड “अगले दो दिनों में” हो सकता है। यह एक संभावित डिप्लोमैटिक शुरुआत का संकेत है, जबकि अमेरिका ईरान से जुड़े शिपिंग को टारगेट करते हुए अमेरिकी नौसेना ब्लॉकेड को आगे बढ़ा रही है।
न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बातचीत जल्द ही हो सकती है और पाकिस्तान को एक संभावित जगह बताया। उन्होंने इस्लामाबाद का जिक्र करते हुए कहा, अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है, और हम वहां जाने के लिए ज्यादा तैयार हैं।
बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच पहले राउंड की वार्ता घंटो तक चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई सहमति नहीं बनी। ट्रंप ने कहा कि शुरुआती प्लान यूरोप की ओर इशारा कर रहे थे, फिर पाकिस्तान की ओर शिफ्ट हो गए।
यह डिप्लोमैटिक कोशिश खाड़ी में बढ़ते तनाव के साथ हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पहले 24 घंटों में ईरानी पोर्ट से कोई भी जहाज उसके ब्लॉकेड से नहीं गुजरा। छह मर्चेंट जहाजों ने अमेरिका के निर्देशों का पालन किया और ओमान की खाड़ी में ईरानी पोर्ट की ओर वापस मुड़ गए।
शिपिंग डेटा में भी मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली। ब्लॉकेड शुरू होने के बाद ईरान से जुड़े कई जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए ट्रैक किया गया। इसी समय में 20 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों ने स्ट्रेट पार किया, जिनमें टैंकर और मालवाहक जहाज शामिल थे। ये जहाज ईरानी पोर्ट से नहीं निकले थे। इससे पता चलता है कि मुख्य जलमार्ग से ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित नहीं हुआ है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जॉर्जिया में कहा कि वाशिंगटन तेहरान के साथ एक बड़ा समझौता करना चाहता है। अमेरिका चाहता है कि ईरान आर्थिक रूप से तरक्की करे, लेकिन तभी जब वह न्यूक्लियर हथियार न बनाने का वादा करे।
इस इलाके में दूसरी जगहों पर भी कूटनीतिक गतिविधि चल रही है। वॉशिंगटन में आमने-सामने की बातचीत के बाद इजरायल और लेबनान “सीधी बातचीत शुरू करने” पर सहमत हुए, इस कदम को ईरान संघर्ष से जुड़े तनाव को स्थिर करने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने लगातार बातचीत जारी रखने की अपील की है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना है और उन्होंने लगातार डिप्लोमैटिक कोशिशों की अपील की।
बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद पर बाजार में तुरंत गतिविधि देखने को मिला। यूएस क्रूड फ्यूचर्स लगभग 8 फीसदी गिरकर हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर आ गए, जिससे उम्मीद जगी है कि तनाव कम हो सकता है और एनर्जी फ्लो स्थिर हो सकता है।
फिर भी, ब्लॉकेड और उसे लागू करने को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर में तेल शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा जाता है, जिससे यह एनर्जी मार्केट के लिए एक अहम चोकपॉइंट बन जाता है।
अमेरिका-ईरान का टकराव तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और क्षेत्रीय भूमिका पर केंद्रित दशकों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद हुआ है। प्रतिबंधों में राहत के बदले ईरान की न्यूक्लियर गतिविधि को रोकने की पिछली कोशिशें बार-बार रुकी हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी लगातार रुकावट से ऐतिहासिक रूप से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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सम्राट चौधरी आज लेंगे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, पहली बार राज्य को मिलेगा भाजपा का CM
बिहार में आज नई सरकार का गठन होने जा रहा है। दरअसल भाजपा नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं शपथ ग्रहण समारोह पटना के लोकभवन के जर्मन हैंगर में सुबह 11 बजे आयोजित होगा। उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेंगे। इस बदलाव के साथ राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
दरअसल लगभग दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि अब नई सरकार राज्य का काम संभालेगी और वे उसे पूरा सहयोग देंगे। इस फैसले के बाद एनडीए में नई नेतृत्व व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई और भाजपा विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया।
बिहार को पहली बार मिलेगा भाजपा का मुख्यमंत्री
वहीं सम्राट चौधरी के शपथ लेने के साथ ही बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब तक भाजपा गठबंधन का हिस्सा रहते हुए सरकार में शामिल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद जदयू के पास ही रहा था। एनडीए की बैठक में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में नीतीश कुमार ने खुद उनका नाम प्रस्तावित किया। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच सम्मान का माहौल भी देखने को मिला। नीतीश कुमार ने सम्राट को माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं, जबकि सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
दरअसल सम्राट चौधरी ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा कि वे पिछले करीब 30 साल से राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा ने उन्हें काम करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रभावित होकर वे भाजपा से जुड़े और 2015 से लगातार पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे बिहार के विकास को नई गति देने की कोशिश करेंगे।
जदयू के दो नेता बनेंगे डिप्टी सीएम
दरअसल नई सरकार में भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। इसी के तहत जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी दी जा रही है। दोनों नेता बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और प्रशासनिक अनुभव भी रखते हैं। शपथ ग्रहण समारोह पटना के लोकभवन पटना में आयोजित होगा। कार्यक्रम में एनडीए के कई बड़े नेता, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के शामिल होने की संभावना है।
वहीं सम्राट चौधरी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए सरकार चलाने के कई पहलू सीखे हैं। उनका कहना है कि नीतीश कुमार ने जिस समृद्ध बिहार का सपना देखा था, उसे आगे बढ़ाना ही नई सरकार की प्राथमिकता होगी।
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